क्या आसाराम बापू जोधपुर जेल लौट आए? कोर्ट ने अंतरिम जमानत नहीं बढ़ाई

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क्या आसाराम बापू जोधपुर जेल लौट आए? कोर्ट ने अंतरिम जमानत नहीं बढ़ाई

सारांश

आसाराम बापू की अंतरिम जमानत को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। जानिए उनके जेल लौटने की पूरी कहानी और इसके पीछे के कानूनी पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • आसाराम बापू को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
  • राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत की याचिका खारिज की।
  • इससे पहले, उन्हें गुजरात हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली थी।
  • आसाराम पर कई यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।
  • उनके बेटे पर भी इसी तरह के आरोप हैं।

जोधपुर, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। यौन उत्पीड़न के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल लौट आए। उन्होंने अपनी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद उन्हें जेल वापस जाना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, आसाराम को कोर्ट ने पेरोल और अंतरिम जमानत दी थी। इस दौरान वह जेल से बाहर रह रहे थे। हालांकि, अब उनकी ओर से लगाई गई अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका को राजस्थान हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।

इससे पहले, गुजरात हाईकोर्ट ने आसाराम को अंतरिम जमानत दे रखी थी, जिसके आधार पर वह कुछ समय से जेल से बाहर थे। लेकिन, राजस्थान हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब उन्हें दोबारा जेल में ही रहना होगा।

उल्लेखनीय है कि अगस्त 2013 में एक 16 वर्षीय लड़की ने आसाराम पर राजस्थान के जोधपुर के पास अपने आश्रम में उसका यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। पीड़िता के माता-पिता ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके कारण 31 अगस्त, 2013 को आसाराम को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद, अप्रैल 2018 में, जोधपुर की एक अदालत ने आसाराम को नाबालिग के बलात्कार के लिए दोषी ठहराया, और उसे भारतीय दंड संहिता, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अक्टूबर 2013 में और आरोप सामने आए जब सूरत की एक महिला, जो कि एक पूर्व शिष्या हैं, ने आसाराम पर अहमदाबाद के मोटेरा में अपने आश्रम में 2001 से 2006 के बीच बार-बार यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।

इसके बाद एक और कानूनी मामला सामने आया, जिसका समापन जनवरी 2023 में हुआ जब गांधीनगर की एक अदालत ने आसाराम को बलात्कार के लिए दोषी ठहराया, जो इस तरह के आरोपों पर उनकी दूसरी सजा थी। इन सजाओं के अलावा, आसाराम के बेटे नारायण साईं पर भी इसी तरह के आरोप लगे।

2013 में सूरत की दो बहनों ने आरोप लगाया कि आसाराम और नारायण ने 2000 के दशक के मध्य में उनका यौन उत्पीड़न किया था। बड़ी बहन ने आसाराम पर आरोप लगाया, जबकि छोटी बहन ने नारायण पर 2002 से 2005 के बीच सूरत आश्रम में हमले का आरोप लगाया।

Point of View

यह मामला हमारे न्यायिक प्रणाली की कार्यप्रणाली और उसके प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करता है। यह दर्शाता है कि कैसे कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को उसके कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

आसाराम बापू को किस मामले में सजा मिली है?
आसाराम बापू को 2018 में नाबालिग के बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत क्यों खारिज की?
राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका को खारिज कर दिया, जिसके कारण उन्हें जेल लौटना पड़ा।
क्या आसाराम बापू पहले भी जेल से बाहर थे?
हाँ, आसाराम बापू को पहले पेरोल और अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर रहने की अनुमति मिली थी।
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