दिल्ली में मानव तस्करी रैकेट का खुलासा, एक नाबालिग सहित 8 महिलाओं को बचाया गया

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दिल्ली में मानव तस्करी रैकेट का खुलासा, एक नाबालिग सहित 8 महिलाओं को बचाया गया

सारांश

दिल्ली में मानव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने 8 महिलाओं, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है, को मुक्त कराया। पुलिस ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ, नकदी और अन्य सामान बरामद किए। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

Key Takeaways

  • दिल्ली पुलिस ने मानव तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़ किया।
  • 8 महिलाओं, जिसमें एक नाबालिग, को बचाया गया।
  • पुलिस ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और नकदी जब्त की।
  • दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
  • जांच जारी है और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली के एसएन मार्ग पर एक मानव तस्करी और अनैतिक वेश्यावृत्ति के रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने आठ महिलाओं को मुक्त कराया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। मौके से नकद, विदेशी मुद्रा, नशीले पदार्थ और शराब भी जब्त की गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन बुधवार देर रात अजमेरी गेट के एक स्थान पर किया गया था। यह कार्रवाई मानव तस्करी की गतिविधियों के बारे में मिली संवेदनशील जानकारी के आधार पर की गई।

एसीपी रिंचन ओंगमू भूटिया की देखरेख में और एसआई किरण सेठी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने क्राइम टीम, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के विशेषज्ञों और एक एनजीओ के सदस्यों के सहयोग से छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान, पुलिस को कई महिलाएं और पुरुष मिले। जांच-पड़ताल से पता चला कि यह स्थान संगठित, अनैतिक ट्रैफिकिंग और वेश्यावृत्ति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

कुल मिलाकर, आठ महिलाओं को बचाया गया, जिनमें से एक 17 वर्ष की नाबालिग थी। नाबालिग ने बताया कि उसे पश्चिम बंगाल से लाया गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे आलिया उर्फ पिंकी नाम की एक महिला दिल्ली लाई थी और बाद में उसे कुमारी और राहुल नाम के एक जोड़े को सौंप दिया गया। यह जोड़ा इस अवैध धंधे का संचालन कर रहा था।

नाबालिग ने बताया कि दो लोग, जिन्हें गोपी राम परिहार उर्फ सूरज और लुमा कांत पांडे उर्फ मोटू के नाम से जाना जाता है, मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे। वे पैसों के लेन-देन को संभालते थे और ग्राहकों से संपर्क करते थे।

पुलिस ने सात अन्य महिलाओं को भी बचाया, जिनमें से कुछ को कथित तौर पर छिपे हुए कमरों में रखा गया था, जिसके कारण पता चलता है कि उन्हें पकड़े जाने से बचाने की कोशिश की जा रही थी।

तलाशी के दौरान, पुलिस ने 1.97 लाख रुपए नकद, 118 डॉलर, नेपाली मुद्रा के नोट और अन्य विदेशी मुद्रा बरामद की। इसके अलावा, 33 ग्राम गांजा, इस्तेमाल किए गए और बिना इस्तेमाल किए गए कंडोम, और लेन-देन के रिकॉर्ड भी जब्त किए गए।

मौके से बरामद अन्य सामान में 264 बोतलें शराब, 478 बीयर के कैन, दो चाकू, दवाएं और आठ डायरियां शामिल थीं।

इस मामले में दो आरोपियों, नेपाल के रहने वाले परिहार (36) और पांडे (41), को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी कुमारी और उसका पति राहुल अभी फरार हैं।

पुलिस ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम, अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत कई एफआईआर दर्ज की गई हैं।

अधिकारियों ने कहा कि बरामद की गई चीजों से स्पष्ट होता है कि यह एक सुनियोजित अंतर-राज्यीय तस्करी नेटवर्क है, जिसमें पश्चिम बंगाल, असम और नेपाल के पीड़ित शामिल हैं। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और नेटवर्क का पूरा विस्तार जानने के लिए जांच जारी है।

मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि और अधिक पीड़ितों को बचाने और इस क्षेत्र में सक्रिय बड़े तस्करी सिंडिकेट को समाप्त करने के प्रयास जारी हैं।

Point of View

NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली पुलिस ने कब और कहाँ मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया?
दिल्ली पुलिस ने 9 अप्रैल को मध्य दिल्ली के एसएन मार्ग इलाके में मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया।
इस रैकेट से कितनी महिलाओं को बचाया गया?
इस रैकेट से कुल 8 महिलाओं को बचाया गया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
पुलिस ने मौके से क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने मौके से नकदी, विदेशी मुद्रा, नशीले पदार्थ और शराब सहित कई आपत्तिजनक सामान बरामद किया।
इस मामले में आरोपी कौन हैं?
इस मामले में दो आरोपी, गोपी राम परिहार और लुमा कांत पांडे, गिरफ्तार हुए हैं। मुख्य आरोपी कुमारी और उसका पति राहुल फरार हैं।
क्या इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई की गई है?
हाँ, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और अन्य संबंधित अधिनियमों के तहत कई एफआईआर दर्ज की हैं।
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