अमेरिका-ईरान समझौते पर G7 और विश्व नेताओं की मुहर, होर्मुज स्ट्रेट खुलने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
वाशिंगटन, 20 जून — जी7 देशों सहित दुनियाभर के नेताओं और अमेरिकी सांसदों ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते का खुलकर स्वागत किया है। समर्थकों के अनुसार, यह समझौता होर्मुज स्ट्रेट को स्वतंत्र नौवहन के लिए फिर से खोलने, मध्य-पूर्व में तनाव घटाने और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की कूटनीतिक वार्ता की राह बनाने में सहायक हो सकता है।
समझौते की मुख्य शर्तें
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ एक ऐसा समझौता किया है जिसके तहत तेहरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा, होर्मुज स्ट्रेट को स्वतंत्र नेविगेशन के लिए पुनः खोला जाएगा और भविष्य की कूटनीति के लिए एक ठोस ढाँचा तैयार किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने भी स्पष्ट किया कि समझौते में तत्काल और स्थायी युद्धविराम, स्ट्रेट को फिर से खोलना और आगे की बातचीत का फ्रेमवर्क शामिल है।
जी7 और यूरोपीय नेताओं की प्रतिक्रिया
जी7 नेताओं के संयुक्त बयान में कहा गया कि यह समझौता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और उसकी क्षेत्रीय व बैलिस्टिक गतिविधियों से उत्पन्न खतरों से निपटने का एक ऐतिहासिक अवसर है। नेताओं ने इसे लागू करने में पूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने समझौते को युद्ध समाप्त करने, क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने और होर्मुज स्ट्रेट को पुनः खोलने की दिशा में 'अत्यंत आवश्यक कदम' बताया। उन्होंने ट्रंप के साथ-साथ पाकिस्तान, कतर और अन्य मध्यस्थ देशों को भी बधाई दी।
यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि इस समझौते का अर्थ ईरान के परमाणु कार्यक्रम का निश्चित अंत होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'स्ट्रेट फिर से खुलेगा। तेल की कीमतें गिर रही हैं और कूटनीति ऐसे ही काम करती है।' फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यह समझौता स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करता है और होर्मुज स्ट्रेट को पुनः खोलने की अनुमति देता है।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इस समझौते को क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने युद्धविराम की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में स्वतंत्र और सुरक्षित नेविगेशन का तत्काल पुनरारंभ अनिवार्य है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि आगे की वार्ता से ईरान के परमाणु मुद्दे का अंतिम समाधान निकलेगा।
मध्य-पूर्व और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भूमिका
कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों की वार्ता और शांतिपूर्ण तरीकों से मतभेद सुलझाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है। स्विट्जरलैंड ने भी इसे तनाव कम करने की दिशा में जरूरी कदम बताया। गौरतलब है कि पाकिस्तान और कतर ने इस कूटनीतिक प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
अमेरिकी सांसदों की प्रतिक्रिया
घरेलू स्तर पर रिपब्लिकन सांसदों ने व्यापक रूप से समझौते का समर्थन किया। सीनेट रिपब्लिकन कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन जॉन बरासो ने कहा कि ट्रंप ने अमेरिकी ताकत के बल पर ईरान को वार्ता की मेज पर लाया। सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इसे 'महत्वपूर्ण कदम' बताते हुए कहा कि इससे ईरान संघर्ष से परे शांति का रास्ता खुल सकता है। सीनेटर रैंड पॉल ने कहा, 'इस युद्ध का अंत होना चाहिए। मैं शांति के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के साथ खड़ा हूँ।'
हाउस रिपब्लिकन प्रतिनिधि रॉबर्ट एडरहोल्ट ने कहा कि इस डील से होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुलेगा और ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ना होगा। प्रतिनिधि एंडी हैरिस ने इसे अमेरिका और दुनिया के लिए 'एक खास दिन' बताया।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाजार होर्मुज स्ट्रेट की बंदी के कारण दबाव में था, क्योंकि दुनिया के लगभग 20% तेल का परिवहन इसी जलमार्ग से होता है। समझौते के बाद तेल की कीमतों में गिरावट के संकेत मिले हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर विस्तृत वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ती है और समझौते की शर्तें किस गति से लागू होती हैं।