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क्या वित्त वर्ष 25 में भारतीय एयरलाइंस को हुआ भारी घाटा? एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को हुआ सबसे अधिक नुकसान

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क्या वित्त वर्ष 25 में भारतीय एयरलाइंस को हुआ भारी घाटा? एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को हुआ सबसे अधिक नुकसान

सारांश

भारतीय एयरलाइंस को वित्त वर्ष 25 में भारी घाटा हुआ है, विशेष रूप से एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को। जानिए इस संकट की जड़ें और भविष्य में क्या हो सकता है।

मुख्य बातें

वित्त वर्ष 25 में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को भारी घाटा हुआ।
इंडिगो единственная एयरलाइन है जो मुनाफा कमाने में सफल रही।
सरकार ने वित्तीय सहायता योजनाएं लागू की हैं।
एयरलाइंस को खुद वित्तीय निर्णय लेने की स्वतंत्रता है।
बाजार में वृद्धि के बावजूद वित्तीय स्थिति चिंताजनक है।

नई दिल्ली, 21 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। वित्त वर्ष 2024-25 में अधिकांश भारतीय एयरलाइंस ने घाटा दर्ज किया है और सबसे अधिक नुकसान टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को हुआ है। यह जानकारी सरकार ने गुरुवार को संसद में प्रस्तुत की।

लोकसभा में एक सवाल के लिखित उत्तर में केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि एयर इंडिया और उसकी बजट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस ने वित्तीय वर्ष में कर से पूर्व 9,568.4 करोड़ रुपए का संयुक्त घाटा रिपोर्ट किया है।

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान एयर इंडिया को 3,890.2 करोड़ रुपए का घाटा हुआ, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस को 5,678.2 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा।

अन्य एयरलाइंस जैसे अकासा एयर को कर से पूर्व 1,983.4 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था, जबकि स्पाइसजेट को 58.1 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है।

इंडिगो, जो देश की एकमात्र बड़ी एयरलाइन है, वित्त वर्ष 25 में मुनाफा कमाने में सफल रही है। इंडिगो को पिछले वित्त वर्ष में कर से पहले 7,587.5 करोड़ रुपए का लाभ हुआ।

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, एयर इंडिया पर 26,879.6 करोड़ रुपए, इंडिगो पर 67,088.4 करोड़ रुपए, एयर इंडिया एक्सप्रेस पर 617.5 करोड़ रुपए, अकासा एयर पर 78.5 करोड़ रुपए और स्पाइसजेट पर 886 करोड़ रुपए का कर्ज है।

मोहोल ने स्पष्ट किया कि 1994 में एयर कॉर्पोरेशन अधिनियम के निरस्त होने के बाद से एयरलाइनों के वित्तीय और परिचालन संबंधी निर्णय अब कंपनियां स्वयं लेती हैं, जिसमें ऋण पुनर्गठन भी शामिल है।

उन्होंने बताया कि सरकार राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति, 2016 के तहत एक अनुकूल नीतिगत माहौल बनाने में सहायक भूमिका निभाती है।

मोहोल ने उड़ान जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया, जो क्षेत्रीय मार्गों पर परिचालन करने वाली एयरलाइनों को वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं, जिससे वे अधिक लागत प्रभावी बनती हैं।

ये आंकड़े उस समय सामने आए हैं जब घरेलू विमानन बाजार में वृद्धि के बावजूद एयरलाइनों की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

मोहोल ने संसद को बताया कि पिछले महीनों के मुकाबले जुलाई में एयरलाइन क्षमता में कोई कमी नहीं आई है, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार इस क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संभावनाएं भी हैं। सरकार को चाहिए कि वह उचित नीतियों के माध्यम से इस संकट का समाधान खोजे।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर इंडिया का घाटा कितना है?
एयर इंडिया को वित्त वर्ष 25 में 3,890.2 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस को कितना नुकसान हुआ है?
एयर इंडिया एक्सप्रेस को 5,678.2 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है।
कौन सी एयरलाइन मुनाफे में रही?
इंडिगो एयरलाइन वित्त वर्ष 25 में मुनाफा कमाने में सफल रही है।
सरकार एयरलाइंस को कैसे सहायता कर रही है?
सरकार राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति के तहत सहायक भूमिका निभा रही है।
किस एयरलाइन पर सबसे ज्यादा कर्ज है?
एयर इंडिया पर 26,879.6 करोड़ रुपए का कर्ज है।
राष्ट्र प्रेस
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