13 सितंबर 2026
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: PM मोदी बोले — विविधता और सहयोग ही ब्रिक्स की असली ताकत

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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: PM मोदी बोले — विविधता और सहयोग ही ब्रिक्स की असली ताकत

सारांश

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन PM मोदी ने विविधता और सहयोग को समूह की असली पहचान बताई। MSME पोर्टल, अर्बन मोबिलिटी हब और क्लीन एनर्जी डिजिटल सेंटर जैसी पहलों के साथ भारत ने ग्लोबल साउथ के लिए ब्रिक्स को एक समावेशी मंच के रूप में पेश किया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 13 सितंबर 2026 को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन सदस्य देशों को संबोधित किया।
ब्रिक्स के तहत एमएसएमई कॉर्पोरेशन पोर्टल की पहल — छोटे उद्यमों को ज्ञान, वित्त और नए बाजारों से जोड़ने के लिए।
शहरों के बीच श्रेष्ठ पद्धतियाँ साझा करने हेतु ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब की स्थापना।
स्मार्ट ग्रिड्स और ऊर्जा भंडारण के लिए ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का गठन।
मोदी ने कहा — ब्रिक्स के समाधान ग्लोबल साउथ के लिए अनुकूलनीय और सुलभ बनाए जाने चाहिए।
विविधता, सहयोग, लचीलापन और सस्टेनेबिलिटी को ब्रिक्स के चार मूल स्तंभ बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 सितंबर 2026 को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन सदस्य देशों को संबोधित करते हुए कहा कि इस समूह की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता और आपसी सहयोग में निहित है। उन्होंने लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) — इन चार स्तंभों को ब्रिक्स की प्रगति का आधार बताया। मोदी ने कहा, "हमारी विविधता हमारी पहचान बने, हमारा सहयोग हमारी प्रेरणा बने और हमारी प्रगति संपूर्ण मानवता के कल्याण के काम आए।"

मुख्य घोषणाएँ और पहल

प्रधानमंत्री ने बताया कि ब्रिक्स के अंतर्गत एम्प्लॉयबिलिटी, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक सुरक्षा और क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। छोटे और मध्यम उद्यमों को ज्ञान, वित्त और नए बाजारों से जोड़ने के लिए ब्रिक्स एमएसएमई कॉर्पोरेशन पोर्टल की पहल की गई है। इसके अलावा, सदस्य देशों के शहरों के बीच श्रेष्ठ कार्य पद्धतियाँ साझा करने हेतु ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब की स्थापना की गई है।

स्मार्ट ग्रिड्स और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का गठन किया गया है, जो स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों को अधिक विश्वसनीय, सक्षम और सुलभ बनाने में सहायक होगा।

पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी पर जोर

मोदी ने भारतीय सभ्यता के संदर्भ में कहा कि प्रकृति को माँ का दर्जा देना हमारी सदियों पुरानी मान्यता रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि विकास और पर्यावरण एक दूसरे के विकल्प नहीं बल्कि पूरक हैं। उन्होंने कहा, "ब्रिक्स में हमने मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर बल दिया है। यही सस्टेनेबिलिटी का आधार है और भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी।"

एग्रो इकोलॉजी और री जनरेटिव एग्रीकल्चर के सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ा जाएगा। साथ ही, समुदाय आधारित जलवायु अनुकूलन के लिए तैयार सिद्धांत स्वदेशी ज्ञान को जलवायु कार्रवाई का महत्वपूर्ण आधार बनाएंगे।

ग्लोबल साउथ और समावेशी विकास

प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स में विकसित समाधान केवल सदस्य देशों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें ग्लोबल साउथ की आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलनीय और सुलभ बनाया जाना चाहिए। मोदी ने कहा, "मैं अपने निजी अनुभव से कह सकता हूँ कि ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के देशों का विश्वास बढ़ा है, क्योंकि ब्रिक्स में उनकी आवाज़ सुनी जाती है, उनके अनुभव का सम्मान होता है और समाधान उनके लिए नहीं बल्कि उनके साथ मिलकर बनाए जाते हैं।"

यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिक्स का विस्तार हो चुका है और नए सदस्य देशों के साथ समूह की वैश्विक प्रासंगिकता पर बहस जारी है। गौरतलब है कि ग्लोबल साउथ के लिए एक वैकल्पिक बहुपक्षीय मंच के रूप में ब्रिक्स की भूमिका पर भारत की स्थिति लगातार मुखर रही है।

आगे की राह

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन का समापन करते हुए दोहराया कि ब्रिक्स की शक्ति उसकी विविधता और सहयोग में है। समूह से अपेक्षा है कि शिखर सम्मेलन के बाद एमएसएमई पोर्टल, अर्बन मोबिलिटी हब और ऊर्जा क्षेत्र के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के क्रियान्वयन पर ठोस कार्ययोजना सामने आएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन है — MSME पोर्टल और अर्बन मोबिलिटी हब जैसी पहलों के ठोस परिणाम अभी सामने आने बाकी हैं। ग्लोबल साउथ के लिए 'उनके साथ मिलकर समाधान' का नारा तब तक अधूरा है जब तक इन देशों की वास्तविक निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी न हो। साथ ही, ब्रिक्स के विस्तार के बाद समूह की एकजुटता और दिशा पर जो प्रश्नचिह्न लगे हैं, उन्हें केवल प्रेरक भाषणों से नहीं, बल्कि साझा नीतिगत कार्रवाई से ही दूर किया जा सकता है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में PM मोदी ने क्या कहा?
PM मोदी ने 13 सितंबर 2026 को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन विविधता और सहयोग को समूह की असली ताकत बताया। उन्होंने लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी को ब्रिक्स के चार मूल स्तंभ घोषित किए।
ब्रिक्स एमएसएमई कॉर्पोरेशन पोर्टल क्या है?
ब्रिक्स एमएसएमई कॉर्पोरेशन पोर्टल एक नई पहल है जिसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमों को ज्ञान, वित्त और नए बाजारों से जोड़ना है। इसकी घोषणा PM मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में सदस्य देशों को संबोधित करते हुए की।
ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब एक मंच है जो सदस्य देशों के शहरों के बीच श्रेष्ठ कार्य पद्धतियाँ साझा करने के लिए स्थापित किया गया है। इसका लक्ष्य शहरी विकास के अनुभवों को परस्पर उपयोगी बनाना है।
ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस किसलिए बनाया गया है?
यह सेंटर स्मार्ट ग्रिड्स और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में काम करेगा और सदस्य देशों की स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों को अधिक विश्वसनीय, सक्षम और सुलभ बनाने में मदद करेगा। PM मोदी ने इसे ब्रिक्स की क्लीन एनर्जी प्रतिबद्धता का अहम हिस्सा बताया।
ग्लोबल साउथ के लिए ब्रिक्स की क्या भूमिका है?
PM मोदी के अनुसार, ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के देशों का विश्वास इसलिए बढ़ा है क्योंकि यहाँ उनकी आवाज़ सुनी जाती है और समाधान उनके साथ मिलकर बनाए जाते हैं। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स में विकसित समाधानों को ग्लोबल साउथ की जरूरतों के अनुरूप अनुकूलनीय बनाया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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