सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर मणिपुर में मुफ्त चिकित्सा शिविर और बीजापुर में रक्तदान

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सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर मणिपुर में मुफ्त चिकित्सा शिविर और बीजापुर में रक्तदान

सारांश

सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर, बीजापुर में रक्तदान शिविर और मणिपुर में मुफ्त चिकित्सा कैंप का आयोजन किया गया। जवानों ने मानवता की मिसाल कायम करते हुए समाज में सेवा और सहयोग का संदेश दिया।

Key Takeaways

  • सीआरपीएफ ने स्थापना दिवस पर मानवता की सेवा की।
  • रक्तदान शिविर में 52 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ।
  • मेडिकल कैंप में 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
  • जवानों ने सेवा और निष्ठा का आदर्श प्रदर्शित किया।
  • समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ी।

बीजापुर/कांगपोम्पी, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जंगलों में बंदूक लेकर जनता की सुरक्षा करने वाले सीआरपीएफ के जवान न केवल सुरक्षा में, बल्कि मानव सेवा में भी एक मिसाल कायम कर रहे हैं। सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर बीजापुर जिले में सेवा और मानवता का प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला।

कलेक्टर सह अध्यक्ष भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के निर्देशन में, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. बीआर पुजारी के मार्गदर्शन में, रेडक्रॉस के बैनर तले सीआरपीएफ की 170 बटालियन ने बीजापुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया।

इस शिविर में सीआरपीएफ के जवानों ने उत्साह और सेवा भावना के साथ भाग लिया और स्वेच्छा से रक्तदान किया। शिविर के दौरान कुल 52 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो जिले के अस्पतालों में भर्ती जरूरतमंद मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण साबित होगा।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान माना जाता है क्योंकि इससे जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है।

सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर आयोजित यह शिविर समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश देने वाला है।

अधिकारियों ने भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं।

इसी दिन, 87वें सीआरपीएफ स्थापना दिवस के अवसर पर, 112 बीएन सीआरपीएफ ने आईजी मणिपुर और नागालैंड सेक्टर के मार्गदर्शन में 9 मार्च को आईटी रोड, कांगपोम्पी के दूरदराज क्षेत्रों में लमचोक नेपाली गांव, मणिपुर में मुफ्त मेडिकल कैंप का सफल आयोजन किया। यह कैंप 112 बीएन सीआरपीएफ, ई कंपनी, गेलनेल के क्षेत्राधिकार में आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में डिप्टी कमांडेंट राजेंद्र प्रसाद राइगर, असिस्टेंट कमांडेंट शिवराज माहुलाय, ई कंपनी 112 बीएन ओसी, यूनिट मेडिकल ऑफिसर डॉ. दुर्गेश धोते, टी. वैइचोंग पीएचसी एमओ इन-चार्ज डॉ. जांगखोगिन किपगेन और 112 बीएन सीआरपीएफ तथा पीएचसी टी. वैइचोंग के नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ ने भाग लिया।

यह पहल सीआरपीएफ के आदर्श 'सेवा और निष्ठा' के अनुरूप की गई, जिसका उद्देश्य दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं और मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराना था।

इस मेडिकल कैंप में 200 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए, जिनमें दूरस्थ आईटी रोड क्षेत्र के स्कूल के छात्र भी शामिल थे। लगभग 15 गांवों के मुखिया/वीए चेयरमैन और कुकी, नागा और नेपाली समुदाय के लोगों ने भी सक्रिय भागीदारी की।

मेडिकल चेकअप के अलावा, दवाइयां वितरित की गईं और लैब तकनीशियनों द्वारा कुछ बुनियादी जांच भी की गई। साथ ही, मेडिकल चेकअप के लिए आए स्कूल बच्चों को नोटबुक और पेन भी वितरित किए गए। गांव के मुखियाओं और आम लोगों ने 112 बीएन सीआरपीएफ और कांगपोम्पी जिला प्रशासन का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।

Point of View

बल्कि यह मानवता की सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह पहल समाज में रक्तदान और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

सीआरपीएफ स्थापना दिवस कब मनाया जाता है?
सीआरपीएफ स्थापना दिवस हर साल 9 मार्च को मनाया जाता है।
बीजापुर में रक्तदान शिविर का उद्देश्य क्या था?
रक्तदान शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त एकत्र करना था।
मणिपुर में मुफ्त चिकित्सा कैंप का आयोजन किसने किया?
मणिपुर में मुफ्त चिकित्सा कैंप का आयोजन 112 बीएन सीआरपीएफ ने किया।
इस कार्यक्रम में कितने लोग शामिल हुए?
इस मेडिकल कैंप में 200 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया।
रक्तदान का महत्व क्या है?
रक्तदान से जरूरतमंद व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है, इसलिए इसे सबसे बड़ा दान माना जाता है।
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