ईरान में अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों से 1332 नागरिकों की मौत, राजदूत की चेतावनी

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ईरान में अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों से 1332 नागरिकों की मौत, राजदूत की चेतावनी

सारांश

ईरान के राजदूत ने बताया कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में 1332 नागरिकों की मौत हो चुकी है। उन्होंने इसे मानवता का अपराध बताया और संयुक्त राष्ट्र से कार्रवाई की मांग की।

Key Takeaways

  • 1332 ईरानी नागरिकों की मौत हुई है।
  • 180 बच्चों की जान गई है।
  • अमेरिका और इजरायल के हमले युद्ध अपराध माने जा रहे हैं।
  • ईरान ने अपनी संप्रभुता की रक्षा की बात कही है।
  • संयुक्त राष्ट्र से कार्रवाई की मांग की गई है।

संयुक्त राष्ट्र, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने बताया कि अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत अब तक कम से कम 1332 ईरानी नागरिकों की जान चली गई है और हजारों लोग घायल हुए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में 180 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है और 20 से ज्यादा स्कूलों को नुकसान पहुंचा है। यह जानकारी उन्होंने ईरानियन रेड क्रेसेंट सोसाइटी के हवाले से न्यूयॉर्क में पत्रकारों को दी।

इरावानी ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने जानबूझकर ईरान के नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे अपने अपराधों में “कोई लाल रेखा नहीं मानते।”

उन्होंने कहा कि ईरान के शहरों पर अंधाधुंध हमले किए जा रहे हैं और घनी आबादी वाले क्षेत्रों तथा महत्वपूर्ण नागरिक ढांचों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। ये कृत्य स्पष्ट रूप से युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध हैं।

इरावानी के अनुसार अब तक देश में 13 स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमले हुए हैं। गुरुवार को तेहरान और अन्य शहरों में कई नागरिक खेल और मनोरंजन स्थलों को भी निशाना बनाया गया, जिसमें 18 से अधिक महिला एथलीटों की मौत हुई और लगभग 100 अन्य घायल हुए।

उन्होंने कहा, “अमेरिका-इजरायल का उद्देश्य स्पष्ट है- नागरिकों में आतंक फैलाना और निर्दोष लोगों का नरसंहार करना।” केवल सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाने के दावे बेबुनियाद हैं।

इरावानी ने कहा कि ईरान अपने आत्मरक्षा के अधिकार का उपयोग तब तक करता रहेगा जब तक आक्रामकता खत्म नहीं होती। ईरान की प्रतिक्रिया “कानूनी, आवश्यक और अनुपातिक” है और इसका लक्ष्य केवल हमलावरों के सैन्य ठिकाने हैं।

उन्होंने कहा, “ईरान युद्ध नहीं चाहता लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।”

ट्रंप द्वारा ईरान में नए सर्वोच्च नेता के चुनाव पर टिप्पणी करने के जवाब में इरावानी ने कहा कि यह राज्यों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांत का उल्लंघन है। ईरान किसी भी विदेशी शक्ति को अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देगा।

ईरानी राजदूत ने सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों से इस “आक्रामकता और युद्ध अपराधों” की निंदा करने और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए खतरा बने इस हमले को रोकने की अपील की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अब तुरंत और बिना देरी के कार्रवाई करनी चाहिए।

Point of View

NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

अमेरिका और इजरायल का ईरान पर हवाई हमलों का कारण क्या है?
इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना बताया गया है, हालांकि ईरान इसे नागरिकों पर हमला मानता है।
ईरान का इन हमलों के प्रति क्या प्रतिक्रिया है?
ईरान ने अपने आत्मरक्षा के अधिकार का उपयोग करने की बात कही है और इसे 'कानूनी' और 'आवश्यक' बताया है।
क्या यह युद्ध अपराध है?
ईरान का कहना है कि ये हमले स्पष्ट रूप से युद्ध अपराध हैं और मानवता के खिलाफ अपराध हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
ईरानी राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र से कार्रवाई करने की अपील की है।
इस स्थिति का वैश्विक प्रभाव क्या होगा?
यह स्थिति क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हो सकती है।
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