13 जुलाई 2026
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गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे केंद्र: राजद एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब की मांग, BJP पर दोहरे चरित्र का आरोप

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गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे केंद्र: राजद एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब की मांग, BJP पर दोहरे चरित्र का आरोप

सारांश

ईद-उल-अजहा पर राजद एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग दोहराई और BJP पर 2014 के बाद बीफ निर्यात में वृद्धि का आरोप लगाया। उन्होंने सर्वधर्म आंदोलन की अपील करते हुए बीफ कंपनियों पर तत्काल प्रतिबंध की माँग की।

मुख्य बातें

राजद एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब ने 28 मई 2026 को मुजफ्फरपुर में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 के बाद भारत में बीफ निर्यात में लगातार वृद्धि हुई और देश कथित तौर पर इस मामले में शीर्ष पर पहुँचा।
सोहैब ने BJP पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया — एक तरफ गौ रक्षा, दूसरी तरफ बीफ फैक्ट्रियों को संरक्षण।
राजद ने इस मुद्दे पर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय को जोड़कर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाने का ऐलान किया।
केंद्र सरकार से देश की सभी बीफ कंपनियाँ तत्काल बंद करने और गाय के नाम पर हिंसा रोकने की माँग।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान परिषद सदस्य मोहम्मद कारी सोहैब ने 28 मई 2026 को मुजफ्फरपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार से गाय को तत्काल राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग दोहराई। ईद-उल-अजहा के अवसर पर दिए गए इस बयान में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गाय के नाम पर राजनीति करते हुए दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया।

कुर्बानी का संदेश: भाईचारा और त्याग

सोहैब ने कहा कि ईद-उल-अजहा पर असली कुर्बानी का अर्थ है अपने जज्बात, अहंकार, गुस्से और घमंड की बलि देना। उनके अनुसार, जब समाज भाईचारे और मोहब्बत के साथ चलता है, तभी देश और समाज दोनों का भला होता है। यह ऐसे समय में आया है जब सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर देशभर में बहस तेज़ है।

BJP पर बीफ निर्यात को लेकर सीधा हमला

राजद एमएलसी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद से देश में बीफ निर्यात में लगातार वृद्धि हुई है और आज भारत कथित तौर पर दुनिया में बीफ निर्यात के मामले में शीर्ष स्थान पर पहुँच गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि BJP खुद को गौभक्त बताती है, जबकि उसके शासनकाल में सबसे अधिक बीफ निर्यात हो रहा है।

सोहैब ने यह भी आरोप लगाया कि सीमावर्ती क्षेत्रों से खुलेआम तस्करी की घटनाओं के वीडियो सामने आते रहे हैं, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जो लोग गाय के नाम पर राजनीति करते हैं, वही लोग बीफ कारोबारियों से चंदा लेकर समाज में नफरत फैलाने का काम करते हैं।

मॉब लिंचिंग और हिंसा पर कड़ा रुख

सोहैब ने स्पष्ट कहा कि एक सच्चा सनातनी और भगवान राम का अनुयायी कभी नफरत, हिंसा या मॉब लिंचिंग का समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने हमेशा मर्यादा, प्रेम और त्याग का संदेश दिया। गौरतलब है कि उन्होंने राजस्थान में बड़ी संख्या में गायों की मौत का भी उल्लेख करते हुए सवाल किया कि उस समय तथाकथित गौरक्षा दल कहाँ थे।

राजद का राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन चलाएगा और देशभर के हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोगों से इस अभियान में शामिल होने की अपील करेगा। सोहैब ने केंद्र सरकार से माँग की कि देश की सभी बीफ कंपनियों को तत्काल बंद किया जाए और गाय के नाम पर होने वाली राजनीति तथा हिंसा पर रोक लगाई जाए।

राष्ट्रीय पशु की माँग: तर्क और संदर्भ

सोहैब ने तर्क दिया कि जिस प्रकार मोर को राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा प्राप्त है, उसी प्रकार गाय को भी राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, यह कदम गाय के नाम पर होने वाली हिंसा और नफरत की राजनीति को समाप्त करने का एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है। फिलहाल भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है। यह पहली बार नहीं है जब सोहैब ने यह माँग उठाई है — वे पहले भी इस विषय पर अपना पक्ष रख चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एक तीखा राजनीतिक प्रहार है। हालाँकि, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग कानूनी और संवैधानिक जटिलताओं से भरी है, और RJD ने अब तक इस पर कोई ठोस विधायी रोडमैप नहीं दिया है। यह बयान चुनावी मौसम में सर्वधर्म एकता की छवि बनाने का प्रयास अधिक लगता है, नीतिगत प्रतिबद्धता कम।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद कारी सोहैब ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग क्यों की?
राजद एमएलसी सोहैब का तर्क है कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने से गाय के नाम पर होने वाली हिंसा और नफरत की राजनीति पर लगाम लगेगी। उन्होंने मोर के राष्ट्रीय पक्षी होने का उदाहरण देते हुए कहा कि गाय को भी समान संवैधानिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
BJP पर बीफ निर्यात को लेकर क्या आरोप लगाए गए?
सोहैब ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से देश में बीफ निर्यात में लगातार वृद्धि हुई है और भारत कथित तौर पर दुनिया में बीफ निर्यात में शीर्ष पर पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि BJP गौभक्ति का दावा करती है लेकिन उसके शासनकाल में सबसे अधिक बीफ निर्यात हो रहा है।
राजद इस मुद्दे पर क्या आंदोलन चलाएगा?
राजद ने घोषणा की है कि वह गाय संरक्षण और बीफ कंपनियों पर प्रतिबंध की माँग को लेकर राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगा। इस अभियान में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई — सभी समुदायों को जोड़ने की अपील की गई है।
फिलहाल भारत का राष्ट्रीय पशु कौन सा है?
भारत का वर्तमान राष्ट्रीय पशु बाघ है, जिसे 1973 में यह दर्जा दिया गया था। सोहैब की माँग है कि इसे बदलकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।
सोहैब ने राजस्थान में गायों की मौत का जिक्र क्यों किया?
उन्होंने राजस्थान में बड़ी संख्या में गायों की मौत का उल्लेख करते हुए गौरक्षा दलों की भूमिका पर सवाल उठाया। उनका तर्क था कि जो संगठन गाय के नाम पर हिंसा करते हैं, वे वास्तविक गाय संरक्षण में कहीं नहीं दिखते।
राष्ट्र प्रेस
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