तिरुवनंतपुरम में ब्रिक्स EWG की दो दिवसीय बैठक 6 मई से, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास पर रहेगा फोकस

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तिरुवनंतपुरम में ब्रिक्स EWG की दो दिवसीय बैठक 6 मई से, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास पर रहेगा फोकस

सारांश

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत तिरुवनंतपुरम में 6 मई से दूसरी EWG बैठक शुरू हो रही है, जिसमें 11 देश सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और गिग वर्कर्स के लिए डिजिटल तकनीक के उपयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ILO और ISSA जैसे संगठन तकनीकी साझेदार के रूप में वैश्विक दृष्टिकोण साझा करेंगे।

मुख्य बातें

दूसरी ब्रिक्स EWG बैठक 6-7 मई 2025 को तिरुवनंतपुरम में आयोजित होगी।
11 ब्रिक्स सदस्य देशों के श्रम एवं रोजगार प्रतिनिधि इस इन-पर्सन बैठक में भाग लेंगे।
एजेंडे में सामाजिक सुरक्षा , महिला श्रम भागीदारी , कौशल विकास और गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए डिजिटल तकनीक शामिल हैं।
पहली EWG बैठक मार्च में वर्चुअल माध्यम से हुई थी; यह उसी की अगली कड़ी है।
ILO, ISSA और UN रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ऑफिस ज्ञान साझेदार के रूप में तकनीकी सुझाव देंगे।

भारत की मौजूदा ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत श्रम और रोजगार मंत्रालय ने मंगलवार, 5 मई को जानकारी दी कि दूसरी ब्रिक्स एम्प्लॉयमेंट वर्किंग ग्रुप (EWG) की दो दिवसीय बैठक 6 मई से तिरुवनंतपुरम में शुरू होगी। यह बैठक श्रम, रोजगार और श्रमिक कल्याण से जुड़े अहम मुद्दों पर 11 ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच सीधी (इन-पर्सन) चर्चा का मंच बनेगी।

किन देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

इस बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात के वे प्रतिनिधि भाग लेंगे जो अपने-अपने देशों में श्रम, रोजगार और श्रमिक कल्याण से संबंधित नीतियों की देखरेख करते हैं। यह पहली बार है जब इतने विस्तारित ब्रिक्स सदस्यों के साथ रोजगार कार्य समूह की आमने-सामने बैठक हो रही है।

पहली बैठक की पृष्ठभूमि

मंत्रालय के अनुसार, पहली EWG बैठक मार्च में वर्चुअल (ऑनलाइन) माध्यम से आयोजित की गई थी। उस बैठक में चार प्रमुख मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा की शुरुआत हुई थी — सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना और श्रम बाजार को औपचारिक बनाना; कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना; रोजगार क्षमता, कौशल मैपिंग और विकास पर सहयोग; तथा गिग और प्लेटफॉर्म वर्करों सहित सभी श्रमिकों के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग। गौरतलब है कि यह दूसरी बैठक उन्हीं चर्चाओं को आगे बढ़ाने और भारत की अध्यक्षता में तय प्राथमिकताओं पर सहमति बनाने के उद्देश्य से बुलाई गई है।

बैठक के मुख्य एजेंडा बिंदु

दूसरी बैठक में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और श्रम बाजार के त्वरित औपचारिकीकरण पर विशेष जोर रहेगा। इसके साथ ही रोजगार क्षमता और कौशल विकास पर बहुपक्षीय सहयोग के लिए ठोस रूपरेखा तैयार करने की कोशिश की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर गिग इकॉनमी और डिजिटल प्लेटफॉर्म वर्कर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और उनके लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय ज्ञान साझेदार भी होंगे मौजूद

मंत्रालय ने बताया कि इस बैठक में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन ज्ञान साझेदार के रूप में शामिल होंगे। इनमें अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO), अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (ISSA) और संयुक्त राष्ट्र का रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ऑफिस शामिल हैं। ये संगठन अपने वैश्विक अनुभव के आधार पर तकनीकी सुझाव और नीतिगत दृष्टिकोण साझा करेंगे, जिससे रोजगार, श्रमिक कल्याण और भविष्य के काम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और अधिक समृद्ध हो सकेगी।

अपेक्षित परिणाम

श्रम और रोजगार मंत्रालय को उम्मीद है कि ब्रिक्स देशों और ज्ञान साझेदारों की सक्रिय भागीदारी से श्रम, रोजगार और श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में ठोस, दूरदर्शी और सभी पक्षों के लिए लाभकारी नतीजे सामने आएंगे। यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत श्रम क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने का एक अहम कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि इन चर्चाओं से कोई बाध्यकारी प्रतिबद्धता निकलती है या नहीं। ब्रिक्स के विस्तारित स्वरूप में 11 देशों की भागीदारी से श्रम नीति पर सहमति बनाना पहले से कहीं अधिक जटिल हो गया है — हर देश की श्रम बाजार संरचना, सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और गिग इकॉनमी की स्थिति अलग-अलग है। गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दे वैश्विक स्तर पर अभी तक अनसुलझे हैं, और बहुपक्षीय मंच पर इन पर केवल सिफारिशें ही आ सकती हैं। बिना क्रियान्वयन तंत्र के, यह बैठक महत्वपूर्ण संवाद तो शुरू कर सकती है, पर ज़मीनी बदलाव के लिए हर देश की घरेलू नीतिगत इच्छाशक्ति पर निर्भर रहेगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स EWG बैठक क्या है और यह क्यों आयोजित होती है?
ब्रिक्स एम्प्लॉयमेंट वर्किंग ग्रुप (EWG) ब्रिक्स देशों के बीच श्रम, रोजगार और श्रमिक कल्याण पर नीतिगत समन्वय का मंच है। यह बैठक सदस्य देशों को साझा प्राथमिकताएँ तय करने और बेहतर प्रथाओं का आदान-प्रदान करने का अवसर देती है।
तिरुवनंतपुरम EWG बैठक में कौन-से मुख्य मुद्दे उठाए जाएंगे?
बैठक में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना, श्रम बाजार का औपचारिकीकरण, कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी, कौशल विकास और गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए डिजिटल तकनीक के उपयोग पर चर्चा होगी। ये मुद्दे मार्च की पहली वर्चुअल बैठक में शुरू हुई चर्चाओं का विस्तार हैं।
इस बैठक में कौन-से अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल होंगे?
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO), अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (ISSA) और संयुक्त राष्ट्र का रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ऑफिस ज्ञान साझेदार के रूप में शामिल होंगे। ये संगठन तकनीकी सुझाव और वैश्विक दृष्टिकोण साझा करेंगे।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में EWG की पहली बैठक कब हुई थी?
पहली EWG बैठक मार्च 2025 में वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई थी। उसमें चार प्रमुख मुद्दों पर प्रारंभिक चर्चा हुई थी, जिन्हें अब तिरुवनंतपुरम की इन-पर्सन बैठक में आगे बढ़ाया जाएगा।
ब्रिक्स EWG बैठक से क्या नतीजे अपेक्षित हैं?
श्रम और रोजगार मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक से श्रम, रोजगार और श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में ठोस और दूरदर्शी नतीजे सामने आने की उम्मीद है। हालाँकि, ये नतीजे बाध्यकारी होंगे या सिफारिशी, इसका ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले