10 अगस्त 2026
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दक्षिण लेबनान में IDF पर कोई पाबंदी नहीं: इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज का स्पष्ट ऐलान

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दक्षिण लेबनान में IDF पर कोई पाबंदी नहीं: इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज का स्पष्ट ऐलान

सारांश

संघर्षविराम की घोषणा के बावजूद इजरायल पीछे हटने को तैयार नहीं। रक्षा मंत्री काट्ज ने साफ कहा — IDF पर कोई पाबंदी नहीं। वित्त मंत्री स्मोट्रिच ने भी यही दोहराया। स्विट्जरलैंड में ईरान-अमेरिका वार्ता से ठीक पहले आया यह बयान इजरायल का कड़ा कूटनीतिक संदेश है।

मुख्य बातें

इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने 21 जून 2026 को कहा कि दक्षिणी लेबनान में IDF पर कोई पाबंदी नहीं है।
IDF सुरक्षा क्षेत्र में तैनात रहेगी और हिज्बुल्लाह के खिलाफ ऑपरेशन जारी रखेगी।
वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने कहा — हिज्बुल्लाह के हथियार डालने तक इजरायल एक मिलीमीटर भी पीछे नहीं हटेगा।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड वार्ता में लेबनान सीजफायर को प्राथमिकता बताया।
बर्गेनस्टॉक वार्ता में ईरान ने लेबनान और हिज्बुल्लाह मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है।

इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने 21 जून 2026 को स्पष्ट किया कि दक्षिणी लेबनान में तैनात इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) पर हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, काट्ज ने कहा, "दक्षिणी लेबनान में तैनात IDF को अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे को खत्म करने की पूरी छूट है और उन पर कोई पाबंदी नहीं है।" यह बयान ऐसे समय आया है जब स्विट्जरलैंड में ईरान-अमेरिका वार्ता की तैयारियाँ जोरों पर हैं।

मुख्य घटनाक्रम

काट्ज के अनुसार, IDF के जवान अभी भी दक्षिणी लेबनान में एक निर्धारित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं और हिज्बुल्लाह के विरुद्ध सैन्य अभियान जारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में घोषित संघर्षविराम के बावजूद IDF उत्तरी इजरायल की बस्तियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए इस सुरक्षा क्षेत्र से पीछे नहीं हटेगी।

गौरतलब है कि यह बयान बर्गेनस्टॉक वार्ता की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें ईरान ने लेबनान और हिज्बुल्लाह के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है।

इजरायली नेतृत्व का एकजुट रुख

काट्ज से पहले इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने भी इसी रुख को दोहराया था। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, स्मोट्रिच ने कहा, "जब तक हिज्बुल्लाह हथियार नहीं डालता, हम एक मिलीमीटर भी पीछे नहीं हटेंगे। यही प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और मेरा भी रुख है और हम इस पर कायम रहेंगे। अमेरिका अगर वापसी की माँग भी करता है, तब भी इजरायल पीछे नहीं हटेगा।"

यह इजरायल के शीर्ष नेतृत्व — प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री — का एकसमान और सार्वजनिक रूप से व्यक्त साझा रुख है, जो किसी भी बाहरी दबाव में झुकने से इनकार करता है।

कूटनीतिक पृष्ठभूमि

इस बीच स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि इस वार्ता के एजेंडे में हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच चल रहा संघर्ष एक प्रमुख विषय रहेगा।

स्विट्जरलैंड रवाना होने से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि उनकी प्राथमिकताओं में लेबनान में सीजफायर की दिशा में प्रगति भी शामिल है। यह ऐसे समय में है जब इजरायल अपनी सैन्य स्थिति पर दृढ़ता से कायम है।

क्षेत्रीय तनाव पर असर

इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्षविराम की घोषणा के बावजूद जमीनी स्तर पर तनाव बना हुआ है। IDF की दक्षिणी लेबनान में निरंतर उपस्थिति और काट्ज के ताजा बयान से यह संकेत मिलता है कि इजरायल कूटनीतिक वार्ताओं से स्वतंत्र अपनी सैन्य रणनीति पर चल रहा है।

विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान ईरान-अमेरिका वार्ता से पहले इजरायल की ओर से एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश भी माना जा सकता है — कि किसी भी समझौते में इजरायल की सुरक्षा संबंधी शर्तें अनिवार्य होंगी।

आगे क्या

स्विट्जरलैंड में ईरान-अमेरिका वार्ता के नतीजे और उपराष्ट्रपति वेंस की पहल पर सबकी नजर टिकी है। इजरायल के कड़े रुख को देखते हुए लेबनान में स्थायी संघर्षविराम की राह अभी भी कठिन बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर इजरायल का शीर्ष नेतृत्व खुलेआम कह रहा है कि वे सुरक्षा क्षेत्र से नहीं हटेंगे — चाहे अमेरिका माँगे या नहीं। यह रुख वार्ता की संभावनाओं को जटिल बनाता है और यह सवाल उठाता है कि क्या मौजूदा संघर्षविराम ढाँचा टिकाऊ है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज ने दक्षिण लेबनान पर क्या कहा?
रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने 21 जून 2026 को कहा कि दक्षिणी लेबनान में तैनात IDF पर कोई पाबंदी नहीं है और वह किसी भी खतरे को खत्म करने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सेना सुरक्षा क्षेत्र से पीछे नहीं हटेगी।
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्षविराम के बाद भी IDF वहाँ क्यों है?
काट्ज के अनुसार, IDF उत्तरी इजरायल की बस्तियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए सुरक्षा क्षेत्र में तैनात है। हाल ही में घोषित संघर्षविराम के बावजूद इजरायल इस क्षेत्र को खाली करने को तैयार नहीं है।
स्विट्जरलैंड में ईरान-अमेरिका वार्ता में लेबनान का मुद्दा क्यों अहम है?
ईरान ने बर्गेनस्टॉक वार्ता में लेबनान और हिज्बुल्लाह के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा था कि लेबनान में सीजफायर उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
इजरायल के वित्त मंत्री स्मोट्रिच का क्या रुख है?
वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने कहा कि जब तक हिज्बुल्लाह हथियार नहीं डालता, इजरायल एक मिलीमीटर भी पीछे नहीं हटेगा — चाहे अमेरिका की ओर से वापसी की माँग ही क्यों न आए। उन्होंने यह प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का भी रुख बताया।
क्या इजरायल अमेरिकी दबाव में दक्षिण लेबनान से हटेगा?
इजरायल के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका की माँग पर भी वे सुरक्षा क्षेत्र नहीं छोड़ेंगे। स्मोट्रिच ने सीधे कहा कि अमेरिका वापसी की माँग करे तब भी इजरायल नहीं हटेगा।
राष्ट्र प्रेस
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