अहमदाबाद में मानसून से पहले डेंगू-मलेरिया अभियान: 2,000 कर्मचारी और 274 फॉगिंग मशीनें तैनात, मामलों में भारी गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने मानसून सीज़न से पहले पूरे शहर में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए व्यापक अभियान तेज कर दिया है। निगम के आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से मई 2026 के बीच शहर में डेंगू के केवल 110 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि पूरे वर्ष 2025 में यह संख्या 1,591 थी — जो कड़ी निगरानी और लार्वा-रोधी अभियानों का स्पष्ट परिणाम है।
मुख्य घटनाक्रम
AMC द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, इस वर्ष रिपोर्ट किए गए 110 डेंगू मामलों में से 104 सरकारी अस्पतालों में और 6 निजी अस्पतालों में सामने आए। मलेरिया के मोर्चे पर भी स्थिति बेहतर है — मलेरिया (पीवी) के 54 और मलेरिया (पीएफ) के 11 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि 2025 में यह संख्या क्रमशः 784 और 177 थी।
गौरतलब है कि यह गिरावट तब आई है जब निगम ने जनवरी से ही सक्रिय निगरानी शुरू कर दी थी और मच्छर पनपने के 577 स्थानों की पहचान की है। रुके हुए पानी वाले 88 निर्माण स्थलों को नोटिस जारी किए गए हैं या जुर्माना लगाया गया है।
तैनाती और संसाधन
मानसून पूर्व कार्य योजना के तहत AMC ने पूरे शहर में 274 फॉगिंग मशीनें और लगभग 2,000 कर्मचारी तैनात किए हैं, जिनमें उच्च जोखिम वाले हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनवरी से अब तक 6.53 लाख से अधिक रक्त के नमूने डेंगू और मलेरिया की निगरानी के लिए एकत्र किए जा चुके हैं, जबकि 2025 में पूरे साल 17,65,047 नमूने लिए गए थे।
शहर को वार्ड-वार और जोन-वार छोटे परिचालन अनुभागों में विभाजित किया गया है। कैचपिट और ड्रेनेज सिस्टम की नियमित निगरानी की जा रही है और हर पखवाड़े ऑनलाइन सॉफ्टवेयर-आधारित ट्रैकिंग सिस्टम के ज़रिये निर्माण स्थलों व खाली प्लॉटों की जाँच होती है।
ज़मीनी अभियान और जागरूकता
झुग्गी-झोपड़ी इलाकों में मलेरिया विभाग की टीमें और शहरी स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी नियमित बुखार-निगरानी और लार्वा-रोधी उपचार कर रहे हैं। हॉटस्पॉट क्षेत्रों में हर पखवाड़े घर-घर जाकर जाँच की जा रही है। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मलेरिया कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता मच्छर नियंत्रण, जागरूकता अभियान और मलेरिया के पूर्ण उपचार के लिए घरों का दौरा कर रहे हैं।
सरकारी व अर्ध-सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों में गहन निरीक्षण किए जा रहे हैं, जहाँ नोडल अधिकारी वेक्टर नियंत्रण उपनियमों का पालन सुनिश्चित कर रहे हैं।
राजकोट की स्थिति
राजकोट नगर निगम (RMC) ने भी 18 मई से 24 मई के बीच अपना अभियान तेज किया है। इस दौरान 18,261 घरों में लार्वा-रोधी अभियान और 171 घरों में फॉगिंग की गई। 421 गैर-आवासीय परिसरों — जिनमें निर्माण स्थल, स्कूल, अस्पताल, होटल, उद्योग, छात्रावास और धार्मिक स्थल शामिल हैं — का निरीक्षण किया गया। 146 आवासीय और 43 व्यावसायिक इकाइयों को नोटिस जारी किए गए। उक्त सप्ताह में राजकोट में डेंगू का 1 मामला सामने आया, जबकि मलेरिया और चिकनगुनिया का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। जनवरी से अब तक राजकोट में मलेरिया के 3, डेंगू के 15 और चिकनगुनिया का 1 मामला दर्ज है।
आगे की तैयारी
AMC ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी प्रकार के प्रकोप की स्थिति दर्ज नहीं की गई है, हालाँकि आपात परिस्थितियों के लिए टीमें तैयार हैं। डेंगू और मलेरिया के निदान व उपचार की सुविधाएँ शहरभर के सभी शहरी स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी औषधालयों में उपलब्ध हैं। मानसून के दौरान लार्वा-रोधी और फॉगिंग अभियानों को और अधिक तीव्र किए जाने की योजना है।