बलूचिस्तान में बड़े हमले: BLF और BRG ने पाक सेना पर कई हमलों की जिम्मेदारी ली
सारांश
Key Takeaways
- BLF और BRG ने बलूचिस्तान के चार जिलों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर कई हमलों की जिम्मेदारी ली है।
- 22 अप्रैल को आवारान के कोलवाह-गेश्कौर इलाके में सैन्य काफिले पर हमले में 6 जवानों के मारे जाने का दावा किया गया।
- सिबी के लामजी इलाके में BRG ने एक पुलिस पोस्ट पर अस्थायी कब्जा कर हथियार और वाहन जब्त किए।
- क्वेटा-कराची राजमार्ग पर नाकाबंदी के दौरान पाकिस्तानी बलों से मुठभेड़ हुई, दोनों तरफ हताहत होने का दावा।
- BLF ने ट्रांसपोर्टरों को चेतावनी दी कि पाकिस्तानी सेना की मदद करने वालों को सीधे निशाना बनाया जाएगा।
- पाकिस्तान सरकार ने इन हमलों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
क्वेटा, 24 अप्रैल — पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी संगठनों बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) और बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर कई ताज़ा हमलों की जिम्मेदारी ली है। ये हमले आवारान, झाओ, बसीमा और सिबी जिलों में किए गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन हमलों में कई सुरक्षाकर्मियों के हताहत होने का दावा किया गया है।
आवारान और बसीमा में सैन्य काफिले पर हमला
BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने बताया कि 22 अप्रैल को आवारान जिले के कोलवाह इलाके में एक पाकिस्तानी सैन्य काफिले को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि लड़ाकों ने गेश्कौर क्षेत्र में काफिले को घेरकर रॉकेट लॉन्चर, LMG और स्नाइपर राइफलों से भीषण हमला किया, जिसमें कथित तौर पर छह सुरक्षाकर्मी मारे गए, कई घायल हुए और सैन्य वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा।
उसी दिन बसीमा पुलिस स्टेशन के बाहर फ्रंटियर कॉर्प्स की चेकपोस्ट पर हैंड ग्रेनेड से हमला किया गया। BLF के अनुसार ग्रेनेड एक वाहन के भीतर जाकर फटा, जिससे हताहत हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
झाओ में सैन्य चौकी पर हमले का दावा
BLF ने 19 अप्रैल को झाओ के गजरो सिंगीन इलाके में एक सैन्य चौकी पर हमले की जिम्मेदारी ली। संगठन के अनुसार इस हमले में भी कई सुरक्षाकर्मी मारे गए और घायल हुए।
इससे पहले 12 अप्रैल को कोहाडू इलाके में एक सैन्य शिविर पर पहले स्नाइपर हमला किया गया और फिर रॉकेट लॉन्चर व स्वचालित हथियारों से समन्वित हमला किया गया। BLF का दावा है कि इस हमले में कैंप को भारी क्षति हुई और कई जवान हताहत हुए।
सिबी में पुलिस पोस्ट पर कब्जे का दावा
BRG के प्रवक्ता दोस्तैन बलोच ने एक अलग बयान में कहा कि सिबी जिले के लामजी इलाके में एक पुलिस पोस्ट पर अस्थायी कब्जा कर हथियार, वाहन और अन्य उपकरण जब्त किए गए। उन्होंने बताया कि पकड़े गए पुलिसकर्मियों को चेतावनी देकर बाद में रिहा कर दिया गया।
इसके अलावा BRG ने क्वेटा-कराची राजमार्ग पर नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी लेने का भी दावा किया। जब पाकिस्तानी बल मौके पर पहुंचे तो दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों तरफ हताहत होने की बात कही गई है।
खरान राजमार्ग अवरोध और ट्रांसपोर्टरों को चेतावनी
14 अप्रैल को BLF ने खरान के सरावान क्षेत्र में नौरोज़ाबाद रोड को कई घंटों तक बंद रखने और वाहनों की जांच करने का दावा किया। पिछले सप्ताह भी संगठन ने इसी इलाके में एक सैन्य शिविर पर हमले और एक प्रमुख राजमार्ग को अवरुद्ध करने की जिम्मेदारी ली थी।
BLF ने ट्रांसपोर्टरों और नागरिकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जो भी पाकिस्तानी सुरक्षाबलों को लॉजिस्टिक या अन्य किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान करेगा, उसे सीधे निशाना बनाया जाएगा।
बलूचिस्तान संघर्ष: व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि बलूचिस्तान में यह हिंसा दशकों पुराने अलगाववादी संघर्ष की कड़ी है। BLF और BRG जैसे संगठन पाकिस्तान सरकार द्वारा प्रतिबंधित हैं और इस्लामाबाद इन्हें आतंकी संगठन मानता है। हालांकि ये समूह खुद को बलूच जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले बताते हैं।
विश्लेषकों के अनुसार चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के विस्तार के साथ बलूचिस्तान में तनाव बढ़ा है, क्योंकि स्थानीय बलूच समुदाय का एक वर्ग इस परियोजना को अपने संसाधनों की लूट मानता है। ग्वादर बंदरगाह और आसपास के इलाकों में चीनी निवेश के बाद से हमलों की आवृत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
पाकिस्तानी सेना और सरकार ने अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। आने वाले दिनों में पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया और बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति पर दुनिया की नज़र बनी रहेगी।