11 जुलाई 2026
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हामिद अंसारी की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील पर एनडीए का समर्थन, बिहार BJP बोली- स्वागतयोग्य कदम

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हामिद अंसारी की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील पर एनडीए का समर्थन, बिहार BJP बोली- स्वागतयोग्य कदम

सारांश

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील पर एनडीए नेताओं ने एकजुट होकर समर्थन जताया है। बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी से लेकर बिहार के कई मंत्रियों तक — सभी ने इसे स्वागतयोग्य कदम बताया। बकरीद से पहले आई यह प्रतिक्रिया राजनीतिक रूप से संवेदनशील है।

मुख्य बातें

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने बकरीद के अवसर पर गाय की कुर्बानी न देने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील की।
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपील का स्वागत करते हुए गौ हत्या बंद करने और राष्ट्रीय पशु दर्जे की माँग दोहराई।
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा — गौ पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने बयान पर प्रसन्नता व्यक्त की; सुभासपा ने संविधान के तहत पशु कुर्बानी पर समीक्षा की माँग उठाई।
कुछ विपक्षी दलों ने इसे बकरीद से पहले की सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश बताया।

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा बकरीद के अवसर पर गाय की कुर्बानी न देने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील के बाद नई दिल्ली में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई नेताओं ने 26 मई को अंसारी के इस बयान का खुलकर समर्थन किया है।

बिहार भाजपा का स्वागत

बिहार भाजपा (BJP) अध्यक्ष संजय सरावगी ने अंसारी के बयान का स्वागत करते हुए कहा, 'गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना ही चाहिए। हजारों वर्षों से भारत की सनातन संस्कृति में गौ पूजा होती रही है। गाय हमारी माता है। जन्म से लेकर मृत्यु तक गौ माता दूध, घी, गोबर और गोमूत्र के रूप में मनुष्य की सेवा करती है। गौ हत्या बंद होनी चाहिए और गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए।'

गौरतलब है कि बाघ फिलहाल भारत का राष्ट्रीय पशु है और गाय को यह दर्जा दिलाने की माँग कई हिंदुत्ववादी संगठनों की ओर से लंबे समय से उठती रही है।

बिहार के मंत्रियों की प्रतिक्रिया

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, 'हामिद अंसारी इस देश के पूर्व उपराष्ट्रपति रहे हैं। देश में गौ हत्या बड़े पैमाने पर होती रही है, लेकिन अब लोग जागरूक हो रहे हैं। गौ पशुधन हमारी गांवों की अर्थव्यवस्था का आधार है। गांवों की अर्थव्यवस्था पशुपालन पर निर्भर करती है। गौ हत्या दुखदायी है। जो लोग गौ हत्या करते हैं, उन्हें स्वयं ही इसे रोक देना चाहिए।'

बिहार सरकार के एक अन्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने अंसारी के बयान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, 'हामिद साहब को ऊपरवाले ने सद्बुद्धि दी है। उनकी तरफ से ऐसा बयान आना प्रसन्न करने वाला है।'

संविधान और कुर्बानी पर सवाल

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इस विषय पर संवैधानिक पहलू उठाते हुए कहा, 'यह उनका निजी मत है। जिस संविधान से देश चल रहा है और जिसे बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने तैयार किया, उसके तहत पशु कुर्बानी पर पाबंदी है या नहीं, इस पर गंभीरता से काम होना चाहिए।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब बकरीद को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में संवेदनशील चर्चाएं चल रही हैं। कई राज्यों में गौरक्षा को लेकर सख्त कानून पहले से लागू हैं।

विपक्ष का नजरिया

कुछ विपक्षी दलों ने, आलोचकों का कहना है, इस पूरे मुद्दे को सांप्रदायिक एजेंडे से जोड़कर देखा है और इसे बकरीद से पहले की राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश बताया है। हालाँकि, इन दलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

आगे क्या

हामिद अंसारी की इस अपील ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की पुरानी माँग को एक बार फिर राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार इस माँग पर कोई नीतिगत कदम उठाती है या यह बहस केवल बयानबाजी तक सीमित रहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हामिद अंसारी ने गाय को लेकर क्या अपील की?
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने बकरीद के अवसर पर गाय की कुर्बानी न देने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील की। यह बयान राजनीतिक रूप से संवेदनशील समय में आया है।
एनडीए नेताओं ने अंसारी के बयान पर क्या कहा?
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और दिलीप जायसवाल सहित कई एनडीए नेताओं ने अंसारी के बयान का स्वागत किया और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग का समर्थन किया।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग कितनी पुरानी है?
कई हिंदुत्ववादी संगठन लंबे समय से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग करते रहे हैं। फिलहाल बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है। यह माँग अब एनडीए नेताओं के समर्थन से फिर चर्चा में आ गई है।
विपक्ष ने इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाया?
कुछ विपक्षी दलों ने, आलोचकों के अनुसार, इस मुद्दे को बकरीद से पहले सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश बताया है। हालाँकि किसी प्रमुख विपक्षी दल का आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।
सुभासपा ने इस विषय पर क्या संवैधानिक सवाल उठाया?
सुभासपा नेता ने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर द्वारा तैयार संविधान के तहत पशु कुर्बानी पर पाबंदी है या नहीं, इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने अंसारी के बयान को उनका 'निजी मत' बताया।
राष्ट्र प्रेस
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