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गुजरात में 94 लाख मलेरिया जांच पूरी, 19,500 स्वास्थ्य टीमें 6.51 करोड़ लोगों तक पहुंचीं

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गुजरात में 94 लाख मलेरिया जांच पूरी, 19,500 स्वास्थ्य टीमें 6.51 करोड़ लोगों तक पहुंचीं

सारांश

गुजरात में मानसून के बीच स्वास्थ्य विभाग ने रिकॉर्ड 94 लाख मलेरिया जांच पूरी की हैं — 486 मरीज़ों को निशुल्क इलाज मिला, 29 लाख प्रजनन स्थल नष्ट हुए। दूसरे चरण का कीटनाशक छिड़काव 1 अगस्त से शुरू होगा।

मुख्य बातें

गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने 2026 में अब तक 94 लाख से अधिक मलेरिया रक्त नमूनों की जांच की, जिनमें 486 मामलों की पुष्टि हुई।
19,500 से अधिक स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर सर्वे में 6.51 करोड़ से अधिक लोगों को कवर किया।
डेंगू के 65,293 और चिकनगुनिया के 9,963 सीरम नमूनों की जांच 42 विशेष केंद्रों पर की गई।
राज्यभर में 29 लाख से अधिक मच्छर प्रजनन स्थल नष्ट; 3 लाख से अधिक घरों में फॉगिंग।
24 जिलों के 116 गांवों में कीटनाशक छिड़काव का दूसरा चरण 1 अगस्त से शुरू होगा।
4,998 जलभराव स्थलों पर लार्वा-भक्षी मछलियां छोड़ी गईं — दीर्घकालिक जैविक नियंत्रण के तहत।

गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने मानसून सीज़न में मच्छरजनित बीमारियों पर नकेल कसते हुए वर्ष 2026 में अब तक 94 लाख से अधिक मलेरिया रक्त नमूनों की जांच पूरी कर ली है। 19,500 से अधिक स्वास्थ्य टीमें घर-घर सर्वे के ज़रिए राज्य की 6.51 करोड़ से अधिक आबादी तक पहुंच चुकी हैं। विभाग के अनुसार यह अभियान मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के प्रसार को मानसून के दौरान नियंत्रित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

अभियान की पृष्ठभूमि और नेतृत्व

राज्य सरकार के अनुसार यह अभियान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया के नेतृत्व में 'राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम' के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। गौरतलब है कि मानसून के महीनों में जलभराव और नमी के कारण मच्छरों का प्रजनन तेज़ी से बढ़ता है, जिससे वेक्टर जनित रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

मुख्य जांच आंकड़े

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 94 लाख रक्त नमूनों की जांच में 486 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है, जिन्हें सरकार की ओर से निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया है। अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की निगरानी के लिए राज्य के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध 42 अस्पतालों में विशेष जांच केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर डेंगू के लिए 65,293 सीरम नमूनों और चिकनगुनिया के लिए 9,963 सीरम नमूनों की जांच की जा चुकी है।

घर-घर सर्वे और नए मरीज़ों की पहचान

राज्यव्यापी घर-घर सर्वे के दूसरे चरण में बुखार के लक्षण वाले लोगों की जांच के दौरान मलेरिया के 28 नए मरीज़ों की पहचान की गई और उनका तत्काल उपचार शुरू किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मानसूनी बीमारियों की रोकथाम के लिए राज्य सरकारों पर दबाव बढ़ रहा है।

मच्छर नियंत्रण के उपाय

मच्छरों के प्रजनन पर अंकुश लगाने के लिए पूरे राज्य में 29 लाख से अधिक संभावित प्रजनन स्थलों को नष्ट किया गया है। इसके अलावा 3 लाख से अधिक घरों में फॉगिंग कराई गई है। दीर्घकालिक नियंत्रण के लिए वर्षभर जलभराव वाले 4,998 स्थानों पर मच्छरों के लार्वा खाने वाली विशेष मछलियां छोड़ी गई हैं — एक जैविक और पर्यावरण-अनुकूल तरीका जो रसायनों पर निर्भरता घटाता है।

कीटनाशक छिड़काव और आगे की योजना

वेक्टर जनित रोगों के प्रति संवेदनशील 24 जिलों के 116 गांवों में कीटनाशक छिड़काव के पहले चरण में लगभग 1.06 लाख लोगों को कवर किया गया है। दूसरे चरण का छिड़काव अभियान 1 अगस्त से शुरू होगा। स्वास्थ्य मंत्री पानसेरिया ने राज्य के सभी सरपंचों से इस अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रशासनिक और सामाजिक सहयोग देने की अपील की है। विभाग के अनुसार मलेरिया रोधी दवाओं, कीटनाशकों और लार्वीसाइड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, और वेक्टर जनित रोगों की स्थिति पर दैनिक, साप्ताहिक व मासिक स्तर पर निगरानी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इतने बड़े अभियान में केवल 486 पुष्ट मलेरिया मामले कितने वास्तविक हैं — और क्या यह कम संख्या सफल नियंत्रण को दर्शाती है या जांच की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है। गुजरात में पिछले वर्षों में मानसून के दौरान डेंगू और चिकनगुनिया के मामलों में उछाल आया है, इसलिए 65,293 डेंगू नमूनों के परिणाम सार्वजनिक होना ज़रूरी है। जैविक नियंत्रण — जैसे लार्वा-भक्षी मछलियां — एक सराहनीय दीर्घकालिक कदम है, पर इसकी प्रभावशीलता का स्वतंत्र मूल्यांकन अभी तक सामने नहीं आया है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में 2026 में कितनी मलेरिया जांच हुई हैं?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 94 लाख से अधिक मलेरिया रक्त नमूनों की जांच की गई है, जिनमें 486 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई और उन्हें निशुल्क उपचार दिया गया।
गुजरात का मच्छरजनित रोग नियंत्रण अभियान किसके नेतृत्व में चल रहा है?
यह अभियान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया के नेतृत्व में 'राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम' के तहत चलाया जा रहा है।
गुजरात में डेंगू और चिकनगुनिया की जांच कहां हो रही है?
राज्य के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध 42 अस्पतालों में विशेष जांच केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर डेंगू के 65,293 और चिकनगुनिया के 9,963 सीरम नमूनों की जांच हो चुकी है।
कीटनाशक छिड़काव का दूसरा चरण कब शुरू होगा?
अधिकारियों के अनुसार 24 जिलों के 116 गांवों में कीटनाशक छिड़काव का दूसरा चरण 1 अगस्त से शुरू होगा। पहले चरण में लगभग 1.06 लाख लोगों को कवर किया जा चुका है।
मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
राज्यभर में 29 लाख से अधिक संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों को नष्ट किया गया है और 3 लाख से अधिक घरों में फॉगिंग कराई गई है। इसके अलावा 4,998 जलभराव स्थलों पर लार्वा-भक्षी मछलियां छोड़ी गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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