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क्या ब्रिक्स मंत्रियों की बैठक वैश्विक सहयोग और सतत विकास को मजबूत करेगी?

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क्या ब्रिक्स मंत्रियों की बैठक वैश्विक सहयोग और सतत विकास को मजबूत करेगी?

सारांश

ब्रिक्स मंत्रियों की बैठक में वैश्विक सहयोग और सतत विकास के मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने अध्यक्षता की और सभी ने मिलकर नई साझेदारियों की दिशा में कदम बढ़ाने का संकल्प लिया। क्या यह बैठक वैश्विक स्थिरता के लिए एक नई दिशा दिखाएगी?

मुख्य बातें

वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता।
सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करना।
रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करना।
महिलाओं के नेतृत्व की मांग।
बहुपक्षवाद को बढ़ावा देना।

नई दिल्ली, 27 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। ब्रिक्स देशों के विदेश और अंतरराष्ट्रीय संबंध मंत्रियों ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के दौरान वार्षिक बैठक का आयोजन किया। इस बैठक की अध्यक्षता भारत ने की, जो 2026 के लिए ब्रिक्स का भावी अध्यक्ष है।

बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक, वित्तीय और सतत विकास जैसे विषय शामिल थे। मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र के एजेंडे और ब्रिक्स के भीतर सहयोग को बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।

मंत्रियों ने तीन मुख्य क्षेत्रों: राजनीतिक-सुरक्षा, अर्थव्यवस्था-वित्त, और सांस्कृतिक-जन संपर्क पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अपने लोगों के लाभ के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

इस बैठक में विस्तारित ब्रिक्स देशों के सहयोग को और गहराने पर जोर दिया गया। इससे पहले, 6-7 जुलाई 2025 को रियो डी जेनेरियो में हुए सत्रहवीं ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के परिणामों की भी सराहना की गई।

इस सम्मेलन का थीम था "वैश्विक दक्षिण सहयोग को मजबूत करना, अधिक समावेशी और सतत शासन के लिए।"

इसमें ब्रिक्स के साथी देशों और आमंत्रित देशों ने हिस्सा लिया। मंत्रियों ने शिखर सम्मेलन में लिए गए फैसलों, जैसे जलवायु वित्त पर रूपरेखा घोषणा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शासन पर वक्तव्य, और सामाजिक रोगों के उन्मूलन के लिए साझेदारी, को लागू करने की कसम खाई।

बैठक में बहुपक्षवाद और बहुध्रुवीयता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों, जैसे अंतरराष्ट्रीय शांति, मानवाधिकारों की रक्षा, और सतत विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने अन्य देशों के आंतरिक मामलों में दखल न देने, समानता, और आपसी सम्मान के आधार पर सहयोग बढ़ाने की वकालत की।

साथ ही, उभरते बाजारों और विकासशील देशों, खासकर एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन से, को वैश्विक निर्णय प्रक्रियाओं में अधिक भागीदारी देने पर बल दिया।

मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में महिलाओं के नेतृत्व और प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की मांग की। उन्होंने पारदर्शिता और समावेशिता के आधार पर वरिष्ठ पदों की नियुक्ति की वकालत की, ताकि किसी एक देश या समूह का एकाधिकार न हो। साथ ही, बहुपक्षीय संस्थानों को कमजोर करने या उनके काम में बाधा डालने की कोशिशों की निंदा की।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि ब्रिक्स मंत्रियों की बैठक एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस बैठक ने न केवल वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने का मौका दिया, बल्कि विकासशील देशों की आवाज को भी मजबूती से प्रस्तुत किया। यह समय है कि हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स मंत्रियों की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक सहयोग, राजनीतिक-सुरक्षा, और आर्थिक विकास पर चर्चा करना था।
भारत कब ब्रिक्स का अध्यक्ष बनेगा?
भारत 2026 के लिए ब्रिक्स का भावी अध्यक्ष है।
राष्ट्र प्रेस
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