बिहार: उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का सख्त संदेश, भू-राजस्व अधिकारियों को दी हड़ताल खत्म करने की चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- उपमुख्यमंत्री ने हड़ताल खत्म करने की दी चेतावनी।
- सरकार की सहानुभूति को कमजोरी न समझा जाए।
- भूमि मापी की प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता।
- जन शिकायतों का निपटारा पंचायत स्तर पर होगा।
- आवेदनों के निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पटना, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वे अपना आंदोलन तुरंत समाप्त नहीं करते हैं, तो उन्हें निलंबित किया जाएगा। विभाग के कार्य संचालन के लिए उनकी जगह वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने सोमावर को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अंचलाधिकारी कुछ व्यक्तियों के प्रभाव में न आएं और समय पर अपने कार्य पर लौटें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सहानुभूति को कमजोरी के रूप में न लिया जाए। जनता के कार्यों को बाधित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने नई एनडीए सरकार की 100 दिन की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि अविवादित और विवादित भूमि की मापी क्रमशः सात और ग्यारह दिन में की जाएगी। मापी रिपोर्ट पोर्टल पर लोड करने के लिए चौदह दिन का समय निर्धारित किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि भूमि से संबंधित जिन मामलों में कोई आपत्ति नहीं है, उन्हें चौदह दिन में निपटाया जाना चाहिए। खसरा और लगान में छोटी-मोटी त्रुटियों के सुधार के लिए पैंतीस दिन, विशेष जटिल मामलों के समाधान के लिए पचहत्तर और परिमार्जन में सुधार के लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साल अगस्त में लगभग 46 लाख आवेदनों का 31 मार्च तक निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 40 लाख आवेदन केवल परिमार्जन के हैं। यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले सीओ और अब कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हड़ताल खत्म होते ही आवेदनों का निपटारा करना होगा। उन्होंने बताया कि हर शनिवार को अंचल कार्यालय में संवाद किया जाएगा, जिसमें थाने के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इसकी निगरानी जिलों के डीएम और एसपी करेंगे।
उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी अब अंचल की बजाय पंचायत स्तर पर बैठकर जन शिकायतों का निपटारा करेंगे। इसके साथ ही, राजस्व न्यायालय के मामलों के निस्तारण के लिए समय सीमा भी निर्धारित की गई है।