इजरायल का बड़ा फैसला: अमेरिका-ईरान समझौते के बाद भी दक्षिणी लेबनान में डटी रहेगी IDF
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कॉट्ज ने 15 जून 2025 को स्पष्ट किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बावजूद इज़रायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) दक्षिणी लेबनान से नहीं हटेगी। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि हिज्बुल्लाह के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और सुरक्षा जोन पर इजरायल का नियंत्रण बना रहेगा।
इजरायल की स्पष्ट नीति
कॉट्ज ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मैं एक स्पष्ट नीति पर चल रहे हैं, जिसके तहत IDF बिना किसी समय-सीमा के लेबनान, सीरिया और गाजा के सुरक्षा जोन में रहेगी, ताकि सीमा और इजरायली समुदाय को जिहादी तत्वों से बचाया जा सके।' उन्होंने कहा कि सुरक्षा जोन पर कब्जा बनाए रखना युद्ध में IDF की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
सुरक्षा जोन में क्या होगा
रक्षा मंत्री के अनुसार, सुरक्षा जोन से स्थानीय निवासियों को हटाया जाएगा और जमीन के ऊपर तथा नीचे मौजूद सभी आतंकवादी ढाँचों को नष्ट किया जाएगा। इसमें संपर्क-रेखा के गाँवों के वे मकान भी शामिल हैं जो कथित तौर पर आतंकवादियों के गुप्त ठिकानों के रूप में उपयोग किए जा रहे थे।
अमेरिका को दी गई स्पष्ट चेतावनी
कॉट्ज ने बताया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह स्थिति अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष पहले ही स्पष्ट कर दी थी। उन्होंने स्वयं भी अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ को इस नीति से अवगत कराया। रक्षा मंत्री ने कहा, 'हम इजरायल के सुरक्षा हितों और अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे। हम सुरक्षा जोन से पीछे नहीं हटेंगे।'
ईरान को सीधी चेतावनी
कॉट्ज ने आगाह किया कि यदि लेबनान की घटनाओं के चलते ईरान इजरायल पर हमला करता है, तो इजरायल पूरी ताकत से जवाब देगा। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर मध्य-पूर्व में कूटनीतिक हलचल तेज है और इजरायल खुद को इस प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस कर रहा है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान समझौते में हिज्बुल्लाह के खिलाफ लड़ाई खत्म करने का प्रावधान भी बताया जा रहा है, जिसे इजरायल ने सीधे तौर पर अस्वीकार कर दिया है। इजरायल की यह कड़ी प्रतिक्रिया वाशिंगटन और तेल अवीव के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है, और आने वाले दिनों में अमेरिकी दबाव और इजरायली अड़ियल रुख के बीच टकराव और गहरा हो सकता है।