क्या लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल का एयरस्ट्राइक एक आतंकवादी को खत्म करने में सफल रहा?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल ने बुधवार को दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ एक बार फिर से ऑपरेशन शुरू किया है। वहीं, लेबनानी सरकार भी विभिन्न स्थानों पर गैर-सरकारी हथियारों के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया में जुटी है। इजरायली मीडिया के अनुसार, इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने बुधवार को दक्षिणी लेबनान में दो बार एयरस्ट्राइक की।
आईडीएफ ने पहले दक्षिणी लेबनान के सिडोन क्षेत्र में हिज्बुल्लाह के आतंकवादियों पर एक लक्षित हमला किया था। इसके तुरंत बाद, आईडीएफ ने जानकारी दी कि उसने तटीय शहर टायर के पास बुर्ज अल-शेमाली में एक हिज्बुल्लाह ऑपरेटर को निशाना बनाया।
शुरू में, इजरायली मीडिया ने लेबनान की स्थानीय मीडिया के हवाले से कहा था कि स्ट्राइक में किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, अब इजरायली मीडिया ने आईडीएफ के हवाले से बताया है कि एक फिलिस्तीनी आतंकवादी को सैनिकों ने मार गिराया है। वह रातों-रात गाजा में सीजफायर लाइन पार कर गया था।
आईडीएफ के अनुसार, ऑपरेटर ने येलो लाइन पार की और 188वीं आर्मर्ड ब्रिगेड के सैनिकों के करीब पहुंचा, जिससे खतरा उत्पन्न हो गया। सेना ने कहा कि सैनिकों ने फायरिंग की और खतरे को समाप्त करने के लिए आतंकवादी को खत्म कर दिया।
अक्टूबर में सीजफायर शुरू होने के बाद से, आईडीएफ ने कहा है कि उसने कई आतंकवादी ऑपरेटरों और अन्य संदिग्धों को मार गिराया है। ऐसी घटनाएं लगभग रोज घटित होती रही हैं।
इससे पहले, लेबनानी सरकार ने जानकारी दी थी कि वह देश में गैर-सरकारी हथियारों को नियंत्रित करने के लिए अभियान चला रही है। लेबनानी सरकार ने इस मिशन के पहले चरण का कार्य पूरा होने की जानकारी दी। पिछले साल 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर समझौते के बाद, इस कदम को हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करने की दिशा में देखा जा रहा है।
वास्तव में, दोनों देशों के बीच जो सीजफायर हुआ था, उसमें यह कहा गया था कि हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करना होगा। इसलिए, लेबनानी सरकार द्वारा हथियारों पर नियंत्रण का अभियान, हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई के रूप में माना जा रहा है। इजरायल ने लेबनानी सरकार की इस कार्रवाई की सराहना की है।
लेबनानी सेना ने देश के दक्षिण में सभी गैर-सरकारी हथियारों को अपने नियंत्रण में लाने के पहले चरण के पूरा होने की घोषणा की है। जिन क्षेत्रों में सेना ने मिशन को अंजाम दिया है, उनमें लिटानी नदी और इजरायली सीमा के बीच का क्षेत्र शामिल है।
लेबनानी सेना ने कहा कि उसने दक्षिण में हथियारों पर प्रभावी और ठोस तरीके से सरकारी नियंत्रण स्थापित कर लिया है। हालांकि, सेना ने हिज्बुल्लाह का उल्लेख नहीं किया। बयान में आगे कहा गया कि अब सैन्य नियंत्रण लिटानी नदी के दक्षिण के क्षेत्रों में है। यह सीमा से लगभग 30 किलोमीटर (19 मील) दूर है।