बिहार में हड़ताल पर गए अंचल एवं राजस्व अधिकारियों को उपमुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- हड़ताल पर गए अधिकारियों को चेतावनी दी गई है।
- उपमुख्यमंत्री ने समस्याओं के समाधान के लिए संवाद को प्राथमिकता दी है।
- 589 राजस्व सेवा के अधिकारी अभी भी कार्यरत हैं।
- सरकार ने जायज मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
- हड़ताली अधिकारियों से सकारात्मक भागीदारी की अपील की गई है।
पटना, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार ने उन अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को चेतावनी दी है जो हड़ताल पर हैं। उन्हें कहा गया है कि यदि वे शुक्रवार की शाम तक अपने कार्य पर वापस नहीं लौटते हैं, तो उनकी नौकरी पर गंभीर असर पड़ेगा और भविष्य में पदोन्नति की संभावनाएं भी समाप्त हो सकती हैं।
उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि राज्य में हड़ताल पर गए अधिकारियों के साथ उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवाद की प्रक्रिया जारी है। अब तक उनके प्रतिनिधियों से छह बार वार्ता की जा चुकी है ताकि उनकी समस्याओं को समझा जा सके और समाधान निकाला जा सके। विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल द्वारा समाधान के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से उनकी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा बुधवार की रात तक की गई।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार उनकी जायज मांगों पर विचार करने को तैयार है, लेकिन जो मांगे विभागीय या नीतिगत कारणों से पूरी नहीं की जा सकतीं, उनके लिए अडिग रहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दबाव की राजनीति कर रहे हैं, जो समाधान का मार्ग नहीं है। राज्य में सत्ता परिवर्तन का इंतजार करना अनुचित होगा। सरकार पहले भी एनडीए की थी, आज भी है और भविष्य में भी एनडीए की ही रहेगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 589 राजस्व सेवा के अधिकारी कार्यरत हैं। जो अधिकारी काम कर रहे हैं, उनके प्रति सरकार की पूरी सहानुभूति है। इन अधिकारियों के प्रयासों से इस अवधि में जनता के कार्य भी संपन्न हो रहे हैं। अब तक दाखिल–खारिज के 23,449, परिमार्जन के 96,469 और ई-मापी के 14,220 मामलों का निष्पादन किया गया है।
श्री सिन्हा ने हड़ताली अधिकारियों से अपील की कि वे संवाद की प्रक्रिया में सकारात्मक रूप से भाग लें ताकि आम जनता से जुड़े राजस्व कार्यों का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके।