शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास की मांग: पूरे देश में गौहत्या पर लगे पाबंदी, 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था का रखें ख्याल
सारांश
मुख्य बातें
शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने 2 जून 2026 को लखनऊ में देशव्यापी गौहत्या प्रतिबंध की मांग का खुलकर समर्थन किया और कहा कि 100 करोड़ हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना अनिवार्य है। यह बयान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाय को लेकर दिए गए हालिया वक्तव्य की प्रतिक्रिया में आया है।
मौलाना सैफ अब्बास का बयान
मौलाना सैफ अब्बास ने कहा, 'मुख्यमंत्री ने कहा है कि गाय हमारी माता है। हम भी माता होने की वजह से पूरे देश में गाय की हत्या पर पाबंदी लगाए जाने की मांग कर रहे हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था का ख्याल न रखा जाए, यह अफसोसनाक है।
उन्होंने एक तीखा सवाल भी उठाया — 'क्या गाय की उम्र अगर 14 साल हो जाए तो वह माता नहीं रह जाएगी?' यह सवाल उन तर्कों पर कटाक्ष था जो वृद्ध गायों को आर्थिक बोझ बताकर उनकी हत्या को उचित ठहराते हैं।
सामाजिक सौहार्द और बच्चों की परवरिश पर जोर
मौलाना ने धार्मिक मुद्दे से आगे जाकर सामाजिक सरोकारों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दोस्ती के नाम पर विश्वासघात नहीं होना चाहिए और बच्चों को संस्कार देना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।
उन्होंने चिंता जताई कि आज कम उम्र के बच्चे खराब आदतों का शिकार बन रहे हैं। उनके अनुसार, 'हर माता-पिता को अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलानी चाहिए। जिस भेदभाव वाले माहौल की चर्चा हो रही है, उस माहौल में हमें अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा देनी चाहिए कि वे भेदभाव खत्म कर सकें और समाज को मजबूत बना सकें।'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मूल बयान
गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग पर कहा था कि 'गौ हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है। क्या माँ-पुत्र के बीच कुछ घोषित करने की जरूरत होती है?'
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था, 'गाय हमारी माता है, वह पशु नहीं है। पशु तो तुम्हारी बुद्धि है।' उन्होंने उन लोगों पर निशाना साधा जो एक ओर गौकशी का समर्थन करते हैं और दूसरी ओर बकरीद पर गौमाता का चित्र दिखाकर बधाई देते हैं। उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश में गौहत्या का मतलब जानते हो?'
व्यापक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब देश में गाय से जुड़े कानूनों और राष्ट्रीय पशु की बहस एक बार फिर केंद्र में है। उत्तर प्रदेश में गौहत्या पर पहले से कड़े प्रावधान लागू हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर एकसमान कानून की माँग अब विभिन्न धार्मिक समुदायों के नेताओं की ओर से भी उठने लगी है। मौलाना सैफ अब्बास का यह बयान इस बहस को एक नई दिशा देता है, क्योंकि एक मुस्लिम धर्मगुरु की ओर से इस तरह की मांग असामान्य और उल्लेखनीय मानी जा रही है।