ईरान द्वारा आम नागरिकों को निशाना बनाना युद्ध अपराध है: इजरायली विदेश मंत्री
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नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने आरोप लगाया है कि ईरान जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बना रहा है, खासकर रमजान जैसे पवित्र महीने में। इस प्रकार की निर्दयी कार्रवाई स्पष्ट रूप से युद्ध अपराध की श्रेणी में आती है।
गिदोन सार ने हाल में हुए ईरानी मिसाइल हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि जरजिर में 58 लोग घायल हुए, जिनमें से अधिकांश सामान्य नागरिक थे।
सार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, “ईरानी आतंकवादी शासन जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बना रहा है, चाहे वे यहूदी हों या मुसलमान, यहाँ तक कि रमजान के पवित्र महीने में भी। अब तक जो भी इजरायली हताहत हुए हैं, वे सभी सामान्य नागरिक हैं। यह स्पष्ट रूप से युद्ध अपराध है।”
जरजिर में हाल ही में हुए ईरानी मिसाइल हमले में 58 लोग घायल हुए, और यह निर्दयी कार्रवाई उनके जीवन को सीधे खतरे में डालती है।”
मंत्री गिदोन ने आगे लिखा, “ईरान सभी धर्मों के नागरिकों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागता है, यहाँ तक कि रमजान के दौरान येरुशलम के पवित्र स्थलों की ओर भी। वहीं, इजरायल सभी पूजा करने वालों के जीवन और सुरक्षा की रक्षा करता है। सुरक्षा को लेकर येरुशलम के पवित्र स्थलों पर कोई मौजूद नहीं है। यही स्थिति पश्चिमी दीवार, अल-अक्सा मस्जिद और होली सेपलचर चर्च पर भी लागू होती है।”
गिदोन का यह बयान उस समय आया है जब इजरायल ने अमेरिका में मिशिगन सिनेगॉग में हुए आतंकी हमले का संबंध हिजबुल्लाह से जोड़ने का दावा किया।
इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने कहा कि पिछले गुरुवार को अमेरिका के मिशिगन सिनेगॉग में हुए आतंकी हमले का संबंध हिजबुल्लाह से था।
आईडीएफ ने कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर पता चला है कि हमलावर का भाई इब्राहिम मुहम्मद गजाली हिजबुल्लाह का सक्रिय सदस्य था।
आईडीएफ के अनुसार, इब्राहिम को पिछले सप्ताह इजरायली वायु सेना के हमले में मारा गया था। 12 मार्च को यहूदियों की प्रार्थना सभा पर हमला करने का प्रयास किया गया था। यह हमला यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया था।
इसके अलावा, आईडीएफ ने यह भी दावा किया कि ईरानी शासन की खुफिया एजेंसी के निर्देश पर ही इजरायल के भीतर आतंकवादी हमलों को अंजाम देने का प्रयास किया गया है।