बलूचिस्तान में समन्वित हमले: BLA समेत बलूच संगठनों ने 14 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया

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बलूचिस्तान में समन्वित हमले: BLA समेत बलूच संगठनों ने 14 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया

सारांश

बलूचिस्तान में एक ही दिन तीन अलग-अलग हमलों में 14 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। BLA ने चामलांग में समन्वित विस्फोट और गोलीबारी की जिम्मेदारी ली; नोशकी में खनन काफिले और दलबंदीन में चेकपोस्ट की घटनाएँ भी हुईं। खनन परियोजनाओं को निशाना बनाने का सिलसिला जारी है।

मुख्य बातें

14 मई 2026 को बलूचिस्तान में अलग-अलग हमलों में 14 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए।
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने चामलांग हमले की जिम्मेदारी ली; इसमें अधिकारी तौसीफ भट्टी सहित 8 जवान मारे गए।
नोशकी के पास 20 ट्रेलरों के खनन काफिले पर रॉकेट हमले में 6 सैनिक मारे गए; जिम्मेदारी अज्ञात।
दलबंदीन में अस्थायी चेकपोस्ट से सियाह दिक कॉपर प्रोजेक्ट के 3 लोग हिरासत में, सैंदक प्रोजेक्ट की गाड़ी जब्त।
इसी सप्ताह BLF के हमलों में 7 सैनिक और मारे गए; BRG ने नसीराबाद में बिजली ढाँचे पर हमले की जिम्मेदारी ली।

बलूचिस्तान में 14 मई 2026 को बलूच हथियारबंद संगठनों ने सुरक्षा बलों पर अलग-अलग समन्वित हमले किए, जिनमें कम से कम 14 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ये हमले चामलांग, नोशकी और दलबंदीन इलाकों में हुए, और इनके निशाने पर सेना के काफिले तथा खनन परियोजनाओं से जुड़े ठिकाने थे।

चामलांग में BLA का हमला

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने चामलांग इलाके में हुए हमले की जिम्मेदारी ली है। BLA के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने बयान में कहा कि संगठन के लड़ाकों ने अपनी खुफिया इकाई 'जिराब' से मिली 'सटीक जानकारी' के आधार पर पाकिस्तानी सेना के काफिले पर 'समन्वित हमला' किया। बयान के अनुसार, 'ऑपरेशन के दौरान पहले एक वाहन को रिमोट कंट्रोल विस्फोटक से उड़ाया गया, उसके बाद दूसरे वाहन पर भारी हथियारों से हमला किया गया।' इस हमले में आठ पाकिस्तानी जवान मारे गए, जिनमें सेना के अधिकारी तौसीफ भट्टी भी शामिल थे।

नोशकी में खनन काफिले पर हमला

एक दूसरी घटना में चागई जिले के सैंदक इलाके से खनिज ले जा रहे 20 ट्रेलरों और उनकी सुरक्षा में तैनात काफिले पर नोशकी के पास हथियारबंद लोगों ने रॉकेट और अन्य हथियारों से हमला किया। स्थानीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इस मुठभेड़ में छह सैनिक मारे गए और कई घायल हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी अब तक किसी संगठन ने नहीं ली है।

दलबंदीन में चेकपोस्ट और अपहरण

चागई जिले के दलबंदीन इलाके के पास हथियारबंद लोगों ने एक अस्थायी चेकपोस्ट बनाकर वाहनों की तलाशी ली। इस दौरान सियाह दिक कॉपर प्रोजेक्ट से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लिया गया और सैंदक प्रोजेक्ट की एक गाड़ी भी कब्जे में ले ली गई। इस घटना की जिम्मेदारी भी किसी संगठन ने नहीं ली।

