एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में ₹23,300 करोड़ से अधिक का घाटा, सिंगापुर एयरलाइंस का मुनाफा 57% गिरा

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एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में ₹23,300 करोड़ से अधिक का घाटा, सिंगापुर एयरलाइंस का मुनाफा 57% गिरा

सारांश

एयर इंडिया का वित्त वर्ष 2025-26 में 2.80 अरब डॉलर का घाटा सिर्फ एक एयरलाइन की कहानी नहीं — इसने सिंगापुर एयरलाइंस के मुनाफे को भी आधे से अधिक काट दिया। पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद, पश्चिम एशिया तनाव और ईंधन लागत की मार के बीच टाटा की पुनरुद्धार योजना की असली परीक्षा अभी बाकी है।

मुख्य बातें

एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में 3.56 अरब सिंगापुर डॉलर (करीब 2.80 अरब डॉलर ) का घाटा हुआ।
सिंगापुर एयरलाइंस ग्रुप का शुद्ध लाभ 57.4 प्रतिशत गिरकर 1.184 अरब SGD रहा; पिछले वर्ष यह 2.778 अरब SGD था।
समूह ने सहयोगी कंपनियों से 846 मिलियन SGD का नुकसान दर्ज किया, क्योंकि इस बार एयर इंडिया के पूरे 12 महीनों का घाटा शामिल था।
पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद और पश्चिम एशिया तनाव के चलते एयर इंडिया की कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं।
अप्रैल 2026 में भारत का अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात मार्च की तुलना में 20 प्रतिशत घटकर 28.3 लाख यात्री रहा।
सिंगापुर एयरलाइंस ने एयर इंडिया में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में 3.56 अरब सिंगापुर डॉलर (करीब 2.80 अरब डॉलर) का भारी नुकसान हुआ है — यह खुलासा सिंगापुर एयरलाइंस ग्रुप की 14 मई 2026 को जारी वार्षिक रिपोर्ट में हुआ। इस घाटे का सीधा असर सिंगापुर एयरलाइंस के समेकित मुनाफे पर पड़ा, जो 57.4 प्रतिशत गिरकर 1.184 अरब सिंगापुर डॉलर रह गया।

घाटे का पूरा हिसाब

सिंगापुर एयरलाइंस ग्रुप की एयर इंडिया में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिपोर्ट के अनुसार, समूह ने इस बार सहयोगी कंपनियों से 846 मिलियन सिंगापुर डॉलर का नुकसान दर्ज किया, जबकि पिछले वर्ष इसी मद में लाभ था। इसकी प्रमुख वजह यह रही कि इस बार एयर इंडिया के पूरे बारह महीनों का घाटा बैलेंस शीट में समाहित किया गया — पिछले वर्ष केवल नवंबर 2024 में एयर इंडिया-विस्तारा विलय के बाद के चार महीनों का प्रभाव शामिल था।

तुलना के लिए, वित्त वर्ष 2024-25 में सिंगापुर एयरलाइंस ग्रुप ने 2.778 अरब सिंगापुर डॉलर का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। उस वर्ष विलय पर मिले 1.098 अरब सिंगापुर डॉलर के एकमुश्त गैर-नकद लेखा लाभ का इस बार न होना भी गिरावट की एक बड़ी वजह रही।

एयर इंडिया की परिचालन चुनौतियाँ

घाटे में चल रही एयर इंडिया को पिछले कुछ महीनों में कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद होने और पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने एयरलाइन की पुनरुद्धार योजनाओं को गहरा झटका दिया है। इसके अतिरिक्त, जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों ने परिचालन लागत में और वृद्धि की है, जिससे वित्तीय दबाव और गहरा हुआ है।

भारतीय विमानन क्षेत्र पर व्यापक असर

नागर विमानन मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 140.8 लाख रही, जो मार्च की तुलना में 4 प्रतिशत कम है। अंतरराष्ट्रीय यातायात में गिरावट और भी तीखी रही — यात्री संख्या 20 प्रतिशत घटकर 28.3 लाख पर आ गई। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया संकट के कारण लंबी दूरी के मार्गों पर दबाव बना हुआ है।

सिंगापुर एयरलाइंस की दीर्घकालिक रणनीति

सिंगापुर एयरलाइंस ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि वह एयर इंडिया में अपनी 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी को लेकर प्रतिबद्ध है। समूह इसे अपनी मल्टी-हब रणनीति का अहम हिस्सा मानता है, जो उसे दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते विमानन बाज़ार — भारत — में सीधी उपस्थिति देता है और सिंगापुर हब को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करता है।

आगे की राह

गौरतलब है कि टाटा समूह द्वारा एयर इंडिया के अधिग्रहण के बाद से एयरलाइन व्यापक पुनरुद्धार प्रक्रिया में है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता और ईंधन लागत स्थिर नहीं होती, एयरलाइन की वित्तीय स्थिति पर दबाव बना रहेगा। आने वाली तिमाहियों में एयर इंडिया की परिचालन दक्षता और मार्ग पुनर्गठन की रफ़्तार ही यह तय करेगी कि घाटे की यह खाई कब पाटी जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या परिचालन अक्षमता का संकेत। पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद होना और पश्चिम एशिया तनाव बाहरी झटके हैं, लेकिन ईंधन लागत प्रबंधन और मार्ग अनुकूलन जैसे आंतरिक मोर्चों पर एयरलाइन की प्रगति अभी सार्वजनिक नहीं है। सिंगापुर एयरलाइंस की 'दीर्घकालिक प्रतिबद्धता' की भाषा आश्वस्त करने वाली है, पर निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि अगले दो वर्षों में घाटे की दिशा बदलती है या नहीं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में कितना घाटा हुआ?
सिंगापुर एयरलाइंस की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया को मार्च 2026 तक के 12 महीनों में 3.56 अरब सिंगापुर डॉलर (करीब 2.80 अरब डॉलर) का घाटा हुआ। यह आँकड़ा एयर इंडिया-विस्तारा विलय के बाद पहली बार पूरे वार्षिक चक्र में दर्ज किया गया है।
एयर इंडिया के घाटे का सिंगापुर एयरलाइंस पर क्या असर पड़ा?
सिंगापुर एयरलाइंस ग्रुप का शुद्ध लाभ 57.4 प्रतिशत गिरकर 1.184 अरब SGD रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 2.778 अरब SGD था। समूह ने सहयोगी कंपनियों से 846 मिलियन SGD का नुकसान दर्ज किया, जिसकी मुख्य वजह एयर इंडिया के पूरे साल के घाटे का बैलेंस शीट में समाहित होना रहा।
एयर इंडिया की उड़ानें क्यों रद्द हो रही हैं?
पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद होने और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण एयर इंडिया को कई अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। इसके साथ ही जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों ने परिचालन लागत में और वृद्धि की है।
सिंगापुर एयरलाइंस क्या एयर इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी?
नहीं — सिंगापुर एयरलाइंस ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि वह एयर इंडिया में अपनी 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखेगा। समूह इसे अपनी मल्टी-हब दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा मानता है, जो उसे भारत के तेज़ी से बढ़ते विमानन बाज़ार में सीधी उपस्थिति देता है।
अप्रैल 2026 में भारत के हवाई यातायात की क्या स्थिति रही?
नागर विमानन मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में घरेलू यात्री संख्या 140.8 लाख रही — मार्च की तुलना में 4 प्रतिशत कम। अंतरराष्ट्रीय यातायात में गिरावट और तीखी रही, जो 20 प्रतिशत घटकर 28.3 लाख यात्री रह गई।
राष्ट्र प्रेस
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