सारण पुलिस की छापेमारी: आर्केस्ट्रा समूहों से 9 नाबालिग लड़कियाँ मुक्त, 2 तस्कर गिरफ्तार

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सारण पुलिस की छापेमारी: आर्केस्ट्रा समूहों से 9 नाबालिग लड़कियाँ मुक्त, 2 तस्कर गिरफ्तार

सारांश

सारण पुलिस ने आर्केस्ट्रा की आड़ में चल रहे शोषण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 नाबालिग लड़कियाँ मुक्त कराईं और 2 तस्करों को दबोचा। मई 2023 से अब तक 375 लड़कियाँ मुक्त और 125 गिरफ्तार — यह आँकड़ा बताता है कि यह नेटवर्क कितना गहरा है।

मुख्य बातें

सारण पुलिस ने 14 मई 2026 को तरैया, कोपा और इसुआपुर के आर्केस्ट्रा स्थलों पर छापेमारी की।
कुल 9 नाबालिग लड़कियाँ मुक्त — पश्चिम बंगाल की 8 और उत्तर प्रदेश की 1।
गिरफ्तार आरोपी: कलीम साई (तरैया, सारण) और मंगल परवानिक (24 परगना, पश्चिम बंगाल)।
मई 2023 से अब तक 375 लड़कियाँ मुक्त, 51 कांड दर्ज, 125 आरोपी गिरफ्तार।
अभियान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और अपर पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाया गया।
'आवाज दो' हेल्पलाइन के ज़रिए जनता से सूचना साझा करने की अपील।

बिहार के सारण जिले में पुलिस ने 14 मई 2026 को तरैया, कोपा और इसुआपुर थाना क्षेत्रों में संचालित आर्केस्ट्रा स्थलों पर सघन छापेमारी कर नौ नाबालिग लड़कियों को कथित जबरन नृत्य और शोषण से मुक्त कराया। मुक्त कराई गई लड़कियों में पश्चिम बंगाल की आठ और उत्तर प्रदेश की एक लड़की शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर तस्करी कर यहाँ लाया गया था।

अभियान की पृष्ठभूमि और विशेष टीम

अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण के आदेश पर यह विशेष अभियान चलाया गया। इस टीम में एएचटीयू प्रभारी विशाल आनंद, महिला थानाध्यक्ष नेहा कुमारी, मिशन मुक्ति फाउंडेशन के निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह तथा रेस्क्यू फाउंडेशन, दिल्ली के जाँच पदाधिकारी अक्षय पाण्डेय शामिल थे।

यह ऐसे समय में आया है जब सारण पुलिस का 'आवाज दो' अभियान महिलाओं के शोषण के विरुद्ध लगातार सक्रिय है और जनता से सूचना व सहयोग की अपील की जाती रही है।

मुख्य घटनाक्रम और गिरफ्तारियाँ

पुलिस के अनुसार, तरैया, कोपा और इसुआपुर थाना क्षेत्रों के आर्केस्ट्रा स्थलों की घेराबंदी कर छापेमारी की गई। इस दौरान जबरन प्रताड़ित कर नृत्य करवाई जा रही नौ नाबालिग लड़कियों को बरामद किया गया।

इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है — सारण के तरैया निवासी कलीम साई और पश्चिम बंगाल के 24 परगना के मंगल परवानिक। दोनों पर बाल तस्करी और शोषण के आरोप हैं। एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

व्यापक अभियान का हिसाब

गौरतलब है कि मई 2023 से अब तक चले इस विशेष अभियान में कुल 375 लड़कियों को मुक्त कराया जा चुका है। इस दौरान 51 कांड दर्ज किए गए हैं और 125 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है — जो इस क्षेत्र में मानव तस्करी की गहरी जड़ों को उजागर करता है।

यह नवीं बड़ी कार्रवाई है जो दर्शाती है कि आर्केस्ट्रा की आड़ में तस्करी का यह नेटवर्क बिहार-बंगाल-उत्तर प्रदेश के बीच सक्रिय रहा है।

आम जनता से अपील

सारण पुलिस ने 'आवाज दो' हेल्पलाइन के माध्यम से जनता से सूचना साझा करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि कोई महिला इस प्रकार के शोषण से पीड़ित है, तो वह हेल्पलाइन के ज़रिए पुलिस तक अपनी बात पहुँचा सकती है।

मुक्त कराई गई नाबालिग लड़कियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया और पुनर्वास के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंपा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बंगाल और उत्तर प्रदेश के बीच संगठित रूप से चल रहा है। सवाल यह है कि इतने कांड और गिरफ्तारियों के बाद भी यह सिलसिला क्यों नहीं टूटा। जब तक तस्करी के मूल आर्थिक कारणों और भर्ती नेटवर्क पर प्रहार नहीं होता, छापेमारी राहत तो देती है, समाधान नहीं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सारण में आर्केस्ट्रा छापेमारी में क्या हुआ?
14 मई 2026 को सारण पुलिस ने तरैया, कोपा और इसुआपुर थाना क्षेत्रों के आर्केस्ट्रा स्थलों पर छापेमारी कर 9 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया। इनमें पश्चिम बंगाल की 8 और उत्तर प्रदेश की 1 लड़की शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर तस्करी कर लाया गया था।
इस मामले में कौन गिरफ्तार हुए हैं?
बाल तस्करी और शोषण के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है — सारण के तरैया निवासी कलीम साई और पश्चिम बंगाल के 24 परगना के मंगल परवानिक। एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सारण पुलिस का 'आवाज दो' अभियान क्या है?
'आवाज दो' सारण पुलिस का वह हेल्पलाइन-आधारित अभियान है जो महिलाओं के शोषण के विरुद्ध जनता से सूचना और सहयोग जुटाने के लिए चलाया जा रहा है। कोई भी पीड़ित या जानकार इस हेल्पलाइन के ज़रिए पुलिस तक सूचना पहुँचा सकता है।
मई 2023 से अब तक इस अभियान में कितनी लड़कियाँ मुक्त हुई हैं?
मई 2023 से अब तक के विशेष अभियान में कुल 375 लड़कियों को मुक्त कराया गया है, 51 कांड दर्ज किए गए हैं और 125 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इस छापेमारी अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
इस अभियान में एएचटीयू (AHTU), महिला थाना सारण, मिशन मुक्ति फाउंडेशन और रेस्क्यू फाउंडेशन दिल्ली की संयुक्त टीम शामिल थी। यह अभियान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) के निर्देश पर चलाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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