19 जुलाई 2026
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शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास की मांग: पूरे देश में गौहत्या पर लगे पाबंदी, 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था का रखें ख्याल

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शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास की मांग: पूरे देश में गौहत्या पर लगे पाबंदी, 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था का रखें ख्याल

सारांश

एक शिया धर्मगुरु का देशव्यापी गौहत्या प्रतिबंध का समर्थन — यह बयान उस बहस को नया मोड़ देता है जो अब तक केवल हिंदू नेताओं तक सीमित मानी जाती थी। मौलाना सैफ अब्बास ने योगी के बयान को आधार बनाकर 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था का हवाला दिया।

मुख्य बातें

शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने 2 जून 2026 को लखनऊ में देशव्यापी गौहत्या प्रतिबंध की मांग का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि 100 करोड़ हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान न करना 'अफसोसनाक' है।
यह बयान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'गाय हमारी माता है' वाले वक्तव्य की प्रतिक्रिया में आया।
मौलाना ने बच्चों को संस्कार और भेदभाव-मुक्त शिक्षा देने की भी अपील की।
उत्तर प्रदेश में गौहत्या पर पहले से कड़े कानून हैं; राष्ट्रीय स्तर पर एकसमान कानून की माँग अब नई बहस का केंद्र बन रही है।

शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने 2 जून 2026 को लखनऊ में देशव्यापी गौहत्या प्रतिबंध की मांग का खुलकर समर्थन किया और कहा कि 100 करोड़ हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना अनिवार्य है। यह बयान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाय को लेकर दिए गए हालिया वक्तव्य की प्रतिक्रिया में आया है।

मौलाना सैफ अब्बास का बयान

मौलाना सैफ अब्बास ने कहा, 'मुख्यमंत्री ने कहा है कि गाय हमारी माता है। हम भी माता होने की वजह से पूरे देश में गाय की हत्या पर पाबंदी लगाए जाने की मांग कर रहे हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था का ख्याल न रखा जाए, यह अफसोसनाक है।

उन्होंने एक तीखा सवाल भी उठाया — 'क्या गाय की उम्र अगर 14 साल हो जाए तो वह माता नहीं रह जाएगी?' यह सवाल उन तर्कों पर कटाक्ष था जो वृद्ध गायों को आर्थिक बोझ बताकर उनकी हत्या को उचित ठहराते हैं।

सामाजिक सौहार्द और बच्चों की परवरिश पर जोर

मौलाना ने धार्मिक मुद्दे से आगे जाकर सामाजिक सरोकारों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दोस्ती के नाम पर विश्वासघात नहीं होना चाहिए और बच्चों को संस्कार देना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

उन्होंने चिंता जताई कि आज कम उम्र के बच्चे खराब आदतों का शिकार बन रहे हैं। उनके अनुसार, 'हर माता-पिता को अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलानी चाहिए। जिस भेदभाव वाले माहौल की चर्चा हो रही है, उस माहौल में हमें अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा देनी चाहिए कि वे भेदभाव खत्म कर सकें और समाज को मजबूत बना सकें।'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मूल बयान

गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग पर कहा था कि 'गौ हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है। क्या माँ-पुत्र के बीच कुछ घोषित करने की जरूरत होती है?'

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था, 'गाय हमारी माता है, वह पशु नहीं है। पशु तो तुम्हारी बुद्धि है।' उन्होंने उन लोगों पर निशाना साधा जो एक ओर गौकशी का समर्थन करते हैं और दूसरी ओर बकरीद पर गौमाता का चित्र दिखाकर बधाई देते हैं। उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश में गौहत्या का मतलब जानते हो?'

व्यापक संदर्भ और आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब देश में गाय से जुड़े कानूनों और राष्ट्रीय पशु की बहस एक बार फिर केंद्र में है। उत्तर प्रदेश में गौहत्या पर पहले से कड़े प्रावधान लागू हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर एकसमान कानून की माँग अब विभिन्न धार्मिक समुदायों के नेताओं की ओर से भी उठने लगी है। मौलाना सैफ अब्बास का यह बयान इस बहस को एक नई दिशा देता है, क्योंकि एक मुस्लिम धर्मगुरु की ओर से इस तरह की मांग असामान्य और उल्लेखनीय मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़ी राजनीतिक गतिशीलता का हिस्सा है जिसमें धार्मिक अल्पसंख्यक नेता बहुसंख्यक भावनाओं के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश करते दिखते हैं। असली सवाल यह है कि क्या यह बयान किसी ठोस नीतिगत संवाद की नींव रखता है, या केवल एक प्रतिक्रियावादी वक्तव्य है। राष्ट्रीय स्तर पर गौहत्या प्रतिबंध का मुद्दा संवैधानिक, आर्थिक और सामाजिक जटिलताओं से भरा है — जिन पर इस बयान में कोई चर्चा नहीं है। मुख्यधारा की कवरेज इस बयान की प्रतीकात्मकता पर ध्यान देती है, लेकिन यह नहीं पूछती कि क्या यह समर्थन किसी संगठित मुस्लिम धार्मिक मंच की सहमति को दर्शाता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना सैफ अब्बास ने गौहत्या प्रतिबंध की मांग क्यों की?
मौलाना सैफ अब्बास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'गाय हमारी माता है' वाले बयान का हवाला देते हुए कहा कि यदि गाय माता है, तो 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था के सम्मान में देशभर में गौहत्या पर पाबंदी लगनी चाहिए। उनका कहना था कि धार्मिक भावनाओं की अनदेखी करना अफसोसनाक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाय के बारे में क्या कहा था?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की जरूरत नहीं, क्योंकि 'गौ हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है।' उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग गाय को पशु कहते हैं, उनकी सोच 'पशुवत' है।
क्या भारत में राष्ट्रीय स्तर पर गौहत्या प्रतिबंध लागू है?
अभी तक भारत में राष्ट्रीय स्तर पर एकसमान गौहत्या प्रतिबंध नहीं है। उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में गौहत्या पर कड़े कानून हैं, लेकिन कुछ राज्यों में यह पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है। देशव्यापी प्रतिबंध की मांग समय-समय पर उठती रही है।
मौलाना सैफ अब्बास ने बच्चों की शिक्षा पर क्या कहा?
मौलाना ने कहा कि बच्चों को संस्कार और भेदभाव-मुक्त शिक्षा देना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने चिंता जताई कि कम उम्र के बच्चे खराब आदतों का शिकार हो रहे हैं और माता-पिता को उन्हें ऐसी शिक्षा देनी चाहिए जिससे वे समाज को मजबूत बना सकें।
इस बयान का राजनीतिक महत्व क्या है?
एक शिया मुस्लिम धर्मगुरु का गौहत्या प्रतिबंध का समर्थन करना असामान्य माना जा रहा है, क्योंकि यह मांग आमतौर पर हिंदू धार्मिक और राजनीतिक नेताओं की ओर से आती है। यह बयान सांप्रदायिक सौहार्द और राजनीतिक संरेखण दोनों के नजरिए से चर्चा का विषय बन गया है।
राष्ट्र प्रेस
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