हिजबुल्लाह का दावा: उत्तरी इजरायल में राफेल सैन्य परिसर पर रॉकेट हमला
सारांश
Key Takeaways
- हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के राफेल सैन्य परिसर पर हमला किया।
- यह हमला लेबनान की सुरक्षा के लिए किया गया बताया गया।
- इजरायल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
- 28 फरवरी के बाद तनाव बढ़ा है।
- संघर्ष के कारण कई लोग मारे गए हैं।
बेरूत, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लेबनान का सशस्त्र संगठन हिजबुल्लाह ने रविवार को यह दावा किया कि उसने उत्तरी इजरायल में एक सैन्य औद्योगिक परिसर पर रॉकेटों की बौछार की है।
संगठन के अनुसार, यह हमला इजरायल की सरकारी रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स के परिसर को निशाना बनाकर किया गया, जिसे उसने लेबनान और उसके लोगों की रक्षा के लिए की गई कार्रवाई बताया।
इस मामले में इजरायल की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
रविवार को इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने बताया कि उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे पर हमलों की एक श्रृंखला को अंजाम दिया है।
हिजबुल्लाह ने इजरायल के कई ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों का भी दावा किया, क्योंकि अमेरिका-इजरायल की तरफ से ईरान पर किए गए हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ता जा रहा है।
हिजबुल्लाह ने कहा कि यह हमले इजरायली आक्रामकता के जवाब में किए गए हैं, जिसमें बेरूत के दक्षिणी उपनगरों सहित लेबनान के कई शहरों और कस्बों को निशाना बनाया गया।
संगठन ने उत्तरी इजरायल में नाहरिया नामक इजरायली बस्ती और मा'ालोट-तारशिहा क्षेत्र में स्थित एक वायु रक्षा प्रणाली पर रॉकेटों की बौछार की।
हिजबुल्लाह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने लेबनानी सीमा के सामने स्थित मेइस एल जबल कस्बे के पास इजरायली सैनिकों की मौजूदगी वाले स्थानों पर गोलाबारी की।
संगठन ने यह भी कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान के सीमा कस्बे अदाइसेह के बाहरी इलाके में जमा इजराइली सैनिकों और अवीविम बैरकों को भी रॉकेट हमले का निशाना बनाया।
हिजबुल्लाह ने यह भी दावा किया कि उसने अदाइसेह के पास इजरायली सैन्य वाहनों पर ड्रोन हमला किया और तेल अवीव से लगभग 140 किमी दक्षिण में स्थित पालमाचिम हवाई अड्डा को भी निशाना बनाया।
यह तनाव 28 फरवरी के बाद बढ़ा, जब इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर संयुक्त हमले किए, जिनमें लगभग 1,200 लोगों की मौत हुई, जिसमें तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल थे।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल, जॉर्डन, इराक और उन खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
यह संघर्ष लेबनान तक भी फैल गया है। इजराइली सेना ने हमलों का दायरा बढ़ा दिया है, जिसके कारण 2 मार्च से अब तक 800 से अधिक लोग मारे गए हैं और दो हजार से अधिक घायल हुए हैं, जबकि सीमा पार हिजबुल्लाह के साथ लगातार झड़पें जारी हैं।