भारत और चीन की जीडीपी में बढ़त, अमेरिका को पीछे छोड़ने की तैयारी
सारांश
Key Takeaways
- भारत और चीन का संयुक्त जीडीपी ग्रोथ अमेरिका को पार कर सकता है।
- आईएमएफ के अनुसार, भारत वैश्विक जीडीपी में 17%25 योगदान देगा।
- चीन की प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत से लगभग 4.76 गुना अधिक है।
- 2026 में भारत और चीन का 44%25 का संयुक्त योगदान होने की संभावना है।
- आईएमएफ ने भारत की 2025 की विकास दर 7.3%25 करने का अनुमान लगाया है।
नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने हाल ही में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर अपनी ग्लोबल रियल जीडीपी ग्रोथ 2026 रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत और चीन मिलकर जीडीपी में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए नजर आ रहे हैं। आईएमएफ के आंकड़ों के अनुसार, भारत और चीन मिलकर विश्व की 43.6 फीसदी जीडीपी ग्रोथ में योगदान देंगे।
इसके साथ ही, एशिया-पैसिफिक क्षेत्र की हिस्सेदारी कुल ग्रोथ में 50 फीसदी तक पहुँचने की संभावना है। इस रिपोर्ट में चीन का जीडीपी ग्रोथ 26.6 फीसदी और भारत का 17 फीसदी आंका गया है। आईएमएफ ने अमेरिका का 9.9 फीसदी, इंडोनेशिया का 3.8 फीसदी, तुर्किए का 2.2 फीसदी, सऊदी अरब का 1.7 फीसदी, वियतनाम का 1.6 फीसदी, नाइजीरिया का 1.5 फीसदी, ब्राजील का 1.5 फीसदी और जर्मनी का 0.9 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया है।
इसी बीच, भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "2026 में, चीन से वैश्विक रियल जीडीपी ग्रोथ में 26.6 फीसदी योगदान की उम्मीद है, जबकि भारत 17 फीसदी और जोड़ेगा। इस प्रकार, हम मिलकर वैश्विक विकास में लगभग 44 फीसदी का योगदान देंगे।"
गौरतलब है कि चीन ने 2026 के लिए अपने जीडीपी ग्रोथ का लक्ष्य 4.5 से 5 फीसदी तक रखा है, जो 1991 के बाद से सबसे कम आंकड़ा है। दूसरी ओर, भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। हालांकि, चीन और भारत के प्रति व्यक्ति जीडीपी में बड़ा फर्क है। आंकड़ों के अनुसार, चीन की प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत की तुलना में लगभग 4.76 गुना अधिक है। वर्ष 2025 के अनुमानों के अनुसार, चीन की प्रति व्यक्ति जीडीपी 13,687 डॉलर थी, जबकि भारत के लिए यह आंकड़ा 2,878 डॉलर रहा।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत के 2026 में वैश्विक वास्तविक जीडीपी वृद्धि में 17 प्रतिशत योगदान देने की उम्मीद है, जिससे यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी रहेगी।
आईएमएफ की शीर्ष 10 देशों की सूची में अन्य देशों की बात करें तो अमेरिका से वैश्विक जीडीपी वृद्धि में लगभग 9.9 प्रतिशत योगदान का अनुमान है। इसके बाद इंडोनेशिया 3.8 प्रतिशत, तुर्किए 2.2 प्रतिशत, सऊदी अरब 1.7 प्रतिशत और वियतनाम 1.6 प्रतिशत योगदान दे सकते हैं। वहीं नाइजीरिया और ब्राज़ील दोनों का योगदान लगभग 1.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
इस सूची में जर्मनी 10वें स्थान पर है और उससे वैश्विक जीडीपी वृद्धि में 0.9 प्रतिशत योगदान का अनुमान है। इसके अलावा, यूरोप के अन्य देश आईएमएफ की शीर्ष 10 सूची में शामिल नहीं हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत की 2025 की आर्थिक विकास दर का अनुमान 0.7 प्रतिशत बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट में आईएमएफ ने कहा कि यह संशोधन चालू वित्त वर्ष (जो 31 मार्च 2026 को समाप्त होगा) की चौथी तिमाही में मजबूत आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए किया गया है।
आईएमएफ के अनुसार, अगले वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की विकास दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि इसमें थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन इसके बावजूद भारत उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में विकास का प्रमुख इंजन बना रहेगा।