गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की आवश्यकता, जगतगुरु शंकराचार्य ने वैदिक गुरुकुल उद्घाटन में कहा
सारांश
Key Takeaways
- गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- वैदिक गुरुकुल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन गुजरात में हुआ।
- गायों की हत्या रोकने के लिए कानून बनाए गए हैं।
- संस्कृत के महत्व को बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं।
- गाय का सम्मान हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
साबरकांठा, मुंबई, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शनिवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में साबरकांठा के इडर के मुडेती गांव में याज्ञवल्क्य वेद तत्वज्ञान योग आश्रम द्वारा वैदिक गुरुकुल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया।
यह वैदिक गुरुकुल दो साल पहले जगतगुरु शंकराचार्य शारदापीठ के पीठाधीश्वर सदानंदजी सरस्वती महाराज की उपस्थिति में स्थापित किया गया था, जिसका औपचारिक उद्घाटन शनिवार को किया गया।
मुडेती पाठशाला के ट्रस्टी अश्विन शुक्ला ने कहा कि हम सदियों पुरानी गुरुकुल परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। जगतगुरु शंकराचार्य ने इस अवसर पर एक अहम बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि गाय को राजमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए। जैसे हम अपनी मां का सम्मान करते हैं, वैसे ही गोमाता का भी सम्मान होना चाहिए। यदि हमें गोमाता की रक्षा करनी है, तो उन्हें राजमाता का दर्जा देना आवश्यक है। उनका कहना है कि इसकी शुरुआत गुजरात से की जानी चाहिए।
जगतगुरु शंकराचार्य ने यह भी कहा कि छात्रों की पाठ्य पुस्तकों में श्रीमद् भगवद् गीता को शामिल किया गया है, जिसके लिए गुजरात सरकार साधुवाद की पात्र है। उन्होंने आगे कहा कि देश में पहले से ही गोहत्या पर प्रतिबंध है, लेकिन यदि सरकार गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करती है, तो इससे गुजरात, पूरे देश और विश्व को लाभ होगा। इससे गाय की स्थिति पशु से ऊपर उठ जाएगी और उन्हें संरक्षण मिलेगा।
वैदिक पाठशाला के निरंजन शुक्ल ने बताया कि साबरकांठा के मुडेती में आयोजित इस कार्यक्रम में शंकराचार्य और मुख्यमंत्री उपस्थित थे। शंकराचार्य ने कहा कि यदि पूरे देश में गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाता है, तो इससे विश्व का कल्याण होगा। गुजरात सरकार के लिए यह आवश्यक है कि वह गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दे। वर्तमान में गायों की हत्या को रोकने के लिए कानून बना दिए गए हैं और गौरक्षकों द्वारा उन्हें बचाने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। यदि गुजरात गाय को विशेष दर्जा देता है, तो देश में इसकी महत्ता बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संस्कृत के महत्व के बढ़ने के कारण मुडेती में स्थापित यह वैदिक स्कूल निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और संभव है कि यह गोमाता के निर्णय के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थान बन जाए।