बेरूत में इजरायली हमलों की बढ़ती तीव्रता, अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को दी सुरक्षा सलाह
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है।
- इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष बढ़ा है।
- 5 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं।
- यूनीसेफ ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
- सुरक्षा के लिए नागरिकों को आवश्यक वस्तुएं संचित करने की सलाह दी गई है।
बेरूत, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लेबनान की राजधानी बेरूत में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने यह चेतावनी दी है कि जो अमेरिकी नागरिक देश छोड़ने के लिए उपलब्ध विकल्पों का उपयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए।
इस सुरक्षा अलर्ट में नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने घरों के अंदर ही रहें या किसी सुरक्षित इमारत में शरण लें। इसके साथ ही, उन्हें खाने-पीने का सामान, पानी, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं अपने पास रखने की सलाह दी गई है।
इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप, विदेश मंत्री रुबियो और विदेश मंत्रालय के लिए अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दूतावास ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे मिडिल ईस्ट से निकलने के लिए विकल्पों पर काम कर रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने ईमेल की जांच करते रहें। प्रभावित क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों को समय पर जानकारी और सहायता देने के लिए तत्पर हैं।
यह चेतावनी ऐसे वक्त में जारी की गई है जब इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष तेज हो गया है। लेबनान सरकार के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में हुई हिंसा के कारण पांच लाख से अधिक लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है।
मंगलवार को आईडीएफ ने हिज्बुल्लाह के साथ लड़ाई के बीच नागरिकों को दक्षिणी लेबनान छोड़ने की चेतावनी दोहराई है।
सेना के प्रवक्ता कर्नल अविचाय एड्रई ने कहा, "हिज्बुल्लाह की आतंकी गतिविधियों के कारण आईडीएफ को इलाके में उसकी समाप्ति के लिए पूरी ताकत से कार्रवाई करनी पड़ रही है।" उन्होंने कहा कि हवाई हमले जारी हैं और इसलिए आपकी सुरक्षा के लिए हम आग्रह करते हैं कि आप तुरंत अपने घर खाली कर दें और लिटानी नदी के उत्तर की ओर चले जाएं।
यह चेतावनी पहले 4 मार्च को जारी की गई थी और इसे कई बार दोहराया गया है। सेना का अनुमान है कि अब तक 5,00,000 से ज्यादा लेबनानी अपने घर खाली कर चुके हैं।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूनीसेफ ने एक रिपोर्ट में बताया है कि लेबनान में अब तक करीब 83 बच्चों की मौत हो चुकी है और 254 बच्चे घायल हुए हैं।
यूनीसेफ ने कहा है कि सैन्य संघर्ष का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है, जिनकी सुरक्षा गंभीर खतरे में है। ये बच्चे बुनियादी जरूरतों से भी वंचित हैं।
संस्थान ने सभी पक्षों से अपील की है कि बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करें।
यूनीसेफ ने चेतावनी दी है कि अगर हिंसा जारी रही, तो बच्चों की मौत और घायलों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। मानसिक रूप से भी उन्हें काफी आघात पहुंचा है। युद्ध के कारण बड़ी संख्या में बच्चे पहले ही मानसिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं।