निखत जरीन कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स 2026 से बाहर, साक्षी चौधरी से 1-4 से हारीं

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निखत जरीन कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स 2026 से बाहर, साक्षी चौधरी से 1-4 से हारीं

सारांश

दो बार की विश्व चैंपियन निखत जरीन का कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स 2026 से बाहर होना भारतीय महिला मुक्केबाजी के लिए बड़ा उलटफेर है। पटियाला ट्रायल्स में साक्षी चौधरी से 1-4 की हार और उलानबटार में 0-5 की पराजय — यह सिलसिला बताता है कि शीर्ष पर बने रहना कितना मुश्किल है।

मुख्य बातें

निखत जरीन पटियाला के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में 51 किग्रा सेमीफाइनल में साक्षी चौधरी से 1-4 से हारीं।
इस हार के कारण वह ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स और जापान एशियन गेम्स 2026 दोनों से बाहर हो गई हैं।
नीतू घनघस भी युवा मुक्केबाज मीनाक्षी से हारकर टीम से बाहर हुईं।
निखत इससे पहले उलानबटार एशियन चैंपियनशिप में चीन की वू यू से 0-5 से हारकर सीधी क्वालिफिकेशन गँवा चुकी थीं।
निखत के नाम दो विश्व चैंपियनशिप गोल्ड , कॉमनवेल्थ गोल्ड और एशियन गेम्स कांस्य दर्ज हैं।

दो बार की विश्व चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स और जापान एशियन गेम्स 2026 दोनों से बाहर हो गई हैं। पटियाला के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में आयोजित राष्ट्रीय क्वालिफाइंग ट्रायल्स में महिलाओं के 51 किग्रा सेमीफाइनल में उन्हें साक्षी चौधरी ने 4-1 के फैसले से पराजित किया। यह हार 29 वर्षीय तेलंगाना की इस बॉक्सर के करियर का एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

ट्रायल्स में क्या हुआ

निखत जरीन इन दोनों प्रतिष्ठित इवेंट्स के लिए राष्ट्रीय ट्रायल्स के ज़रिये टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं। 51 किग्रा भारवर्ग के सेमीफाइनल में साक्षी चौधरी से 1-4 से हारने के बाद उनका एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स दोनों में सीधे प्रवेश का सपना टूट गया। इसी भारवर्ग में नीतू घनघस को भी युवा मुक्केबाज मीनाक्षी के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जिससे इस वर्ग में एक नई खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करेगी।

एशियन चैंपियनशिप में भी नाकाम रही थीं निखत

ट्रायल्स में हिस्सा लेने की नौबत इसलिए आई क्योंकि निखत पिछले महीने मंगोलिया के उलानबटार में हुई एशियन चैंपियनशिप में सीधी क्वालिफिकेशन नहीं पा सकी थीं। वह उस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुँची थीं, लेकिन चीन की वू यू से 0-5 के सर्वसम्मत फैसले से हार गई थीं। उस प्रतियोगिता में केवल फाइनल में पहुँचने वाले मुक्केबाजों को ही एशियन गेम्स के लिए स्वचालित प्रवेश मिला था।

करियर का सफर और मौजूदा फॉर्म

निखत जरीन के नाम दो विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण पदक, कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड और एशियन गेम्स कांस्य पदक दर्ज हैं। उनका सबसे यादगार प्रदर्शन 2023 में नई दिल्ली में हुई विश्व चैंपियनशिप में रहा, जब उन्होंने 48-50 किग्रा भारवर्ग में वियतनाम की गुयेन थी टैम को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर अपना दूसरा विश्व खिताब जीता था। गौरतलब है कि वह पिछले कुछ महीनों से खराब फॉर्म से जूझ रही हैं और हाल के समय में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रही हैं।

आगे क्या होगा

इस हार के बाद निखत जरीन आगामी अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स के लिए भारतीय टीम से बाहर रहेंगी। 51 किग्रा भारवर्ग में अब साक्षी चौधरी कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। निखत के लिए यह समय करियर में पुनर्निर्माण का दौर है, और यह देखना होगा कि वे इस चुनौती से कैसे उबरती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय महिला मुक्केबाजी में पीढ़ी-परिवर्तन का संकेत है — जहाँ साक्षी चौधरी और मीनाक्षी जैसी युवा प्रतिभाएँ स्थापित नामों को चुनौती दे रही हैं। उलानबटार में 0-5 और पटियाला में 1-4 — दोनों हारें एकतरफा रहीं, जो बताती हैं कि समस्या महज़ फॉर्म की नहीं, प्रतिस्पर्धी स्तर पर अनुकूलन की भी है। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के लिए यह परिणाम यह भी रेखांकित करता है कि ट्रायल-आधारित चयन प्रणाली विश्व चैंपियन को भी नहीं बख्शती — जो पारदर्शिता के लिहाज़ से सही है, पर अनुभवी खिलाड़ियों के प्रबंधन पर पुनर्विचार की माँग भी करता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निखत जरीन कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स 2026 से क्यों बाहर हुईं?
पटियाला में हुए राष्ट्रीय क्वालिफाइंग ट्रायल्स में 51 किग्रा सेमीफाइनल में साक्षी चौधरी ने उन्हें 1-4 से हराया, जिससे वह दोनों इवेंट्स की भारतीय टीम से बाहर हो गईं। इससे पहले वह उलानबटार एशियन चैंपियनशिप में भी सीधी क्वालिफिकेशन नहीं पा सकी थीं।
51 किग्रा भारवर्ग में अब भारत का प्रतिनिधित्व कौन करेगा?
ट्रायल्स में साक्षी चौधरी ने निखत जरीन को और मीनाक्षी ने नीतू घनघस को हराया, इसलिए इस भारवर्ग में एक नई मुक्केबाज देश का प्रतिनिधित्व करेगी।
निखत जरीन एशियन चैंपियनशिप में क्यों नहीं जीत पाईं?
मंगोलिया के उलानबटार में हुई एशियन चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में चीन की वू यू ने उन्हें 0-5 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। उस प्रतियोगिता में केवल फाइनलिस्ट को एशियन गेम्स के लिए स्वचालित प्रवेश मिला था।
निखत जरीन की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
निखत जरीन ने दो विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण पदक जीते हैं — दूसरा 2023 में नई दिल्ली में वियतनाम की गुयेन थी टैम को 5-0 से हराकर। इसके अलावा उनके नाम कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड और एशियन गेम्स कांस्य पदक भी हैं।
निखत जरीन की हालिया फॉर्म कैसी रही है?
पिछले कुछ महीनों से निखत जरीन खराब फॉर्म से जूझ रही हैं और हाल के समय में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रही हैं। उलानबटार और पटियाला — दोनों जगह एकतरफा हार ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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