इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के निवासियों को दी चेतावनी, हिजबुल्लाह के ठिकानों से दूर रहने की सलाह
सारांश
Key Takeaways
- इजरायल ने नागरिकों को हिजबुल्लाह के ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी है।
- लिटानी नदी के दक्षिण में रहने से खतरा बढ़ सकता है।
- ईरान के नए नेता की नियुक्ति पर इजरायल की नजर है।
नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच का संघर्ष अब एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। दक्षिणी लेबनान में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो रही है। इस संदर्भ में इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने लिटानी नदी के दक्षिण में निवास करने वाले नागरिकों के लिए एक नई चेतावनी जारी की है।
आईडीएफ ने बताया है कि हिजबुल्लाह की गतिविधियों के कारण इस क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई की जा रही है। सेना ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हिजबुल्लाह के ठिकानों या उसके हथियारों के निकट रहना जनजीवन के लिए खतरनाक हो सकता है।
इजरायल डिफेंस फोर्स ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, "हिजबुल्लाह के आतंकवादी कार्यों के कारण इजरायल रक्षा बल को इस क्षेत्र में कार्रवाई करनी पड़ रही है। हमारा उद्देश्य आपको नुकसान पहुंचाना नहीं है। लेकिन दक्षिण की ओर किसी भी गतिविधि से आपकी जान को खतरा हो सकता है।"
आईडीएफ ने नागरिकों से अपील की है, "हमले जारी हैं और इजरायल रक्षा बल क्षेत्र में काफी मजबूती से कार्य कर रहा है। एक बार फिर, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप तुरंत अपने घर खाली करें और लिटानी नदी के उत्तर की ओर चले जाएं।"
आईडीएफ ने चेतावनी दी है कि जो भी लोग हिजबुल्लाह के गुर्गों, उनके ठिकानों या हथियारों के आस-पास हैं, वे अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए तुरंत लिटानी नदी के उत्तर में चले जाएं। नदी के दक्षिण में रहना आपकी और आपके परिवार की जान के लिए खतरा हो सकता है।
इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके उत्तराधिकारी को भी चेतावनी दी है। इजरायली सेना का कहना है कि खामेनेई के निष्क्रिय होने के बाद ईरान का शासन नए नेता की नियुक्ति के प्रयास में है। इजरायल का हाथ हर नए नेता की नियुक्ति की कोशिशों तक पहुंचेगा।
इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर फारसी में एक चेतावनी जारी की। इसमें कहा गया कि इजरायल उन सभी को निशाना बनाएगा जो खामेनेई के उत्तराधिकारी को चुनने या नियुक्त करने की प्रक्रिया में शामिल हैं।
यह चेतावनी उस समय आई है जब ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स जल्द ही कोम शहर में बैठक करने वाली है। यह संस्था ईरान के सर्वोच्च नेता का चुनाव करने के लिए जिम्मेदार मानी जाती है। लंबे समय से इस संस्था की बैठक नहीं हुई थी, लेकिन अब नए नेता के चयन को लेकर बैठक हो रही है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को कहा कि इजरायल के पास "ईरानी शासन" को कमजोर करने और "बदलाव लाने" के लिए एक अच्छी तरह से तैयार योजना है। उनका कहना था कि इस योजना का उद्देश्य ईरान की मौजूदा सत्ता को कमजोर करना है।
ईरान की जनता को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा, “सच्चाई का समय करीब आ रहा है। हमारा लक्ष्य ईरान को तोड़ना नहीं, बल्कि उसे आजाद कराना और शांति से रहना है।”