20 जुलाई 2026
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गाय विश्व माता है, योगी ने सही कहा: जगद्गुरु रामभद्राचार्य; गोवध बंदी के लिए माँगी 370 सीटें

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गाय विश्व माता है, योगी ने सही कहा: जगद्गुरु रामभद्राचार्य; गोवध बंदी के लिए माँगी 370 सीटें

सारांश

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने CM योगी के गाय बयान को सही ठहराया और गोवध बंदी के लिए 2029 चुनाव में हिंदुत्ववादियों को 370 लोकसभा सीटें दिलाने का आह्वान किया। साथ ही बंगाल में उत्पीड़न, गाजियाबाद एनकाउंटर और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर भी तीखी टिप्पणी की।

मुख्य बातें

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने 2 जून 2026 को CM योगी आदित्यनाथ के गाय संबंधी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि गाय विश्व माता है।
गोवध बंदी के लिए 2029 के लोकसभा चुनाव में हिंदुत्ववादियों को 370 सीटें दिलाने की अपील की।
पश्चिम बंगाल में उत्पीड़न का उल्लेख करते हुए कहा कि रामजी के आदर्शों पर चलने से अत्याचार मिटेंगे।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी-यात्रा की आलोचना करते हुए आदि शंकराचार्य की साधुता का उदाहरण दिया।
गाजियाबाद एनकाउंटर को उचित ठहराया और विपक्षी नेताओं पर देश की बदनामी करने का आरोप लगाया।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने 2 जून 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाय संबंधी बयान का पुरज़ोर समर्थन करते हुए कहा कि गाय विश्व माता है और मुख्यमंत्री ने बिल्कुल ठीक कहा है। उन्होंने गोवध पूर्ण रूप से बंद करने के लिए 2029 के लोकसभा चुनाव में हिंदुत्ववादी दलों को 370 सीटें दिलाने की अपील भी की।

गोवध बंदी पर रामभद्राचार्य का आह्वान

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, 'गाय स्वयं माँ हैं। गोवध बंद होने का एक ही उपाय है — अगले निर्वाचन में हिंदुत्ववादियों को 370 सीटें मिल जाएँ तो तुरंत गोवध बंद हो जाएगा।' उन्होंने विश्वास जताया कि 2029 तक यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश और बंगाल पर टिप्पणी

रामभद्राचार्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिर कमल खिलेगा और उनका संदेश है — 'चाहे पंथ अनेक हों, हम सब हिंदू एक हों।' पश्चिम बंगाल को लेकर उन्होंने कहा कि वहाँ बहुत उत्पीड़न हुआ है। उन्होंने कहा कि जब देश रामजी के आदर्शों पर चलेगा, तब कदाचार, व्यभिचार, अत्याचार और अनाचार सब मिट जाएँगे।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर तीखी टिप्पणी

जगद्गुरु ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी छवि के लिए कभी राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब पुलिस ने गंगा स्नान के लिए एक निश्चित सीमा तय कर दी थी, तब पालकी से गंगा तट तक जाने की आवश्यकता क्या थी। उन्होंने आदि शंकराचार्य का उदाहरण देते हुए कहा कि वे पैदल आए थे — यही सच्ची साधुता है।

गाजियाबाद एनकाउंटर पर प्रतिक्रिया

गाजियाबाद एनकाउंटर पर जगद्गुरु ने कहा कि अपराध देखकर एनकाउंटर किया जा रहा है। उन्होंने बकरीद के मौके पर एक लड़के की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति का एनकाउंटर होना कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा और कहा कि वे देश की बदनामी करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि केवल आस्था का प्रश्न। यह ऐसे समय में आया है जब 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो रही हैं और हिंदुत्व की राजनीति को नए सिरे से धार देने की कोशिश हो रही है। बंगाल और गाजियाबाद एनकाउंटर पर की गई टिप्पणियाँ बताती हैं कि धार्मिक नेताओं की राय अब केवल आध्यात्मिक दायरे तक सीमित नहीं रही। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ऐसे बयानों को अलग-थलग रिपोर्ट करती है, जबकि इनका संचयी प्रभाव चुनावी विमर्श को आकार देता है — यही वह संदर्भ है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने CM योगी के किस बयान का समर्थन किया?
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाय को 'विश्व माता' बताने वाले बयान का समर्थन किया और कहा कि मुख्यमंत्री ने बिल्कुल ठीक कहा है। उन्होंने गाय को स्वयं माँ का दर्जा देते हुए गोवध बंदी की माँग दोहराई।
रामभद्राचार्य ने गोवध बंदी के लिए 370 सीटों की माँग क्यों की?
जगद्गुरु रामभद्राचार्य के अनुसार, गोवध बंद करने के लिए संसद में पर्याप्त बहुमत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि 2029 के लोकसभा चुनाव में हिंदुत्ववादी दलों को 370 सीटें मिल जाएँ तो गोवध तुरंत बंद हो सकता है।
रामभद्राचार्य ने पश्चिम बंगाल के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बहुत उत्पीड़न हुआ है और पहले वहाँ जाने पर पाकिस्तान जैसा अनुभव होता था। उन्होंने कहा कि रामजी के आदर्शों पर चलने से कदाचार, व्यभिचार और अत्याचार समाप्त होंगे।
जगद्गुरु ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना किस बात पर की?
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अपनी छवि के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब पुलिस ने गंगा स्नान के लिए सीमा तय कर दी थी, तब पालकी से गंगा तट तक जाने की क्या आवश्यकता थी, और आदि शंकराचार्य का उदाहरण देते हुए पैदल चलने को सच्ची साधुता बताया।
गाजियाबाद एनकाउंटर पर रामभद्राचार्य का क्या कहना था?
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अपराध देखकर एनकाउंटर किया जा रहा है। उन्होंने बकरीद के मौके पर एक लड़के की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति का एनकाउंटर होना कोई बड़ी बात नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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