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क्या भारत की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़ों ने घरेलू शेयर बाजारों में तेजी लाई?

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क्या भारत की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़ों ने घरेलू शेयर बाजारों में तेजी लाई?

सारांश

भारत की अर्थव्यवस्था में पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वृद्धि के कारण घरेलू शेयर बाजारों में तेजी देखी जा रही है। जानिए इस रिपोर्ट में क्या-क्या महत्वपूर्ण बातें शामिल हैं।

मुख्य बातें

भारत की अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सेवा क्षेत्र का पीएमआई 62.9 पर पहुँच गया है।
आईसीआरए एनालिटिक्स ने जीएसटी सुधारों की बात की है।
विदेशी निवेशकों की निकासी बनी हुई है।
डेट म्यूचुअल फंड में भी सकारात्मक रुझान देखे गए हैं।

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक इंडीकेटर्स के कारण घरेलू शेयर बाजारों में तेजी का अनुभव किया गया है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में सालाना आधार पर 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो पिछले पांच तिमाहियों में सबसे उच्चतम वृद्धि मानी जा रही है। यह जानकारी बुधवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दी गई।

नए ऑर्डरों में तीव्र वृद्धि और मजबूत मांग के चलते, सेवा क्षेत्र का पीएमआई अगस्त 2025 में 62.9 पर पहुँच गया, जो कि 15 वर्षों का उच्चतम स्तर है।

आईसीआरए एनालिटिक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "जीएसटी काउंसिल द्वारा मौजूदा चार कर स्लैब को 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-दर संरचना में सरल बनाने और चुनिंदा विलासिता की वस्तुओं जैसे महंगी कारों, तंबाकू और सिगरेट के लिए 40 प्रतिशत का विशेष स्लैब प्रस्तावित करने से सेंटीमेंट को बल मिला।"

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में श्रम बाजार में हालिया कमजोरी का उल्लेख करते हुए ब्याज दरों में कटौती के बाद शेयर बाजारों में तेजी आई है।

हालांकि, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता और घरेलू शेयर बाजारों से विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर निकासी के कारण लाभ सीमित रह गया।

इस बीच, एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष सितंबर तक इक्विटी म्यूचुअल फंड श्रेणी में देखे गए रुझानों में, सभी श्रेणियों ने 3, 5 और 10 वर्ष की अवधि में पॉजिटिव कैटेगरी एवरेज रिटर्न दिया; स्मॉल कैप फंड ने 5 और 10 वर्ष की अवधि में अधिकतम कैटेगरी एवरेज रिटर्न प्राप्त किया। लार्ज कैप फंड ने 1 वर्ष की अवधि में लगभग 4.92 प्रतिशत का नेगेटिव कैटेगरी एवरेज रिटर्न दिया।

इसी तरह, इस महीने डेट म्यूचुअल फंड श्रेणी में भी रुझान देखे गए। क्रेडिट रिस्क फंड ने 6-वर्ष, 1-वर्ष, 3-वर्ष और 5-वर्ष की अवधि में अधिकतम औसत रिटर्न दिया। कम अवधि वाले फंड ने 1 महीने में अधिकतम औसत रिटर्न (18.57 प्रतिशत) दिया।

डेट म्यूचुअल फंड की सभी श्रेणियों ने 1, 3, 5 और 10 वर्ष की अवधि में पॉजिटिव रिटर्न दिया। इसके अलावा, क्रेडिट रिस्क फंडों ने 6-माह, 1, 3 और 5 वर्ष की अवधि में अधिकतम औसत रिटर्न प्रदान किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह रिपोर्ट घरेलू आर्थिक स्थिरता की एक महत्वपूर्ण तस्वीर पेश करती है। जबकि सकारात्मक संकेत हैं, हमें विदेशी निवेशकों की निरंतर निकासी और व्यापार वार्ता में अनिश्चितता पर भी ध्यान देना होगा।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर स्थायी है?
हालांकि इस तिमाही में वृद्धि दर सकारात्मक है, वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू चुनौतियों के कारण इसे स्थायी मानना कठिन है।
शेयर बाजारों में तेजी का क्या कारण है?
मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक इंडीकेटर्स और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती ने शेयर बाजारों में तेजी को प्रेरित किया है।
क्या विदेशी निवेशकों की निकासी का असर पड़ेगा?
जी हाँ, विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर निकासी से बाजार में अस्थिरता आ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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