BLF और BRG की अलग कार्रवाइयाँ

गौरतलब है कि इसी सप्ताह बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने भी बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर कई हमलों की जिम्मेदारी ली थी, जिनमें स्थानीय मीडिया के अनुसार सात सैनिक मारे गए थे। इसके अलावा बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने नसीराबाद जिले में बिजली ढाँचे पर हुए एक हमले की जिम्मेदारी ली है।

बढ़ती हिंसा का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में बलूच संगठनों द्वारा पाकिस्तानी सेना और पुलिस बलों पर हमलों की आवृत्ति लगातार बढ़ रही है। चामलांग इलाका खनिज संपदा से समृद्ध माना जाता है और यहाँ पहले भी पाकिस्तानी सेना तथा खनन कंपनियों पर बलूच संगठनों की ओर से कई हमले हो चुके हैं। विश्लेषकों के अनुसार खनन परियोजनाओं को निशाना बनाना बलूच सशस्त्र समूहों की रणनीति का हिस्सा बनता जा रहा है। पाकिस्तानी सेना ने इन हमलों पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नोशकी और दलबंदीन — यह संकेत देते हैं कि बलूच सशस्त्र संगठन अब अधिक समन्वित और रणनीतिक तरीके से काम कर रहे हैं। खनन परियोजनाओं और काफिलों को बार-बार निशाना बनाना महज संयोग नहीं, बल्कि आर्थिक दबाव की सुनियोजित रणनीति है। पाकिस्तानी सेना का कोई आधिकारिक बयान न आना और स्वतंत्र सत्यापन की अनुपस्थिति बलूचिस्तान में सूचना के गंभीर अभाव को उजागर करती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि सैंदक और सियाह दिक जैसी परियोजनाओं पर बार-बार हमले इस संघर्ष के आर्थिक आयाम को रेखांकित करते हैं, जिस पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान अपेक्षाकृत कम है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में 14 मई को हुए हमलों में क्या हुआ?
14 मई 2026 को बलूचिस्तान के चामलांग, नोशकी और दलबंदीन इलाकों में बलूच हथियारबंद संगठनों ने अलग-अलग हमले किए, जिनमें कुल 14 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए। BLA ने चामलांग हमले की जिम्मेदारी ली, जबकि बाकी दो घटनाओं की जिम्मेदारी अब तक किसी ने नहीं ली।
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कौन से हमले की जिम्मेदारी ली?
BLA ने चामलांग इलाके में पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हुए समन्वित हमले की जिम्मेदारी ली। प्रवक्ता जीयंद बलूच के अनुसार पहले रिमोट कंट्रोल विस्फोटक और फिर भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें अधिकारी तौसीफ भट्टी सहित 8 जवान मारे गए।
नोशकी काफिले पर हमला क्यों हुआ और इसमें कितना नुकसान हुआ?
चागई जिले के सैंदक इलाके से खनिज ले जा रहे 20 ट्रेलरों के काफिले पर नोशकी के पास रॉकेट और अन्य हथियारों से हमला किया गया। इस मुठभेड़ में 6 सैनिक मारे गए और कई घायल हुए; इस हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है।
बलूचिस्तान में खनन परियोजनाओं को क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
चामलांग और सैंदक जैसे इलाके खनिज संपदा से समृद्ध हैं और यहाँ पाकिस्तानी सेना तथा खनन कंपनियों पर पहले भी कई हमले हो चुके हैं। बलूच संगठन इन परियोजनाओं को बलूचिस्तान के संसाधनों के शोषण का प्रतीक मानते हैं और इन्हें निशाना बनाना उनकी रणनीति का हिस्सा बताया जाता है।
इसी सप्ताह बलूचिस्तान में और कौन-कौन से हमले हुए?
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने इसी सप्ताह कई हमलों की जिम्मेदारी ली, जिनमें स्थानीय मीडिया के अनुसार 7 सैनिक मारे गए। बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने नसीराबाद जिले में बिजली ढाँचे पर हुए एक हमले की जिम्मेदारी ली।
राष्ट्र प्रेस
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