नेतन्याहू का स्पष्ट आदेश: दक्षिणी लेबनान में IDF को खतरों से निपटने की पूरी छूट
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार, 22 जून को स्पष्ट किया कि दक्षिणी लेबनान में तैनात इजरायली रक्षा बल (IDF) के जवानों को अपने विरुद्ध या उत्तरी इजरायल के नागरिकों के विरुद्ध किसी भी प्रत्यक्ष अथवा उभरते खतरे को निष्प्रभावी करने के लिए पूरी कार्रवाई की स्वतंत्रता प्राप्त है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह निर्देश उनकी और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज की ओर से दिए गए हैं और इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नेतन्याहू का बयान: IDF पर कोई बंदिश नहीं
नेतन्याहू ने कहा, 'दक्षिणी लेबनान में हमारे सैनिकों को अपने खिलाफ या उत्तर के निवासियों के खिलाफ किसी भी सीधे या संभावित खतरे को रोकने के लिए पूरी स्वतंत्रता है। इस मामले में IDF पर कोई प्रतिबंध नहीं है। मैं उनके साथ खड़ा हूं और पूरा देश उनके साथ खड़ा है।' उन्होंने यह भी दोहराया कि दक्षिणी लेबनान में स्थापित सुरक्षा क्षेत्र (सिक्योरिटी जोन) में इजरायल उतने समय तक बना रहेगा, जितनी आवश्यकता होगी।
अमेरिका-ईरान वार्ता: 'डी-कॉनफ्लिक्शन मैकेनिज्म' पर काम जारी
इससे पहले उसी दिन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता की प्रगति की जानकारी मीडिया को दी। वेंस ने बताया कि बातचीत में 'काफी अच्छी प्रगति' हुई है और एक 'डी-कॉनफ्लिक्शन मैकेनिज्म' तैयार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच होने वाले टकराव को किसी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में तब्दील होने से रोकना है।
वेंस ने कहा, 'मेरा मानना है कि हम जिस व्यवस्था को डी-कॉनफ्लिक्शन मैकेनिज्म कह रहे हैं, उसे स्थापित करने में काफी सफल रहे हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है और युद्धविराम की स्थिरता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
इजरायल की सुरक्षा बनाम लेबनान की संप्रभुता
जब वेंस से पूछा गया कि क्या वॉशिंगटन चाहता है कि इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से बाहर निकले, तो उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि इजरायल की सुरक्षा बनी रहे और साथ ही लेबनान की संप्रभुता का भी सम्मान हो। इस विषय पर बातचीत आगे भी जारी रहेगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका इस प्रक्रिया में इजरायल, लेबनान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित क्षेत्रीय साझेदारों के निरंतर संपर्क में है।
युद्धविराम आदेश की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इससे पहले शनिवार को सेना को लेबनान में युद्धविराम लागू करने का आदेश दिया था। ऐसे में सोमवार का यह बयान उस आदेश के समानांतर IDF को दी गई परिचालन स्वतंत्रता को रेखांकित करता है — जो संकेत देता है कि युद्धविराम के बावजूद जमीनी स्तर पर सैनिकों को खतरों से निपटने की पूरी छूट बरकरार है।
आगे क्या
स्विट्जरलैंड में जारी कूटनीतिक प्रयासों और डी-कॉनफ्लिक्शन तंत्र की रूपरेखा आने वाले दिनों में और स्पष्ट होने की उम्मीद है। क्षेत्रीय विश्लेषकों के अनुसार, इजरायल के सुरक्षा क्षेत्र में बने रहने की समयसीमा और हिज्बुल्लाह की प्रतिक्रिया ही यह तय करेगी कि यह तनाव किस दिशा में जाता है।