मन की बात के 133वें एपिसोड पर भाजपा नेताओं ने की पीएम मोदी की तारीफ, बोले- जन कल्याण का अनूठा मंच
सारांश
Key Takeaways
- पीएम नरेंद्र मोदी ने 26 अप्रैल 2025 को 'मन की बात' के 133वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया।
- छत्तीसगढ़ में ब्लैक बक (काला हिरण) की वापसी को पीएम मोदी ने वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धि बताया।
- देश की पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावॉट से अधिक हो चुकी है — गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और राजस्थान अग्रणी राज्य हैं।
- वर्ष 2017 में बांस को पेड़ों की श्रेणी से हटाने के बाद अब इससे 'न्यू एज फाइबर' कपड़े बनाए जा रहे हैं।
- उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम सुनकर इसे जन आंदोलन बताया।
- भगवान गौतम बुद्ध के जीवन-संदेश और कच्छ के रण के फ्लेमिंगो का उल्लेख कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
नई दिल्ली, 26 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 26 अप्रैल को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 133वें एपिसोड के जरिए देशभर के नागरिकों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर देशभर के भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि यह मंच सामाजिक सद्भाव, जन कल्याण और जमीनी नायकों को पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बन चुका है।
छत्तीसगढ़ के सीएम ने ब्लैक बक संरक्षण को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विनायक सिटी में पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह के साथ 'मन की बात' सुनी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने इस एपिसोड में छत्तीसगढ़ की एक विशेष उपलब्धि का उल्लेख किया — विलुप्ति के कगार पर पहुंचे ब्लैक बक (काला हिरण) अब राज्य के मैदानों में पुनः विचरण कर रहे हैं।
सीएम साय ने इसे वन्यजीव संरक्षण नीतियों और जनजातीय समुदायों के समर्पण की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रकृति और विकास के बीच संतुलन की नीति को प्रमाणित करता है और वनवासी क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों के योगदान को रेखांकित करता है।
बांस उद्योग और 'न्यू एज फाइबर' पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 में पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने बांस को पेड़ों की श्रेणी से बाहर कर दिया, जिससे इसका व्यावसायिक उपयोग सरल हो गया। उन्होंने बताया कि अब बांस को 'न्यू एज फाइबर' के रूप में प्रयोग कर कपड़े तैयार किए जा रहे हैं, जो टेक्सटाइल उद्योग को नई ऊर्जा दे रहे हैं।
गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत में बांस की खेती और उससे जुड़े उद्योग लाखों परिवारों की आजीविका का आधार हैं। बांस को वैश्विक बाजार में स्थापित करने की यह पहल 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के अनुरूप है।
यूपी के उप-मुख्यमंत्री और मंत्री ने बताया जन आंदोलन
उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पीएम मोदी ने 'मन की बात' को कभी राजनीतिक मंच नहीं बनने दिया। उन्होंने हमेशा सकारात्मकता, सामाजिक सद्भाव और जन कल्याण को प्राथमिकता दी, जिसका समाज पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
यूपी के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम अब एक जन आंदोलन बन चुका है। देश के हर गांव और शहर में इसे सुना जाता है। उन्होंने कहा कि यह एकमात्र ऐसा मंच है जहां जमीनी नायकों की कहानियां राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचती हैं।
बिहार, असम और राजस्थान के नेताओं ने भी की सराहना
बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा ने पटना में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के साथ कार्यक्रम सुना। उन्होंने बताया कि इस एपिसोड में भगवान गौतम बुद्ध के जीवन-संदेश, कच्छ के रण में आने वाले फ्लेमिंगो पक्षियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और 56 गीगावॉट से अधिक हो चुकी देश की पवन ऊर्जा क्षमता पर विस्तार से चर्चा की गई।
असम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि पीएम मोदी ने पूर्वोत्तर के बांस उद्योग और उसकी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की बात की। राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि हर एपिसोड की तरह इस बार भी देशभर में हो रहे नवाचारों और अभियानों की जानकारी मिली।
विश्लेषण: 'मन की बात' की रणनीतिक और सामाजिक प्रासंगिकता
'मन की बात' अक्टूबर 2014 में शुरू हुआ था और 133 एपिसोड पूरे करने के साथ यह विश्व के सबसे लंबे समय तक चलने वाले सरकारी रेडियो संवाद कार्यक्रमों में से एक बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्यक्रम शासन और नागरिक के बीच की खाई को पाटने का अनूठा प्रयास है।
आने वाले महीनों में मन की बात के और एपिसोड में स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल इंडिया और स्थानीय नवाचारों पर और गहरी चर्चा की उम्मीद है, जो देश की विकास यात्रा को और व्यापक जन-समर्थन दिला सकती है।