सारण पुलिस की छापेमारी: आर्केस्ट्रा समूहों से 9 नाबालिग लड़कियाँ मुक्त, 2 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के सारण जिले में पुलिस ने 14 मई 2026 को तरैया, कोपा और इसुआपुर थाना क्षेत्रों में संचालित आर्केस्ट्रा स्थलों पर सघन छापेमारी कर नौ नाबालिग लड़कियों को कथित जबरन नृत्य और शोषण से मुक्त कराया। मुक्त कराई गई लड़कियों में पश्चिम बंगाल की आठ और उत्तर प्रदेश की एक लड़की शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर तस्करी कर यहाँ लाया गया था।
अभियान की पृष्ठभूमि और विशेष टीम
अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण के आदेश पर यह विशेष अभियान चलाया गया। इस टीम में एएचटीयू प्रभारी विशाल आनंद, महिला थानाध्यक्ष नेहा कुमारी, मिशन मुक्ति फाउंडेशन के निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह तथा रेस्क्यू फाउंडेशन, दिल्ली के जाँच पदाधिकारी अक्षय पाण्डेय शामिल थे।
यह ऐसे समय में आया है जब सारण पुलिस का 'आवाज दो' अभियान महिलाओं के शोषण के विरुद्ध लगातार सक्रिय है और जनता से सूचना व सहयोग की अपील की जाती रही है।
मुख्य घटनाक्रम और गिरफ्तारियाँ
पुलिस के अनुसार, तरैया, कोपा और इसुआपुर थाना क्षेत्रों के आर्केस्ट्रा स्थलों की घेराबंदी कर छापेमारी की गई। इस दौरान जबरन प्रताड़ित कर नृत्य करवाई जा रही नौ नाबालिग लड़कियों को बरामद किया गया।
इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है — सारण के तरैया निवासी कलीम साई और पश्चिम बंगाल के 24 परगना के मंगल परवानिक। दोनों पर बाल तस्करी और शोषण के आरोप हैं। एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
व्यापक अभियान का हिसाब
गौरतलब है कि मई 2023 से अब तक चले इस विशेष अभियान में कुल 375 लड़कियों को मुक्त कराया जा चुका है। इस दौरान 51 कांड दर्ज किए गए हैं और 125 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है — जो इस क्षेत्र में मानव तस्करी की गहरी जड़ों को उजागर करता है।
यह नवीं बड़ी कार्रवाई है जो दर्शाती है कि आर्केस्ट्रा की आड़ में तस्करी का यह नेटवर्क बिहार-बंगाल-उत्तर प्रदेश के बीच सक्रिय रहा है।
आम जनता से अपील
सारण पुलिस ने 'आवाज दो' हेल्पलाइन के माध्यम से जनता से सूचना साझा करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि कोई महिला इस प्रकार के शोषण से पीड़ित है, तो वह हेल्पलाइन के ज़रिए पुलिस तक अपनी बात पहुँचा सकती है।
मुक्त कराई गई नाबालिग लड़कियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया और पुनर्वास के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंपा जा रहा है।