18 जुलाई 2026
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इजरायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष: जर्मन विदेश मंत्री वेडेफुल ने युद्धविराम की अपील की, IDF ने ब्यूफोर्ट किले पर फहराया झंडा

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इजरायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष: जर्मन विदेश मंत्री वेडेफुल ने युद्धविराम की अपील की, IDF ने ब्यूफोर्ट किले पर फहराया झंडा

सारांश

जर्मनी के विदेश मंत्री वेडेफुल की युद्धविराम अपील और IDF के ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे ने इजरायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष को नया मोड़ दिया। नेतन्याहू ने लितानी नदी पार कर अभियान विस्तार का निर्देश दिया — पश्चिमी देशों की चिंता और इजरायल का दृढ़ संकल्प आमने-सामने।

मुख्य बातें

जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल ने 1 जून 2026 को इजरायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष में सभी पक्षों से तत्काल युद्धविराम की अपील की।
IDF ने दक्षिणी लेबनान में ब्यूफोर्ट रिज और वादी अल-सलुकी इलाके में प्रवेश कर ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा किया।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने IDF को लेबनान में अभियान का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया; सेना लितानी नदी पार कर चुकी है।
वेडेफुल ने चेताया कि सैन्य बढ़ोतरी से लेबनान में नागरिकों के विस्थापन की नई लहर आ सकती है।
नेतन्याहू ने ब्यूफोर्ट कब्जे को अपनी सरकार की नीति में बड़ा बदलाव बताया।

जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल ने 1 जून 2026 को दक्षिणी लेबनान में इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) की बढ़ती सैन्य कार्रवाई पर 'गहरी चिंता' जताते हुए संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से तत्काल लड़ाई रोकने और पूर्व-निर्धारित युद्धविराम पर वापस लौटने की अपील की। यह बयान ऐसे समय आया जब IDF ने ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान में सैन्य अभियान का दायरा और बढ़ाने का निर्देश दिया।

वेडेफुल की चेतावनी: नागरिकों पर पड़ेगा बोझ

वेडेफुल ने स्वीकार किया कि इजरायली सैन्य कार्रवाई उत्तरी इजरायल पर हिज्बुल्लाह के लगातार हमलों की प्रतिक्रिया है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि किसी भी तरह की और सैन्य बढ़ोतरी पहले से तनावपूर्ण स्थिति को और गंभीर बनाएगी और लेबनान में नागरिकों के विस्थापन की नई लहर को जन्म दे सकती है।

उन्होंने कहा कि यदि सैन्य तनाव की कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़े और लेबनान के कुछ हिस्से दीर्घकाल के लिए रहने योग्य न रहें, तो इससे लंबे समय में इजरायल का पड़ोसी क्षेत्र अधिक सुरक्षित नहीं बनेगा।

IDF का ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा

IDF ने रविवार को घोषणा की कि उसने दक्षिणी लेबनान में ब्यूफोर्ट रिज और वादी अल-सलुकी इलाके में प्रवेश करने के बाद ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया। IDF के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य इन रणनीतिक क्षेत्रों पर सैन्य नियंत्रण स्थापित करना और हिज्बुल्लाह की सैन्य क्षमताओं को कमज़ोर करना है।

IDF का यह भी कहना है कि हिज्बुल्लाह ब्यूफोर्ट रिज से सैन्य और लड़ाकू गतिविधियाँ संचालित करता था और इसी इलाके से कई हमले अंजाम दिए गए थे।

नेतन्याहू का संदेश: 'एकजुट होकर, पहले से मजबूत'

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा, 'हमारे बहादुर सैनिकों ने ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया। उन्होंने वहाँ गर्व के साथ इजरायल राज्य का झंडा और गोलानी ब्रिगेड का झंडा फहराया।'

नेतन्याहू ने इस कब्जे को ऐतिहासिक संदर्भ में रखते हुए कहा, '44 साल पहले यह जगह हमारे सैनिकों की वीरता का प्रतीक थी, लेकिन यह हमारे बीच गहरे मतभेदों का भी प्रतीक थी। आज हम ब्यूफोर्ट में एक अलग तरीके से लौटे हैं — एकजुट होकर, दृढ़ संकल्प के साथ और पहले से ज़्यादा मजबूत होकर।'

