अमेरिका-ईरान समझौते पर कनाडाई PM मार्क कार्नी ने किया स्वागत, पाकिस्तान और कतर को दिया श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते का खुलकर स्वागत किया और उन देशों की सराहना की जिन्होंने इस कूटनीतिक सफलता को संभव बनाने में अहम भूमिका निभाई। कार्नी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर पाकिस्तान, कतर और क्षेत्र के अन्य साझेदार देशों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। यह समझौता ऐसे समय में आया है जब महीनों की तनातनी और सैन्य टकराव के बाद वैश्विक ऊर्जा बाज़ार गहरे संकट में था।
कार्नी का बयान और कनाडा का रुख
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक्स पर लिखा, 'कनाडा, अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते का स्वागत करता है। हम पाकिस्तान, कतर और क्षेत्र के अन्य साझेदार देशों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने बातचीत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।' उन्होंने स्पष्ट किया कि कनाडा का हमेशा से यही रुख रहा है कि स्थायी युद्धविराम के लिए दो शर्तें अनिवार्य हैं।
पहली शर्त यह कि होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो, और दूसरी यह कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से उत्पन्न खतरे का स्थायी समाधान निकाला जाए। कार्नी ने सभी पक्षों से अपील की कि वे ईमानदारी से संवाद बनाए रखें और तनाव बढ़ाने वाले किसी भी कदम से बचें।
ट्रंप की घोषणा और ईरान की प्रतिक्रिया
इससे पहले रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर समझौते की घोषणा की। ट्रंप ने लिखा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। सभी को बधाई।' उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोले जाने का भी उल्लेख करते हुए लिखा, 'दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू कर लो।'
ईरान ने भी एमओयू को अंतिम रूप दिए जाने पर आधिकारिक बयान जारी किया। ट्रंप ने इस समझौते को महीनों की कड़ी कूटनीतिक मशक्कत के बाद हासिल की गई बड़ी कामयाबी बताया।
वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर असर
इस युद्ध के दौरान वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका ने निवेशकों को चिंतित कर दिया था। होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया के कच्चे तेल के एक बड़े हिस्से की आवाजाही का मार्ग है, के अवरुद्ध होने की स्थिति ने तेल की कीमतों को अस्थिर किया था। समझौते की घोषणा के बाद वैश्विक बाज़ारों ने राहत की सांस ली।
क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में कनाडा की भूमिका
कार्नी ने कहा कि कनाडा अपने साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में है और क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति स्थापित करने के प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने विशेष रूप से लेबनान का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ भी स्थिरता लाने के प्रयासों में कनाडा सक्रिय रहेगा। गौरतलब है कि यह समझौता न केवल अमेरिका-ईरान के द्विपक्षीय संबंधों के लिए, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।