कतर अमीर और इराकी पीएम की दोहा में बैठक, अमेरिका-ईरान एमओयू लागू करने पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने 19 जुलाई 2026 को दोहा में इराक के प्रधानमंत्री अली फलीह अल-जैदी से द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने अमेरिका और ईरान के बीच हस्ताक्षरित शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) को लागू करने की अपील की और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
बैठक में क्या हुआ
अमीर के प्रशासनिक कार्यालय 'अमीरी दीवान' की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने सभी पक्षों से संवाद का मार्ग अपनाने और एमओयू के तहत तय सहमतियों को क्रियान्वित करने का आह्वान किया। बयान में विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। साथ ही पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी सहमति जताई गई।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग विस्तार के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
अमेरिका-ईरान एमओयू की पृष्ठभूमि
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान ने जून 2026 के मध्य में यह एमओयू हस्ताक्षरित किया था। इसके तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर वार्ता के माध्यम से अंतिम समझौते तक पहुँचने का प्रयास करना था। गौरतलब है कि यह समझौता मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयासों की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा था। हालाँकि, हाल के हफ्तों में दोनों देशों के बीच मध्य पूर्व में कई दौर के हमले होने से हालात फिर तनावपूर्ण हो गए हैं।
ईरान का रुख और आरोप
ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका ने एमओयू के तहत अपनी लगभग सभी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है या उन्हें निलंबित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी कारण ईरान ने भी एमओयू के तहत अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी करना फिलहाल रोक दिया है। गरीबाबादी ने कहा, "इस समय हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता पूरे मजबूती के साथ अपने देश की रक्षा करना है। इस बार भी अमेरिका को जवाब मिल चुका है कि इस तरह की आक्रामक कार्रवाई से उसे कोई फायदा नहीं होगा। अगर वे समझदारी से काम लें, तो उन्हें दूसरा रास्ता चुनना चाहिए।"
खामेनेई का बयान
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने ईरानी मीडिया के अनुसार देश के नाम अपने संदेश में कहा कि एमओयू का अमेरिका द्वारा उल्लंघन किए जाने से एक बार फिर यह सिद्ध हो गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर की कोई विश्वसनीयता नहीं है। यह टिप्पणी उस समय आई जब क्षेत्रीय कूटनीति में कतर और इराक जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, जिससे दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल का परिवहन होता है। इस क्षेत्र में किसी भी तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ता है। कतर की यह कूटनीतिक पहल दर्शाती है कि खाड़ी देश एमओयू को बचाने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि अमेरिका और ईरान इन मध्यस्थता प्रयासों पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देते हैं।