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अमनदीप सिद्धू: मां ने अकेले ही परिवार को संभाला, पापा दुबई में थे

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अमनदीप सिद्धू: मां ने अकेले ही परिवार को संभाला, पापा दुबई में थे

सारांश

टीवी अभिनेत्री अमनदीप सिद्धू ने अपनी मां के त्याग और बलिदान के बारे में बात की, जिन्होंने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जानें कैसे उनकी मां ने अकेले ही तीन बच्चों की परवरिश की।

मुख्य बातें

मां का त्याग सपनों का समर्थन मजबूती और आत्मविश्वास परिवार की जिम्मेदारी संघर्ष की कहानी

मुंबई, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में कार्यरत कलाकार अक्सर अपने करियर, संघर्ष और सफलता की कहानियों को साझा करते हैं। लेकिन कभी-कभी वे अपने व्यक्तिगत जीवन में उन लोगों का भी जिक्र करते हैं जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस संदर्भ में टीवी अभिनेत्री अमनदीप सिद्धू ने अपने जीवन की सबसे प्रेरणादायक शख्सियत के बारे में बात की और बताया कि उनकी मां ने ही उन्हें इस सफलता के शिखर तक पहुंचाया है।

टीवी शो 'गंगा माई की बेटियां' में स्नेहा का किरदार निभा रहीं अमनदीप ने अपने बचपन और परिवार से संबंधित अनेक बातें साझा कीं। उन्होंने कहा, "मेरे जीवन की सबसे मजबूत और प्रेरणादायक महिला मेरी मां हैं। उन्होंने मुझे और मेरे दो भाई-बहनों को दिल्ली में अकेले ही पाला-पोसा, जब मेरे पिता काम के सिलसिले में दुबई में थे। इस दौरान हमारी परवरिश और घर की समस्त जिम्मेदारियां मां के कंधों पर थीं।"

अमनदीप ने कहा, "दिल्ली जैसे बड़े शहर में तीन बच्चों की जिम्मेदारी संभालना किसी भी महिला के लिए आसान नहीं होता। फिर भी, मां ने हर स्थिति में हिम्मत और धैर्य के साथ परिवार का सहारा दिया। उन्होंने हमारी पढ़ाई, परवरिश और भविष्य को ध्यान में रखते हुए हर निर्णय लिया और यह सुनिश्चित किया कि हमें किसी चीज की कमी न हो। उन्होंने हमें मजबूत और आत्मविश्वासी बनने की प्रेरणा दी।"

उन्होंने कहा, "हमारे सपनों को पूरा करने के लिए मां ने अपनी इच्छाओं को कई बार पीछे रखा। उन्होंने हमेशा प्रयास किया कि हमें वह आज़ादी और समर्थनआज़ादी दी।"

अमनदीप ने कहा, "मेरी मां मेरे जीवन की सबसे मजबूत महिला हैं, और मैं उनसे बहुत प्रेरणा लेती हूं। जिस प्रकार उन्होंने कठिन परिस्थितियों में हमें संभाला और आगे बढ़ने का अवसर दिया, वह हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। मैं मां के इस प्यार, त्याग और मेहनत के लिए हमेशा आभारी रहूंगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

भले ही हालात कितने भी कठिन क्यों न हों। यह कहानी उन सभी मांओं को समर्पित है जो अपने बच्चों के सपनों को साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत करती हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमनदीप सिद्धू की मां का क्या योगदान रहा?
अमनदीप की मां ने अकेले ही उनके और उनके भाई-बहनों की परवरिश की, जबकि उनके पिता दुबई में काम कर रहे थे।
अमनदीप सिद्धू को अपनी मां से क्या प्रेरणा मिली?
उन्होंने अपनी मां से मजबूत और आत्मविश्वासी बनने की प्रेरणा ली है।
राष्ट्र प्रेस
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