डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली से सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, गोल्ड में 0.73 प्रतिशत की कमी

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डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली से सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, गोल्ड में 0.73 प्रतिशत की कमी

सारांश

इस सप्ताह वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। जानें इसके पीछे के कारण और आगामी रुझान।

मुख्य बातें

सोने की कीमत में 0.73 प्रतिशत की गिरावट आई है।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती से कीमतें प्रभावित हुई हैं।
भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश में हैं।

नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

पूरे सप्ताह के दौरान सोने की कीमतों में 0.73 प्रतिशत की गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों ने मल्टी-वीक हाई पर पहुँचने के बाद मुनाफावसूली का सहारा लिया।

शुक्रवार को एमसीएक्स पर गोल्ड फरवरी फ्यूचर्स में 0.04 प्रतिशत की गिरावट आई, वहीं एमसीएक्स सिल्वर मार्च फ्यूचर्स में 3.24 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखने को मिली। वर्तमान में सोने का फ्यूचर भाव लगभग 1,58,400 रुपए और चांदी का फ्यूचर भाव 2,59,279 रुपए प्रति किलोग्राम के आस-पास है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,58,399 रुपए प्रति 10 ग्राम थी, जो सोमवार को 1,59,568 रुपए थी। वहीं चांदी की कीमत शुक्रवार को 2,60,488 रुपए प्रति किलोग्राम रही।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीदों के चलते कीमती धातुओं की कीमतें ऊंचे स्तर पर स्थिर नहीं रह पाईं। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण सुरक्षित निवेश की मांग अभी भी सोने को समर्थन दे रही है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी हुई है, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ सकता है। इस स्थिति में सोना महंगाई से बचाव का एक सुरक्षित निवेश बनकर निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

उन्होंने बताया कि कई कमोडिटी में मुनाफावसूली और इंट्राडे उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों के आसपास बाजार में सक्रियता बनी रही।

इस बीच, अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से ईरान के करीब 90 प्रतिशत तेल का निर्यात होता है। इस घटना से ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के कारण पिछले सप्ताह सोना और चांदी की कीमतों में तेजी सीमित रही, जबकि आमतौर पर युद्ध जैसी स्थितियों में इनकी कीमतें बढ़ती हैं।

तकनीकी स्तर की बात करें तो एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1,63,000 से 1,63,200 रुपए का स्तर रेजिस्टेंस माना जा रहा है, वहीं 1,58,000 से 1,57,500 रुपए का स्तर मजबूत डिमांड जोन बना हुआ है।

वहीं एमसीएक्स सिल्वर इस सप्ताह 2,80,000 से 2,92,000 रुपए के रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिक नहीं पाया और उसमें गिरावट जारी रही। विश्लेषकों के अनुसार 2,58,000 से 2,54,000 रुपए का स्तर चांदी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट क्षेत्र है।

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-ईरान युद्ध की खबरें, अमेरिकी डॉलर की दर और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से माहौल अस्थिर बना हुआ है, जिसका असर कीमती धातुओं पर देखने को मिला।

संपादकीय दृष्टिकोण

भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोने की कीमतें क्यों गिरीं?
सोने की कीमतें अमेरिकी डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के कारण गिरीं।
क्या चांदी की कीमतें भी गिरीं?
जी हाँ, चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है।
आने वाले समय में सोने की कीमतें कैसे रहेंगी?
विश्लेषकों का मानना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण सोने की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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