उन्होंने यह भी घोषणा की कि उन्होंने IDF को लेबनान में अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया है। नेतन्याहू ने कहा, 'हमारी सेना लितानी नदी पार कर चुकी है। उसने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ऊँचे इलाकों पर कब्जा कर लिया है। अब मेरा निर्देश है कि हम उन इलाकों में अपनी पकड़ और मजबूत तथा विस्तृत करें जो पहले हिज्बुल्लाह के नियंत्रण में थे।'

क्षेत्रीय तनाव और आगे की स्थिति

गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में पहले से ही कूटनीतिक दबाव बना हुआ है। जर्मनी की यह अपील पश्चिमी देशों की उस व्यापक चिंता को दर्शाती है जो लेबनान में बड़े पैमाने पर मानवीय संकट की आशंका को लेकर है। नेतन्याहू ने ब्यूफोर्ट पर कब्जे को अपनी सरकार की नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी बताया। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच IDF का अभियान किस दिशा में बढ़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यावहारिक धरातल पर इसका असर सीमित दिखता है — जब नेतन्याहू खुद लितानी नदी पार और अभियान विस्तार की घोषणा कर रहे हों। ब्यूफोर्ट किले का प्रतीकात्मक महत्व बड़ा है: 44 साल बाद वापसी इजरायल की घरेलू राजनीति में एकता का संदेश देती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत नागरिक विस्थापन की जिम्मेदारी का सवाल अनुत्तरित रहता है। पश्चिमी देशों की 'चिंता' और 'अपीलें' बिना ठोस कूटनीतिक दबाव के महज बयानबाजी बनकर रह जाती हैं — यही इस संकट की सबसे बड़ी विडंबना है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल ने क्या अपील की?
वेडेफुल ने 1 जून 2026 को इजरायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से तत्काल लड़ाई रोकने और पूर्व-निर्धारित युद्धविराम पर वापस लौटने की अपील की। उन्होंने चेताया कि सैन्य बढ़ोतरी से लेबनान में नागरिकों के विस्थापन की नई लहर आ सकती है।
IDF ने ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा क्यों किया?
IDF के अनुसार, हिज्बुल्लाह ब्यूफोर्ट रिज से सैन्य और लड़ाकू गतिविधियाँ संचालित करता था और इसी इलाके से कई हमले किए गए थे। इस अभियान का उद्देश्य रणनीतिक क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित कर हिज्बुल्लाह की क्षमताओं को कमज़ोर करना है।
नेतन्याहू ने लेबनान अभियान के बारे में क्या कहा?
नेतन्याहू ने कहा कि IDF लितानी नदी पार कर चुकी है और रणनीतिक ऊँचे इलाकों पर कब्जा कर चुकी है। उन्होंने IDF को निर्देश दिया कि पहले हिज्बुल्लाह के नियंत्रण वाले इलाकों में पकड़ और मजबूत व विस्तृत की जाए।
इजरायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष में नागरिकों पर क्या असर पड़ रहा है?
वेडेफुल के अनुसार, बढ़ती सैन्य कार्रवाई से लेबनान में नागरिकों के विस्थापन की नई लहर पैदा हो सकती है और कुछ इलाके दीर्घकाल के लिए रहने योग्य नहीं रह सकते। उनका कहना है कि इससे लंबे समय में इजरायल का पड़ोसी क्षेत्र अधिक सुरक्षित नहीं बनेगा।
ब्यूफोर्ट किले का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
नेतन्याहू के अनुसार, 44 साल पहले ब्यूफोर्ट इजरायली सैनिकों की वीरता का प्रतीक था, लेकिन आंतरिक मतभेदों का भी। इस बार IDF ने वहाँ इजरायल राज्य का झंडा और गोलानी ब्रिगेड का झंडा फहराया, जिसे नेतन्याहू ने अपनी सरकार की नीति में बड़ा बदलाव बताया।
राष्ट्र प्रेस
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