हिज्बुल्लाह द्वारा इजरायली नागरिकों पर 2,000 मिसाइलों और ड्रोन का हमला: गिदोन सार की प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- गिदोन सार ने हिज्बुल्लाह के हमलों की निंदा की।
- पिछले दो हफ्तों में लगभग 2,000 हमले हुए।
- संयुक्त बयान में हिज्बुल्लाह को आम नागरिकों को निशाना बनाने से रोकने का आग्रह किया गया।
- लेबनान सरकार ने हिज्बुल्लाह को निहत्था करने में असफलता दिखाई।
- इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए।
तेल अवीव, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने मंगलवार को कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूनाइटेड किंगडम के नेताओं द्वारा जारी एक संयुक्त बयान को "वास्तविकता का एक विकृत नजरिया" बताया।
इन पांच देशों के नेताओं ने एक संयुक्त बयान में लेबनान में बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की और इजरायल-लेबनान के बीच तनाव को तुरंत कम करने और एक स्थायी राजनीतिक समाधान के लिए संवाद स्थापित करने का आह्वान किया।
बयान में कहा गया, "हिज्बुल्लाह को आम इजरायली नागरिकों को निशाना बनाना बंद करना चाहिए और अपने हथियार डालने चाहिए। हम हिज्बुल्लाह और ईरान द्वारा हिंसा फैलाने के निर्णय की निंदा करते हैं। इससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। हम नागरिकों, बुनियादी ढांचों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) को निशाना बनाकर किए गए हमलों की निंदा करते हैं। ये हरकतें अस्वीकार्य हैं, और हम सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुसार कार्य करने का आह्वान करते हैं।"
बयान के आगे कहा गया, "इजरायल के जमीनी हमले का परिणाम भयानक हो सकता है और इससे एक लंबा संघर्ष छिड़ सकता है। इसे हर हाल में टाला जाना चाहिए। लेबनान में मानवीय स्थिति, जिसमें बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन भी शामिल है, पहले से ही बेहद चिंताजनक है। हम सभी पक्षों से यूएनएससी प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह से लागू करने की मांग दोहराते हैं। हिज्बुल्लाह को निशस्त्र करने, उसकी सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाने और उसकी सशस्त्र दुश्मनी को रोकने के लेबनान सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हैं। हम लेबनान की सरकार और वहां के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं, जिन्हें न चाहते हुए भी इस संघर्ष में घसीट लिया गया है।"
अब इस बयान पर सार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सार ने इसे "हकीकत का एक विकृत नजरिया" बताया और कहा कि 8 अक्टूबर, 2023 से ही लेबनान की धरती से हिज्बुल्लाह की ओर से इजरायलियों पर बिना किसी उकसावे के लगातार हमले किए जा रहे हैं।
इजरायली विदेश मंत्री ने सवाल उठाया, "ये वही इजरायली हैं जिन्हें पूरे एक साल तक हिज्बुल्लाह की लगातार गोलाबारी के कारण अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। यह बयान उनकी तकलीफों को पूरी तरह से नजरअंदाज करता है। पिछले दो हफ्तों में, हिज्बुल्लाह ने इजरायली नागरिकों पर लगभग 2,000 मिसाइलें, रॉकेट और ड्रोन दागे हैं। क्या इस बयान पर दस्तखत करने वाले देशों के नागरिक भी ऐसे खौफ के साए में रहने को तैयार होंगे?"
उन्होंने आगे कहा, "इस बयान में लेबनान सरकार से इजरायल पर गोलाबारी रोकने की कोई मांग नहीं की गई है—यहां तक कि सरकार से हिज्बुल्लाह के मंत्रियों को हटाने की भी कोई बात नहीं कही गई है। लेबनान सरकार हिज्बुल्लाह को निहत्था करने में नाकाम रही है, और अब उसे इजरायल की तरफ़ होने वाली गोलाबारी को तुरंत रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।"
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएएफ) ने रविवार को कहा कि उसने पूरे लेबनान में हिज्बुल्लाह के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं।
आईडीएएफ ने एक बयान में कहा कि इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के अल-कतरानी इलाके में उन लॉन्च साइटों पर हमला किया, जहां से हिज्बुल्लाह के लड़ाके जल्द ही रॉकेट दागने की योजना बना रहे थे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएएफ ने यह भी बताया कि उसने बेरूत में हिज्बुल्लाह की एलीट 'रदवान फोर्स' के कमांड सेंटरों को भी तबाह कर दिया, जहां से कथित तौर पर लड़ाके इजरायल पर हमले करते थे।
इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी के कई इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए तुरंत घर खाली करने के आदेश भी जारी किए।
समाचार एजेंसी अनादोलु की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने एक बयान में हारेत हरेक, घोबेरी, लायराकी, हदाथ, बुर्ज अल-बराजनह, तहवीतात अल-गदीर और शियाह के निवासियों से अपील की कि वे "तुरंत घर खाली कर दें और अगले आदेश तक वापस न लौटें।"
उन्होंने कहा कि इजरायली सेना इन इलाकों में "सख्ती से कार्रवाई" करेगी।
अद्राई ने चेतावनी दी कि "इन जगहों पर हिज्बुल्लाह के केंद्रों, कर्मियों या सैन्य उपकरणों के पास मौजूद किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाया जाएगा।"
हिज्बुल्लाह ने रविवार को कहा कि वह सीमा के पास के गांवों में इजरायली सैनिकों के कई ठिकानों को भी निशाना बना रहा है।