वेस्ट बैंक में अमेरिकी सांसद रो खन्ना को रोका गया, नेतन्याहू से IDF जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
कैलिफोर्निया से डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने आरोप लगाया है कि 12 जुलाई 2026 को कब्जे वाले वेस्ट बैंक के दौरे के दौरान हथियारबंद इजरायली बसने वालों और इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के सैनिकों ने उन्हें तथा उनके अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को करीब 75 मिनट तक रोके रखा। भारतीय-अमेरिकी सांसद खन्ना ने इस घटना की जांच के लिए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से सीधे अपील की है।
मुख्य घटनाक्रम
खन्ना के अनुसार, वेस्ट बैंक के तीन दिवसीय दौरे के दौरान उनके प्रतिनिधिमंडल को कुछ व्यक्तियों ने रोक लिया, जिनके हाथों में एम-4 राइफलें थीं। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने उनकी गाड़ी के टायरों को लात मारी, उनका मज़ाक उड़ाया और उनका वीडियो बनाया। खन्ना ने कहा, 'इन लोगों के हाथों में एम-4 राइफलें थीं। वे हमारी गाड़ी के टायरों को लात मार रहे थे, हम पर हँस रहे थे, हमारा मज़ाक उड़ा रहे थे और हमारा वीडियो बना रहे थे।'
करीब 20 मिनट बाद IDF के चार सैनिक मौके पर पहुँचे। खन्ना का आरोप है कि सैनिकों ने रास्ता तुरंत खुलवाने के बजाय समूह को और रोके रखा। उन्होंने कहा कि उस पूरे दौरान उन्हें और उनके साथियों को अपनी जान का डर था।
अमेरिकी दूतावास का हस्तक्षेप
स्थिति बिगड़ती देख प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी दूतावास से संपर्क किया। खन्ना के अनुसार, दूतावास अधिकारी डेविड ब्राउनस्टीन ने मामले में दखल दिया और इजरायली अधिकारियों से बात की। घटना शुरू होने के करीब 75 मिनट बाद प्रतिनिधिमंडल को आगे जाने दिया गया।
IDF का खंडन और खन्ना का पलटवार
IDF ने खन्ना के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। IDF के बयान के अनुसार, 'सैनिकों को तेज़ी से मौके पर भेजा गया। उन्होंने इजरायली नागरिकों को वहाँ से हटाया और बंद सड़क को दोबारा खोल दिया। इलाके में मौजूद IDF सैनिकों ने सड़क रोकने में कोई भूमिका नहीं निभाई।' खन्ना ने इस बयान को सीधे तौर पर गलत बताया और कहा कि IDF झूठ बोल रहा है और यह घटना पहले कभी नहीं हुई थी।
जांच की मांग
खन्ना ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से माँग की है कि वे बसने वालों और उन चार IDF सैनिकों के खिलाफ जांच का आदेश दें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कैमरों की फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि वास्तव में क्या हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिकी पासपोर्ट धारकों के साथ इस तरह का व्यवहार कैसे किया जा सकता है।
आगे क्या
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और इजरायल के बीच कूटनीतिक संबंध पहले से ही संवेदनशील दौर से गुज़र रहे हैं। गौरतलब है कि वेस्ट बैंक में इजरायली बसाव नीति को लेकर अमेरिकी कांग्रेस के भीतर पहले से आलोचना होती रही है। खन्ना की यह माँग अमेरिकी सांसदों और इजरायली सुरक्षा बलों के बीच तनाव को एक नया आयाम दे सकती है।