6 जुलाई 2026
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PM मोदी का तीन देशों का दौरा शुरू: इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में आर्थिक-रणनीतिक साझेदारी होगी मज़बूत

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PM मोदी का तीन देशों का दौरा शुरू: इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में आर्थिक-रणनीतिक साझेदारी होगी मज़बूत

सारांश

PM मोदी का यह दौरा महज़ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं — यह इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती रणनीतिक पहुँच का ठोस संकेत है। इंडोनेशिया में प्रम्बानन से लेकर न्यूजीलैंड में मुक्त व्यापार तक, यह यात्रा एक्ट ईस्ट पॉलिसी को नई धार देती है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 6 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की छह दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए।
पहला पड़ाव इंडोनेशिया ( 6-8 जुलाई ): राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्टो से मुलाकात और प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा।
दूसरा पड़ाव मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया : PM एंथनी अल्बनीज के साथ रक्षा, तकनीक और शिक्षा पर वार्ता।
तीसरा पड़ाव ऑकलैंड, न्यूजीलैंड : PM क्रिस्टोफर लक्सन से मुलाकात; मुक्त व्यापार समझौते पर आगे की चर्चा।
यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और स्वतंत्र एवं खुले हिंद-प्रशांत के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 6 जुलाई 2026 को नई दिल्ली से इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की छह दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए। रवानगी से पूर्व उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरे का मूल उद्देश्य इन तीनों प्रमुख विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई ऊँचाई देना तथा भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों का विस्तार करना है।

दौरे का कार्यक्रम और मुख्य पड़ाव

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा 6 से 11 जुलाई 2026 तक चलेगी। पहले चरण में वे 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे — इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्टो के निमंत्रण पर। इसके बाद वे मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया जाएंगे, जहाँ प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने उन्हें आमंत्रित किया है। अंतिम पड़ाव ऑकलैंड, न्यूजीलैंड होगा, जहाँ प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन से द्विपक्षीय वार्ता होगी।

इंडोनेशिया: सांस्कृतिक और रणनीतिक गहराई

मोदी ने एक्स पर साझा किए अपने लेख में लिखा कि 2018 में उनके पहले इंडोनेशिया दौरे के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक पहुँचाया था। यह यात्रा राष्ट्रपति प्रबोवो के 26 जनवरी 2025 के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत आने के बाद पहली द्विपक्षीय भेंट होगी। इस दौरे में मोदी योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे और इंडोनेशिया में भारतीय प्रवासी समुदाय से संवाद करेंगे — जो दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है।

ऑस्ट्रेलिया: रक्षा, तकनीक और शिक्षा पर ज़ोर

मेलबर्न में प्रधानमंत्री अल्बनीज के साथ वार्ता में रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, शिक्षा और मोबिलिटी तथा उभरती तकनीक एवं स्पोर्ट्स साइंस के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। मोदी ने रेखांकित किया कि भारतीय डायस्पोरा दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी का एक अनिवार्य स्तंभ है।

न्यूजीलैंड: मुक्त व्यापार और समुदाय संवाद

ऑकलैंड में प्रधानमंत्री लक्सन के साथ वार्ता मार्च 2025 में लक्सन की भारत यात्रा के बाद आई गति को और तेज़ करेगी। दोनों देश पहले ही मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर आपसी वाणिज्यिक संबंधों को मज़बूत करने का संकल्प ले चुके हैं। मोदी ने कहा कि वे न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के एक बड़े समूह को संबोधित करने के लिए उत्सुक हैं।

एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक दृष्टिकोण

मोदी ने इस यात्रा को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर विजन से जोड़ते हुए कहा कि पूर्वी और दक्षिणी हिंद महासागर में क्रमशः इंडोनेशिया व ऑस्ट्रेलिया की यात्रा, और उसके बाद न्यूजीलैंड का दौरा, एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के प्रति भारत के दृष्टिकोण को और सुदृढ़ करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक भू-राजनीतिक पुनर्संरेखण के बीच इंडो-पैसिफिक में अपनी उपस्थिति को व्यापक बना रहा है। गौरतलब है कि यह तीनों देश क्वाड और व्यापक इंडो-पैसिफिक रणनीति में भारत के प्रमुख साझेदार हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी किन तीन देशों के दौरे पर गए हैं और कब?
PM नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई 2026 तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं। यह यात्रा तीनों देशों के शासनाध्यक्षों के निमंत्रण पर आयोजित की गई है।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मोदी ने कहा कि इस यात्रा का मकसद इन प्रमुख विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों का विस्तार करना है। यह दौरा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक दृष्टिकोण को भी मज़बूती देगा।
PM मोदी इंडोनेशिया में क्या करेंगे?
मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे, जहाँ वे राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्टो से मिलेंगे और योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे। वे इंडोनेशिया में भारतीय प्रवासी समुदाय से भी संवाद करेंगे।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते की क्या स्थिति है?
दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर आपसी वाणिज्यिक संबंधों को मज़बूत करने का वादा कर चुके हैं। ऑकलैंड दौरे में PM मोदी और PM क्रिस्टोफर लक्सन इस समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
यह दौरा भारत की विदेश नीति के लिए क्यों अहम है?
यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर विजन को व्यावहारिक रूप देती है। तीनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत के प्रमुख रणनीतिक साझेदार हैं और यह दौरा एक स्वतंत्र एवं खुले हिंद-प्रशांत के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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