तिरुवनंतपुरम में ब्रिक्स EWG की दो दिवसीय बैठक 6 मई से, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास पर रहेगा फोकस
सारांश
मुख्य बातें
भारत की मौजूदा ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत श्रम और रोजगार मंत्रालय ने मंगलवार, 5 मई को जानकारी दी कि दूसरी ब्रिक्स एम्प्लॉयमेंट वर्किंग ग्रुप (EWG) की दो दिवसीय बैठक 6 मई से तिरुवनंतपुरम में शुरू होगी। यह बैठक श्रम, रोजगार और श्रमिक कल्याण से जुड़े अहम मुद्दों पर 11 ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच सीधी (इन-पर्सन) चर्चा का मंच बनेगी।
किन देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
इस बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात के वे प्रतिनिधि भाग लेंगे जो अपने-अपने देशों में श्रम, रोजगार और श्रमिक कल्याण से संबंधित नीतियों की देखरेख करते हैं। यह पहली बार है जब इतने विस्तारित ब्रिक्स सदस्यों के साथ रोजगार कार्य समूह की आमने-सामने बैठक हो रही है।
पहली बैठक की पृष्ठभूमि
मंत्रालय के अनुसार, पहली EWG बैठक मार्च में वर्चुअल (ऑनलाइन) माध्यम से आयोजित की गई थी। उस बैठक में चार प्रमुख मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा की शुरुआत हुई थी — सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना और श्रम बाजार को औपचारिक बनाना; कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना; रोजगार क्षमता, कौशल मैपिंग और विकास पर सहयोग; तथा गिग और प्लेटफॉर्म वर्करों सहित सभी श्रमिकों के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग। गौरतलब है कि यह दूसरी बैठक उन्हीं चर्चाओं को आगे बढ़ाने और भारत की अध्यक्षता में तय प्राथमिकताओं पर सहमति बनाने के उद्देश्य से बुलाई गई है।
बैठक के मुख्य एजेंडा बिंदु
दूसरी बैठक में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और श्रम बाजार के त्वरित औपचारिकीकरण पर विशेष जोर रहेगा। इसके साथ ही रोजगार क्षमता और कौशल विकास पर बहुपक्षीय सहयोग के लिए ठोस रूपरेखा तैयार करने की कोशिश की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर गिग इकॉनमी और डिजिटल प्लेटफॉर्म वर्कर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और उनके लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय ज्ञान साझेदार भी होंगे मौजूद
मंत्रालय ने बताया कि इस बैठक में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन ज्ञान साझेदार के रूप में शामिल होंगे। इनमें अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO), अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (ISSA) और संयुक्त राष्ट्र का रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ऑफिस शामिल हैं। ये संगठन अपने वैश्विक अनुभव के आधार पर तकनीकी सुझाव और नीतिगत दृष्टिकोण साझा करेंगे, जिससे रोजगार, श्रमिक कल्याण और भविष्य के काम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और अधिक समृद्ध हो सकेगी।
अपेक्षित परिणाम
श्रम और रोजगार मंत्रालय को उम्मीद है कि ब्रिक्स देशों और ज्ञान साझेदारों की सक्रिय भागीदारी से श्रम, रोजगार और श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में ठोस, दूरदर्शी और सभी पक्षों के लिए लाभकारी नतीजे सामने आएंगे। यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत श्रम क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने का एक अहम कदम मानी जा रही है।