दामोह जेल में दो मंजिला बैरक का उद्घाटन: मंत्री इंदर सिंह परमार ने कैदियों से की मुलाकात, सुधार का संकल्प

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दामोह जेल में दो मंजिला बैरक का उद्घाटन: मंत्री इंदर सिंह परमार ने कैदियों से की मुलाकात, सुधार का संकल्प

सारांश

मध्य प्रदेश के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने 14 मई को दामोह जेल में दो मंजिला बैरक का उद्घाटन किया और कैदियों से मुलाकात की। वे खुद ट्रेन से पहुँचे — PM मोदी की सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील का अनुसरण करते हुए। जेलों में शिक्षा और बेहतर सुविधाओं का संकल्प भी दोहराया।

मुख्य बातें

इंदर सिंह परमार ने 14 मई 2026 को दामोह जिला जेल में नवनिर्मित दो मंजिला बैरक का लोकार्पण किया।
मंत्री ने कैदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके मानवीय पक्ष को ध्यान में रखते हुए जेल सुधार का संकल्प दोहराया।
जेलों में शिक्षा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि कैदियों का पुनर्वास हो सके।
परमार ट्रेन से दामोह पहुँचे — PM मोदी की ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील का अनुसरण करते हुए।
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा दबाव का हवाला देते हुए मंत्री ने नागरिकों से निजी वाहनों का उपयोग कम करने की अपील की।

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं दामोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने 14 मई 2026 को दामोह जिला जेल में नवनिर्मित दो मंजिला बैरक का लोकार्पण किया और वहाँ बंद कैदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उल्लेखनीय है कि परमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील के अनुरूप ट्रेन से दामोह पहुँचे।

जेल सुविधाओं में सुधार की पहल

लोकार्पण समारोह में मंत्री परमार ने कहा कि राज्य सरकार ने जेलों में बुनियादी सुविधाएँ बेहतर करने का निर्णय लिया है, क्योंकि कैदियों का भी एक मानवीय पक्ष होता है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'जेल में बंद कैदी भी समाज का हिस्सा हैं और वे किसी कारण से यहाँ पहुँचे हैं।' नई दो मंजिला बैरक से कैदियों की रहने की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।

मंत्री ने यह भी बताया कि जेलों में शिक्षा की सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि कैदी अपने कारावास के दौरान कुछ सीख सकें और समाज में पुनर्एकीकृत हो सकें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार के संकल्पों के अनुसार कैदियों के जीवन में और सुधार लाने के प्रयास जारी रहेंगे।

ईंधन बचत और स्वदेशी अपनाने का आह्वान

परमार ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से रोज़गार बढ़ेगा और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को मज़बूती मिलेगी। उन्होंने गैस सब्सिडी के उदाहरण का हवाला देते हुए कहा कि मोदी की एक अपील पर लाखों लोगों ने स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ी थी, जिसका सीधा लाभ गरीब परिवारों को मिला।

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर पड़ रहे दबाव का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ईंधन और ऊर्जा बचाने की अपील की है, जिससे भारत पर आर्थिक दबाव कम होगा। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे निजी वाहनों का उपयोग कम करें और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें।

शास्त्री जी से प्रेरणा का संदर्भ

मंत्री परमार ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब देश में खाद्य संकट आया था, तब शास्त्री जी ने किसी अन्य देश के सामने हाथ नहीं फैलाया, बल्कि देशवासियों में आत्मविश्वास जगाया। उन्होंने 'जय जवान, जय किसान' का नारा दिया और लोगों से सप्ताह में एक दिन उपवास की अपील की, जिसे जनता ने स्वीकार किया और देश संकट से उबरा। परमार ने इसे वर्तमान परिस्थितियों में प्रासंगिक बताया।

मंत्री का ट्रेन से दामोह दौरा

परमार का यह दौरा इस मायने में भी चर्चित रहा कि वे मंत्री होने के बावजूद ट्रेन से दामोह पहुँचे — जो प्रधानमंत्री की सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील का व्यावहारिक उदाहरण था। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जितना संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। आगामी दिनों में दामोह जेल में और सुधार कार्यों की योजना बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि जेल सुधार की ये घोषणाएँ ज़मीन पर कितनी उतरती हैं — मध्य प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रखने की पुरानी समस्या एक बैरक से हल नहीं होगी। मंत्री का ट्रेन से यात्रा करना प्रतीकात्मक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन यह भी देखना होगा कि क्या यह नीतिगत बदलाव की शुरुआत है या एकल इशारा। जेलों में शिक्षा और पुनर्वास की बात तब तक अधूरी है जब तक इसके लिए बजट, प्रशिक्षित कर्मचारी और नियमित निगरानी सुनिश्चित न हो।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दामोह जेल में दो मंजिला बैरक का उद्घाटन किसने और कब किया?
मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं दामोह प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने 14 मई 2026 को दामोह जिला जेल में नवनिर्मित दो मंजिला बैरक का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कैदियों से भी व्यक्तिगत मुलाकात की।
मंत्री इंदर सिंह परमार ट्रेन से दामोह क्यों पहुँचे?
मंत्री परमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील का अनुसरण करते हुए ट्रेन से दामोह का दौरा किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी जितना संभव हो सार्वजनिक परिवहन उपयोग करने की अपील की।
मध्य प्रदेश की जेलों में कैदियों के लिए क्या सुधार किए जा रहे हैं?
राज्य सरकार ने जेलों में बुनियादी सुविधाएँ बेहतर करने और शिक्षा की सुविधाएँ उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। दामोह में दो मंजिला बैरक का निर्माण इसी दिशा में एक कदम है, और मंत्री परमार ने आगे भी सुधार जारी रखने का संकल्प दोहराया है।
मंत्री परमार ने ईंधन बचत के संदर्भ में क्या कहा?
परमार ने ईरान-अमेरिका तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर पड़ रहे दबाव का हवाला देते हुए कहा कि PM मोदी ने ईंधन और ऊर्जा बचाने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से निजी वाहनों का उपयोग कम कर सार्वजनिक परिवहन अपनाने का आग्रह किया।
मंत्री परमार ने लाल बहादुर शास्त्री का उदाहरण क्यों दिया?
परमार ने शास्त्री जी के उस दौर का उल्लेख किया जब देश में खाद्य संकट के समय उन्होंने जनता में आत्मविश्वास जगाया और 'जय जवान, जय किसान' का नारा दिया। उन्होंने इसे वर्तमान में PM मोदी की स्वदेशी और ऊर्जा बचत की अपील से जोड़ते हुए राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश दिया।
राष्ट्र प्रेस
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