राहुल गांधी की कथित गैरमौजूदगी पर बिहार मंत्रियों का हमला, बांकीपुर में NDA जीत का दावा
सारांश
मुख्य बातें
पटना, 12 जुलाई — बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की आहट के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित गैरमौजूदगी को लेकर सियासी तापमान चढ़ गया है। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार और मिथिलेश तिवारी ने शनिवार को कांग्रेस पर तीखे हमले बोले और दावा किया कि बांकीपुर सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत एक बार फिर तय है।
श्रवण कुमार का कांग्रेस को जवाब देने का आह्वान
बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम की जानकारी उनके करीबी लोगों को होती है, लेकिन पिछले 20 दिनों से उनकी कोई खबर नहीं है। उन्होंने कहा, 'इस मामले में विस्तृत जानकारी लेकर कांग्रेस को देश को जवाब देना चाहिए।' उनके अनुसार, यह जानकारी राहुल गांधी के परिवार और पार्टी के पास होगी और उन्हें ही स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
श्रवण कुमार ने प्रधानमंत्री के विदेश दौरों का बचाव करते हुए कहा कि उनकी विदेश यात्राओं के पीछे राष्ट्रीय हित होते हैं और इससे वैश्विक मंच पर भारत का परचम लहराता है।
मिथिलेश तिवारी का 'शहजादों' पर तंज
बिहार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने और तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि दिल्ली और पटना के 'शहजादे' केवल पर्यटन के लिए राजनीति में आए हैं और उन्हें विदेश में रहना अधिक पसंद है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'दिल्ली और पटना के शहजादों को विदेश मुबारक, हम जनता के बीच रहते हैं और उनके लिए काम करते हैं।' तिवारी ने बांकीपुर उपचुनाव में कुछ उम्मीदवारों को 'रिजेक्टेड' बताते हुए उनके प्रति 'सहानुभूति' जताई।
बांकीपुर उपचुनाव और NDA का दावा
दोनों मंत्रियों ने एकस्वर में कहा कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और NDA का लंबे समय से दबदबा रहा है और इस बार भी यही स्थिति बनी रहेगी। श्रवण कुमार ने कहा, 'लोकतंत्र में सभी पार्टियों को चुनाव लड़ने का अधिकार है, लेकिन वहाँ के लोग NDA और BJP से प्रेम करते हैं।' मिथिलेश तिवारी ने भी दोहराया कि बांकीपुर का चुनाव BJP ने हमेशा जीता है और इस बार भी NDA ही जीतेगा।
राम मंदिर CEO नियुक्ति पर प्रतिक्रिया
अयोध्या के राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के सवाल पर श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार ने सही निर्णय लिया है और सही निर्णय से सही परिणाम निकलते हैं। उन्होंने इस फैसले पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब बांकीपुर उपचुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और विपक्षी दल अपनी रणनीति बना रहे हैं। गौरतलब है कि बिहार में NDA और विपक्षी गठबंधन के बीच जुबानी जंग उपचुनाव से पहले तेज होती रहती है। आलोचकों का कहना है कि सत्तापक्ष के इस तरह के बयान चुनावी माहौल बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं। आने वाले हफ्तों में बांकीपुर उपचुनाव की तारीख घोषित होने के साथ ही यह सियासी घमासान और तेज होने की उम्मीद है।