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ब्रिक्स NSA बैठक: PM मोदी से मिले सदस्य देशों के सुरक्षा सलाहकार, आतंकवाद-साइबर खतरों पर बनी सहमति

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ब्रिक्स NSA बैठक: PM मोदी से मिले सदस्य देशों के सुरक्षा सलाहकार, आतंकवाद-साइबर खतरों पर बनी सहमति

सारांश

नई दिल्ली में 16वीं ब्रिक्स NSA बैठक के बाद सदस्य देशों के सुरक्षा सलाहकारों ने PM मोदी से मुलाकात की। आतंकवाद, साइबर खतरों और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर सहमति बनी। सभी ने 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का समर्थन किया।

मुख्य बातें

23 जून 2026 को नई दिल्ली में 16वीं ब्रिक्स NSA बैठक के समापन के बाद सदस्य देशों के सुरक्षा सलाहकारों ने PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
बैठक में आतंकवाद , साइबर सुरक्षा , ऊर्जा सुरक्षा , खाद्य सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न खतरों पर विचार-विमर्श हुआ।
ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी कार्य समूह की बैठक 21-22 मई को और ICT सुरक्षा बैठक जून 2026 के पूर्वार्ध में हो चुकी थी।
सभी प्रतिनिधियों ने 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का पूर्ण समर्थन किया।
PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और व्यावहारिक सुरक्षा सहयोग पर भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

नई दिल्ली में 23 जून 2026 को 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) बैठक के समापन के बाद सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दो दिवसीय इस बैठक में वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों — विशेषकर आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और नई तकनीकों के दुरुपयोग — पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

PM मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें सभी सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर प्रसन्नता हुई। उन्होंने लिखा, 'बदलते वैश्विक माहौल में ब्रिक्स की भूमिका बहुत अहम है। यह सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और नई तकनीकों जैसी साझा चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकता है।' मोदी ने यह भी कहा कि भारत की अध्यक्षता का उद्देश्य व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाना, ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को समर्थन देना और एक सुरक्षित, मजबूत एवं समावेशी विश्व के निर्माण में योगदान देना है।

बैठक में उठे प्रमुख मुद्दे

विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी बयान के अनुसार, बैठक में गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया गया। इनमें ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, सप्लाई चेन की सुरक्षा, आतंकवादी संगठनों द्वारा नई तकनीकों का इस्तेमाल, साइबर सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न अस्थिरता जैसे विषय शामिल थे। गौरतलब है कि ये वे मुद्दे हैं जो परंपरागत सैन्य खतरों से परे जाकर समकालीन वैश्विक व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं।

कार्य समूहों की समीक्षा

MEA के अनुसार, शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह और सूचना एवं संचार तकनीकों के सुरक्षित इस्तेमाल से जुड़े कार्य समूहों की गतिविधियों और नतीजों की समीक्षा की। आतंकवाद विरोधी कार्य समूह की बैठक 21-22 मई 2026 को हो चुकी थी, जबकि सूचना एवं संचार तकनीक से संबंधित बैठक जून के पूर्वार्ध में आयोजित की गई थी।

सहयोग और प्रतिबद्धता

बयान के अनुसार, नेताओं ने ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का समर्थन किया — विशेष रूप से सदस्य देशों की क्षमताओं को सुदृढ़ करने, सूचना साझाकरण और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर बल दिया गया। सभी प्रतिनिधियों ने आतंकवाद के हर रूप और हर तरीके के विरुद्ध संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत की अध्यक्षता को समर्थन

बैठक में शामिल सभी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों ने 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक मंचों पर ग्लोबल साउथ की आवाज़ को और अधिक मुखर करने की कोशिश कर रहा है। आगामी महीनों में ब्रिक्स के अंतर्गत और बैठकों व शिखर सम्मेलन की तैयारियाँ तेज होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ब्रिक्स का विस्तार हो रहा है और सदस्य देशों के बीच भू-राजनीतिक हित हमेशा एकसमान नहीं हैं — ऐसे में 'आतंकवाद विरोधी सहयोग' जैसे व्यापक संकल्पों को ठोस कार्रवाई में बदलना असली चुनौती है। भारत की अध्यक्षता की असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये बैठकें केवल घोषणापत्रों तक सीमित रहती हैं, या कार्य समूहों के नतीजे सत्यापन-योग्य सहयोग में तब्दील होते हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16वीं ब्रिक्स NSA बैठक कहाँ और कब हुई?
16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक नई दिल्ली में 23 जून 2026 को दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुई। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के NSA और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, सप्लाई चेन सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न अस्थिरता जैसे गैर-पारंपरिक सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। आतंकवादी संगठनों द्वारा नई तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने पर भी सहमति बनी।
PM मोदी ने बैठक पर क्या कहा?
PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में ब्रिक्स की भूमिका अहम है और भारत की अध्यक्षता का लक्ष्य व्यावहारिक सहयोग, ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं का समर्थन और एक सुरक्षित व समावेशी दुनिया का निर्माण है।
ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी कार्य समूह की बैठक कब हुई थी?
ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह की बैठक 21-22 मई 2026 को हुई थी, जबकि सूचना एवं संचार तकनीक (ICT) सुरक्षा से संबंधित बैठक जून 2026 के पूर्वार्ध में आयोजित की गई थी।
2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का क्या महत्व है?
2026 में भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, जिसका उद्देश्य ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर रखना और सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को व्यावहारिक रूप देना है। सभी NSA और प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों ने इस अध्यक्षता का पूर्ण समर्थन किया।
राष्ट्र प्रेस
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