पीएम मोदी का जुलाई में ऑस्ट्रेलिया दौरा तय! मेलबर्न में 35,000 भारतीयों को करेंगे संबोधित

Click to start listening
पीएम मोदी का जुलाई में ऑस्ट्रेलिया दौरा तय! मेलबर्न में 35,000 भारतीयों को करेंगे संबोधित

सारांश

पीएम मोदी जुलाई 9-10 को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएंगे। सिडनी में राजनयिक और मेलबर्न में 35,000 क्षमता वाले वेन्यू में भारतीय समुदाय को संबोधित करने की योजना है। ऑस्ट्रेलिया-भारत व्यापार परिषद की 40वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

Key Takeaways

  • पीएम मोदी के 9-10 जुलाई 2025 को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने की संभावना है।
  • यह इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड (7-8 जुलाई) के बाद उनके बहुदेशीय दौरे का तीसरा पड़ाव होगा।
  • मेलबर्न में 35,000 से अधिक क्षमता वाले इनडोर वेन्यू में भारतीय समुदाय को संबोधित करने की योजना है।
  • ऑस्ट्रेलिया-भारत व्यापार परिषद अपनी 40वीं वर्षगांठ पर मोदी के साथ विशेष कार्यक्रम आयोजित करना चाहती है।
  • मोदी इससे पहले मई 2023 में क्वाड लीडर्स समिट के लिए सिडनी गए थे।
  • सिडनी में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के साथ आधिकारिक राजनयिक कार्यक्रम प्रस्तावित है।

कैनबरा/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई 2025 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर जाने वाले हैं। यह यात्रा उनके बहुदेशीय क्षेत्रीय दौरे का अहम हिस्सा होगी, जिसमें वे क्रमशः इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया जाएंगे। ऑस्ट्रेलियाई सरकारी और कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी है।

दौरे का पूरा कार्यक्रम और तारीखें

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले इंडोनेशिया का दौरा करेंगे। इसके बाद 7 और 8 जुलाई को वे न्यूजीलैंड में रहेंगे। फिर 9 और 10 जुलाई को उनके ऑस्ट्रेलिया पहुंचने की संभावना है।

'द ऑस्ट्रेलिया टुडे' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान सिडनी और मेलबर्न — दोनों प्रमुख शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ का कार्यालय सिडनी में एक आधिकारिक राजनयिक कार्यक्रम आयोजित करने के पक्ष में है।

मेलबर्न में भारतीय समुदाय के लिए विशाल आयोजन

भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करने वाला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम मेलबर्न में होने की अधिक संभावना है। इसके लिए दो बड़े इनडोर स्थलों का निरीक्षण किया जा चुका है — एक की क्षमता लगभग 14,000 और दूसरे की 35,000 से अधिक लोगों की है।

जुलाई में मेलबर्न का मौसम ठंडा रहता है, इसलिए इनडोर स्थल अधिक उपयुक्त माने जा रहे हैं। दोनों वेन्यू में छत और पर्याप्त सुविधाएं मौजूद हैं, जो इतने बड़े आयोजन के लिए जरूरी हैं।

व्यापारिक और सामुदायिक संगठनों में उत्साह

ऑस्ट्रेलिया-भारत व्यापार परिषद, जो इस वर्ष अपनी 40वीं वर्षगांठ मना रही है, पीएम मोदी के साथ एक विशेष कार्यक्रम की मेजबानी के लिए प्रयासरत है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फ़ोरम भी एक उच्चस्तरीय व्यावसायिक बैठक आयोजित करने की कोशिश में है।

सूत्रों के अनुसार, इन दोनों में से किसी एक संगठन को ही आधिकारिक कार्यक्रम की मेजबानी का अवसर मिलेगा और इस पर बातचीत अभी जारी है।

2023 की यात्रा से तुलना और ऐतिहासिक संदर्भ

उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी इससे पहले मई 2023 में सिडनी गए थे, जहां उन्होंने 'क्वाड लीडर्स समिट' में भाग लिया था। उस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी और भारतीय समुदाय को संबोधित किया था।

उस यात्रा में कई ऐतिहासिक समझौते हुए थे, जिनमें माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप अरेंजमेंट (एमएमपीए), ग्रीन हाइड्रोजन टास्कफोर्स के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस, तथा ब्रिस्बेन में भारतीय वाणिज्य दूतावास और बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलियाई वाणिज्य दूतावास खोलने की घोषणाएं शामिल थीं।

ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के विदेश मामलों के पत्रकार स्टीफन ज़ीज़िक ने भी इस संभावित दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया आने वाले वैश्विक नेताओं की एक मजबूत श्रृंखला का हिस्सा बनेगी।

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर असर

यह दौरा ऐसे समय में प्रस्तावित है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक, आर्थिक और प्रवासी भारतीयों से जुड़े संबंध तेजी से प्रगाढ़ हो रहे हैं। दोनों देश क्वाड के सदस्य हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा हितों को लेकर नजदीकी बढ़ा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा देगी और द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, कौशल विकास तथा ऊर्जा सहयोग के क्षेत्रों में नए समझौतों की राह खोल सकती है। जुलाई में इस दौरे की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

Point of View

तब मोदी इंडो-पैसिफिक में अपने रणनीतिक साझेदारों को और मजबूत करने निकल रहे हैं — यह 'नेबरहुड फर्स्ट' से 'इंडो-पैसिफिक फर्स्ट' की ओर बदलाव की झलक है। 35,000 की क्षमता वाले वेन्यू का चुनाव यह भी बताता है कि प्रवासी भारतीय अब केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि भारत की सॉफ्ट पावर का सबसे बड़ा हथियार बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया-भारत व्यापार परिषद की 40वीं वर्षगांठ और सीईओ फोरम की मेजबानी की होड़ यह दर्शाती है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध अब एक नए स्तर पर पहुंचने को तैयार हैं।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया कब जाएंगे?
पीएम मोदी के 9 और 10 जुलाई 2025 को ऑस्ट्रेलिया पहुंचने की संभावना है। यह उनके बहुदेशीय दौरे का हिस्सा होगा जिसमें इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड भी शामिल हैं।
मोदी ऑस्ट्रेलिया में कहां-कहां जाएंगे?
मोदी सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के साथ आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। मेलबर्न में भारतीय समुदाय के लिए एक बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित होने की उम्मीद है।
मेलबर्न में भारतीय समुदाय कार्यक्रम के लिए कौन सा वेन्यू चुना जाएगा?
मेलबर्न के दो इनडोर वेन्यू का निरीक्षण हो चुका है — एक की क्षमता 14,000 और दूसरे की 35,000 से अधिक लोगों की है। जुलाई के ठंडे मौसम को देखते हुए इनडोर स्थल उपयुक्त माने जा रहे हैं।
मोदी इससे पहले ऑस्ट्रेलिया कब गए थे?
पीएम मोदी मई 2023 में सिडनी गए थे, जहां उन्होंने क्वाड लीडर्स समिट में भाग लिया था। उस दौरान एमएमपीए और ग्रीन हाइड्रोजन टास्कफोर्स समेत कई अहम समझौते हुए थे।
इस दौरे से भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा सहयोग और प्रवासी संबंधों को मजबूत करेगा। ऑस्ट्रेलिया-भारत व्यापार परिषद और सीईओ फोरम के साथ उच्चस्तरीय बैठकें नए आर्थिक समझौतों की जमीन तैयार कर सकती हैं।
Nation Press