गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे केंद्र: राजद एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब की मांग, BJP पर दोहरे चरित्र का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान परिषद सदस्य मोहम्मद कारी सोहैब ने 28 मई 2026 को मुजफ्फरपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार से गाय को तत्काल राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग दोहराई। ईद-उल-अजहा के अवसर पर दिए गए इस बयान में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गाय के नाम पर राजनीति करते हुए दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया।
कुर्बानी का संदेश: भाईचारा और त्याग
सोहैब ने कहा कि ईद-उल-अजहा पर असली कुर्बानी का अर्थ है अपने जज्बात, अहंकार, गुस्से और घमंड की बलि देना। उनके अनुसार, जब समाज भाईचारे और मोहब्बत के साथ चलता है, तभी देश और समाज दोनों का भला होता है। यह ऐसे समय में आया है जब सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर देशभर में बहस तेज़ है।
BJP पर बीफ निर्यात को लेकर सीधा हमला
राजद एमएलसी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद से देश में बीफ निर्यात में लगातार वृद्धि हुई है और आज भारत कथित तौर पर दुनिया में बीफ निर्यात के मामले में शीर्ष स्थान पर पहुँच गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि BJP खुद को गौभक्त बताती है, जबकि उसके शासनकाल में सबसे अधिक बीफ निर्यात हो रहा है।
सोहैब ने यह भी आरोप लगाया कि सीमावर्ती क्षेत्रों से खुलेआम तस्करी की घटनाओं के वीडियो सामने आते रहे हैं, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जो लोग गाय के नाम पर राजनीति करते हैं, वही लोग बीफ कारोबारियों से चंदा लेकर समाज में नफरत फैलाने का काम करते हैं।
मॉब लिंचिंग और हिंसा पर कड़ा रुख
सोहैब ने स्पष्ट कहा कि एक सच्चा सनातनी और भगवान राम का अनुयायी कभी नफरत, हिंसा या मॉब लिंचिंग का समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने हमेशा मर्यादा, प्रेम और त्याग का संदेश दिया। गौरतलब है कि उन्होंने राजस्थान में बड़ी संख्या में गायों की मौत का भी उल्लेख करते हुए सवाल किया कि उस समय तथाकथित गौरक्षा दल कहाँ थे।
राजद का राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन चलाएगा और देशभर के हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोगों से इस अभियान में शामिल होने की अपील करेगा। सोहैब ने केंद्र सरकार से माँग की कि देश की सभी बीफ कंपनियों को तत्काल बंद किया जाए और गाय के नाम पर होने वाली राजनीति तथा हिंसा पर रोक लगाई जाए।
राष्ट्रीय पशु की माँग: तर्क और संदर्भ
सोहैब ने तर्क दिया कि जिस प्रकार मोर को राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा प्राप्त है, उसी प्रकार गाय को भी राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, यह कदम गाय के नाम पर होने वाली हिंसा और नफरत की राजनीति को समाप्त करने का एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है। फिलहाल भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है। यह पहली बार नहीं है जब सोहैब ने यह माँग उठाई है — वे पहले भी इस विषय पर अपना पक्ष रख चुके हैं।