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भारत: दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, घरेलू निवेशकों का बढ़ता विश्वास शेयर बाजार को मजबूती दे रहा है

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भारत: दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, घरेलू निवेशकों का बढ़ता विश्वास शेयर बाजार को मजबूती दे रहा है

सारांश

भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखा है। नए आंकड़े दर्शाते हैं कि घरेलू निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है, जिससे शेयर बाजार को मजबूती मिल रही है और अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं।

मुख्य बातें

भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत है।
घरेलू म्यूचुअल फंड का एसेट बेस 81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
2026 में भारत का वैश्विक जीडीपी में योगदान 17 प्रतिशत हो सकता है।
भारत में केवल 15 से 20 प्रतिशत परिवार शेयर बाजार में निवेश करते हैं।
घरेलू निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से बाजार में बदलाव आ रहा है।

नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार अन्य वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रही है। देश की आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ पूंजी बाजार में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखे जा रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह दर 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

जब अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाएं नीतिगत अनिश्चितताओं के कारण अपने विकास दर के अनुमान को घटा रही हैं, भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। आईएमएफ के अनुसार, यह इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि चीन की विकास दर 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

आईएमएफ ने यह भी भविष्यवाणी की है कि वर्ष के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रह सकती है, भले ही अमेरिका द्वारा लंबे समय तक टैरिफ लगाए जाने की स्थिति बनी रहे।

इस महीने की शुरुआत में आईएमएफ ने कहा था कि 2026 में वैश्विक जीडीपी वृद्धि में भारत का योगदान लगभग 17 प्रतिशत तक हो सकता है, जिससे यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

आईएमएफ की शीर्ष 10 देशों की सूची में अमेरिका का वैश्विक जीडीपी वृद्धि में लगभग 9.9 प्रतिशत योगदान रहने का अनुमान है, इसके बाद इंडोनेशिया 3.8 प्रतिशत, तुर्की 2.2 प्रतिशत, सऊदी अरब 1.7 प्रतिशत और वियतनाम 1.6 प्रतिशत योगदान दे सकते हैं। नाइजीरिया और ब्राजील का योगदान लगभग 1.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था का प्रभाव देश के पूंजी बाजार में हो रहे बड़े परिवर्तनों में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

इस बीच, घरेलू म्यूचुअल फंड उद्योग ने 2025 में अपने एसेट बेस में लगभग 14 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि की, जिससे नवंबर तक कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 81 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

वर्ष 2025 में एसआईपी (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के माध्यम से निवेश भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जहां वार्षिक योगदान 3.34 लाख करोड़ रुपये रहा। यह 2024 में 2.68 लाख करोड़ रुपये और 2023 में 1.84 लाख करोड़ रुपये था।

पहले भारतीय शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों का प्रभाव अधिक था, लेकिन अब घरेलू निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से बाजार की स्थिति में बदलाव आ रहा है।

हालांकि, इसके बावजूद भारत में केवल 15 से 20 प्रतिशत परिवार ही शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। इसके मुकाबले अमेरिका में यह भागीदारी 50 से 60 प्रतिशत तक है, जिससे पता चलता है कि भारत में घरेलू निवेश के विस्तार की अभी काफी संभावनाएं मौजूद हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि भारत की अर्थव्यवस्था अपने विकास की गति को बनाए रखते हुए न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक संकेत दे रही है। यह समय है जब हमें अपने निवेश पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की वर्तमान जीडीपी वृद्धि दर क्या है?
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
क्या भारत की अर्थव्यवस्था अन्य देशों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रही है?
हाँ, भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था है।
घरेलू म्यूचुअल फंड उद्योग की वृद्धि के आंकड़े क्या हैं?
घरेलू म्यूचुअल फंड उद्योग ने 2025 में अपने एसेट बेस में लगभग 14 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि की है।
भारत में कितने परिवार शेयर बाजार में निवेश करते हैं?
भारत में केवल 15 से 20 प्रतिशत परिवार ही शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं।
भारत का वैश्विक जीडीपी वृद्धि में योगदान क्या है?
2026 में भारत का वैश्विक जीडीपी वृद्धि में योगदान लगभग 17 प्रतिशत तक हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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