एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने भारत को 2-0 से हराया
सारांश
Key Takeaways
- हॉकी वर्ल्ड कप 2026 क्वालीफायर में भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन सराहनीय था।
- फाइनल में इंग्लैंड ने मजबूत खेल का प्रदर्शन किया।
- भारत ने पेनल्टी कॉर्नर के बावजूद गोल करने में असफलता का सामना किया।
- इंग्लैंड की गोलकीपर ने महत्वपूर्ण बचाव किए।
- आने वाले टूर्नामेंट में टीम की वापसी की उम्मीद है।
हैदराबाद, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 क्वालीफायर में दूसरे स्थान पर रहकर शानदार प्रदर्शन किया। शनिवार को हैदराबाद के जीएमसी बालायोगी हॉकी ग्राउंड में खेले गए फाइनल मुकाबले में, टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड की ओर से ग्रेस बाल्सडन (13वें मिनट) और एलिजाबेथ नील (43वें मिनट) ने गोल किए।
भारत ने मैच की शुरुआत आक्रामक तरीके से की। नवनीत कौर ने पहले ही दो मिनट में अपनी टीम के लिए एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। हालांकि, इंग्लैंड की गोलकीपर ने उनकी ड्रैग फ्लिक को रोक दिया। मेजबान टीम ने अपने डिफेंस को मजबूती से बनाए रखा और विरोधी टीम के क्षेत्र में भी हमला जारी रखा।
हालांकि, पहले क्वार्टर के अंत में इंग्लैंड ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली और दो मिनट शेष रहते एक पेनल्टी कॉर्नर प्राप्त किया। ग्रेस बाल्सडन ने (13वें मिनट) इस मौके का पूरा फायदा उठाया और अपनी ड्रैग फ्लिक से गोल दागते हुए इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिलाई।
दूसरे क्वार्टर में भी मुकाबला पहले क्वार्टर जैसा ही रहा। दोनों टीमों ने एक-दूसरे को ज्यादा मौके नहीं दिए। पहले हाफ में 8 बार सर्कल में घुसने के बावजूद, भारत इंग्लैंड के डिफेंस को तो चुनौती दे सका, लेकिन गोल करने में असफल रहा। हाफ टाइम तक इंग्लैंड ने अपनी एक गोल की बढ़त बनाए रखी।
बढ़त हासिल करने के बाद इंग्लैंड ने गेंद को प्रभावी ढंग से पास किया और मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। भारत को कुछ दबाव बनाने के मौके मिले, लेकिन इंग्लैंड का डिफेंस मजबूती से खड़ा रहा। अंततः, एलिजाबेथ नील (43वें मिनट) ने अपनी टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया। उनका शॉट एक भारतीय डिफेंडर से टकराकर गोल में चला गया। इस तरह, तीसरे क्वार्टर के अंत तक इंग्लैंड ने 2-0 की बढ़त बना ली। भारतीय टीम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन एक भी गोल नहीं कर सकी।