बीएलए का दावा: मस्तुंग काफिला हमले में 45 से अधिक पाक सैनिक ढेर, पाकिस्तान ने हताहतों की संख्या छुपाई
सारांश
मुख्य बातें
बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने 17 जुलाई 2026 को दावा किया कि उसकी 'फतह स्क्वाड' इकाई ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मस्तुंग जिले के खड़कूचा इलाके में पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर हमला कर 45 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया और दर्जनों को घायल किया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने काफिले पर हमले की पुष्टि की है, लेकिन हताहतों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक आँकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।
हमले का घटनाक्रम
बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलोच द्वारा जारी बयान के अनुसार, गुरुवार को मस्तुंग के खड़कूचा क्षेत्र में संगठन की विशेष 'फतह स्क्वाड' इकाई ने यह हमला अंजाम दिया। प्रवक्ता ने इसे 'सुनियोजित और तीव्र अभियान' बताया। संगठन के अनुसार, उन बसों के काफिले को निशाना बनाया गया जिनमें पाकिस्तानी सेना के जवान, उनकी सुरक्षा में तैनात कर्मी और घटना के बाद मौके पर पहुँची सैन्य टुकड़ियाँ मौजूद थीं।
बयान में कहा गया, 'अब तक मिली जानकारी के अनुसार, इस अभियान में कब्जाधारी सेना के 45 से अधिक जवान मारे गए हैं और दर्जनों अन्य घायल हुए हैं। मौजूदा युद्धक्षेत्र की स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या में और बढ़ोतरी की संभावना है।'
आम नागरिकों पर असर
स्थानीय सूत्रों के हवाले से 'द बलूचिस्तान पोस्ट' ने बताया कि मस्तुंग के खड़कूचा इलाके में हमले के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कथित गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार बच्चों समेत 11 अन्य घायल हो गए। यह घटना सैन्य काफिले पर हमले के बाद क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच हुई।
पिछले हमलों से संदर्भ
गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में बीएलए ने बलूचिस्तान के ग्वादर जिले के जिवानी क्षेत्र में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के एक शिविर पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। प्रवक्ता जीयंद बलोच के अनुसार, संगठन की 'मजीद ब्रिगेड' के एक सदस्य ने विस्फोटकों से भरे माजदा वाहन को जिवानी के पनवान इलाके में कोस्ट गार्ड्स के शिविर में घुसाकर विस्फोट किया, जिससे किलेबंद शिविर पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। बीएलए ने दावा किया था कि उस हमले में 30 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।
बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा
हाल के महीनों में बलूचिस्तान में बलूच सशस्त्र संगठनों द्वारा पाकिस्तानी सेना और पुलिस बलों पर हमलों की आवृत्ति तेज़ी से बढ़ी है। इन हमलों में सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुँचने के साथ-साथ बुनियादी ढाँचे को भी क्षति पहुँची है। आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार क्षेत्र में हताहतों की वास्तविक संख्या और सुरक्षा स्थिति को लेकर पारदर्शिता नहीं बरत रही।
आगे की स्थिति
पाकिस्तानी अधिकारियों ने हमले की पुष्टि करते हुए भी हताहतों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।