चंडीगढ़ में 21-24 जुलाई को ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक, 9 देशों के मंत्री होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ में 21 से 24 जुलाई 2026 के बीच ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक 2026 का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों पर साझा रणनीति तैयार करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस बैठक की आधिकारिक जानकारी साझा की है।
बैठक का उद्देश्य और एजेंडा
इस बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया — कुल 9 ब्रिक्स सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्री एकत्रित होंगे। मंत्रालय के अनुसार, बैठक का मुख्य जोर साझेदारी को मजबूत करने, सर्वोत्तम स्वास्थ्य प्रथाओं के आदान-प्रदान और मजबूत, नवाचारी एवं टिकाऊ स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए एक साझा दृष्टिकोण विकसित करने पर रहेगा।
गौरतलब है कि यह बैठक उस व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसके तहत भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। भारत की अध्यक्षता का मार्गदर्शक विषय है — 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग एवं स्थिरता के लिए निर्माण', जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 रियो शिखर सम्मेलन में प्रतिपादित जन-केंद्रित एवं मानवता-प्रथम दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है।
पूर्व में हो चुकी तैयारी बैठक
इससे पहले 15 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह (HWG) की पहली बैठक आयोजित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने की। उस बैठक में सभी ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और प्रतिनिधि सार्वजनिक स्वास्थ्य में सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विचार-विमर्श के लिए एकत्रित हुए थे।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने उस बैठक में सभी ब्रिक्स सदस्य देशों का स्वागत करते हुए स्वास्थ्य कार्य समूह को सार्वजनिक स्वास्थ्य सहयोग का प्रमुख मंच बताया था।
स्वास्थ्य सचिव ने क्या कहा
स्वास्थ्य सचिव श्रीवास्तव ने कहा था कि हाल के वर्षों में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह की बैठकों ने संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों सहित गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने, स्वास्थ्य प्रणालियों को सुदृढ़ करने एवं सस्ती दवाओं तक पहुँच में सुधार के लिए सहयोग का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने महामारी की तैयारी, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी नवाचार और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को बढ़ावा देने में ब्रिक्स सहयोग की भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने यह भी कहा था कि स्वास्थ्य कार्य समूह का उद्देश्य समावेशी, स्थायी एवं साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सहयोग को बढ़ावा देना है और ब्रिक्स देशों की विविध स्वास्थ्य प्रणालियों व सामाजिक-आर्थिक संदर्भों को मान्यता देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
आगे की राह
चंडीगढ़ में होने वाली यह मंत्री-स्तरीय बैठक अप्रैल में हुई कार्य समूह चर्चाओं को नीतिगत स्तर पर आगे ले जाने का अवसर है। यह ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्वास्थ्य तंत्र महामारी-पश्चात पुनर्निर्माण, जलवायु-संवेदनशील रोगों और दवा-आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा जैसी बहुआयामी चुनौतियों का सामना कर रहा है। बैठक के परिणाम ब्रिक्स के व्यापक स्वास्थ्य सहयोग एजेंडे को दिशा देंगे।